- अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा कि अमेरिका ने ईरान के खिलाफ कई तरीकों से जीत हासिल की है
- ट्रंप ने बताया कि अमेरिकी सैन्य अधिकारियों को ईरान के जहाजों को डूबाने में मजा आ रहा है
- उन्होंने कहा कि अमेरिका और इजराइल मिलकर ईरान की ड्रोन और मिसाइल क्षमताओं को पूरी तरह खत्म कर रहे हैं
अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने एक ऐसा बयान दिया है जिसे आलोचक अमानवीय बता रहे हैं. एक तरफ तो ट्रंप का कहना है कि अमेरिका ने ईरान के खिलाफ कई मायनों में जीत हासिल की है. तो दूसरी तरफ वो बता रहे हैं कि उनके सैन्य अधिकारियों को ईरान की जहाजों को डूबोने में मजा आ रहा है. उन्होंने कहा कि अमेरिका ईरान के खिलाफ “अंतिम जीत” हासिल करने के लिए और ज्यादा मजबूती से आगे बढ़ेगा, ताकि इस लंबे समय से चले आ रहे खतरे को हमेशा के लिए खत्म किया जा सके.
ट्रंप ने क्या कहा है?
रिपब्लिकन मेंबर्स इश्यूज कॉन्फ्रेंस में बोलते हुए ट्रंप ने कहा, “हमने कई तरीकों से जीत हासिल की है, लेकिन अभी उतनी जीत नहीं मिली है जितनी चाहिए. हम पहले से ज्यादा दृढ़ संकल्प के साथ आगे बढ़ रहे हैं, ताकि अंतिम जीत हासिल कर सकें और इस लंबे खतरे को हमेशा के लिए खत्म कर सकें.” उन्होंने यह भी कहा कि जब यह सैन्य अभियान खत्म हो जाएगा तो दुनिया बहुत ज्यादा सुरक्षित हो जाएगी, और यह अभियान काफी जल्दी खत्म होने वाला है.
ट्रंप ने आगे कहा कि इजराइल के साथ मिलकर ईरान को तकनीकी क्षमता और सैन्य ताकत के दम पर बुरी तरह दबाया जा रहा है.
ईरान पर अमेरिका के हमलों के बारे में ट्रंप ने कहा, “अगर हम हमला नहीं करते तो वे (ईरान) हम पर हमला कर देते. एक हफ्ते के भीतर वे 100 प्रतिशत हम पर हमला करने वाले थे. वे पूरी तरह तैयार थे. उनके पास उससे कहीं ज्यादा मिसाइलें थीं जितना लोगों ने सोचा था, और वे हम पर हमला करने वाले थे. वे पूरे मिडिल ईस्ट और इजराइल पर हमला करने वाले थे. अगर उनके पास परमाणु हथियार होता, तो वे उसे इजरायल पर इस्तेमाल कर देते. यह एक बड़ा हमला होने वाला था.”
उन्होंने कहा कि ईरान के पास कई मिसाइल ठिकाने और लॉन्चर थे, जिनमें से लगभग 80 प्रतिशत को अमेरिका ने नष्ट कर दिया है. उन्होंने कहा कि अब ईरान के पास बहुत कम लॉन्चर बचे हैं और अमेरिकी सेना ने जो किया है वह अद्भुत है.
ट्रंप का यह बयान ऐसे समय आया है जब मिडिल ईस्ट में तनाव लगातार बढ़ रहा है. क्षेत्र में ईरान, अमेरिका और इजराइल के बीच सैन्य कार्रवाई और जवाबी हमले तेज हो गए हैं. यह स्थिति तब और बिगड़ गई जब 86 वर्षीय ईरान के सुप्रीम लीडर अयातुल्ला अली खामेनेई की 28 फरवरी को अमेरिका और इजरायल के संयुक्त सैन्य हमलों में मौत हो गई. इन हमलों में ईरान के कई वरिष्ठ नेता भी मारे गए. ईरान ने अली खामेनेई के बेटे मुजतबा खामेनेई को नया सुप्रीम लीडर बनाया है और कई अरब देशों में मौजूद अमेरिकी सैन्य ठिकानों और क्षेत्र में इजराइल से जुड़े ठिकानों पर जवाबी हमले किए हैं.
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