विज्ञापन

अमेरिका-ईरान जंग का असर: कच्चा तेल 100 डॉलर/बैरल पार, स्ट्रेट ऑफ होर्मुज पर फंसे हैं 20,000 से ज्यादा नाविक

IMO के मुताबिक, युद्ध शुरू होने के बाद अब तक फारस की खाड़ी और होर्मुज जलडमरूमध्य के आसपास जहाजों पर 29 हमले हुए हैं, जिसमें कम से कम 10 नाविकों की मौत हुई है और कई जहाजों को काफी नुकसान पहुंचा है.

अमेरिका-ईरान जंग का असर: कच्चा तेल 100 डॉलर/बैरल पार, स्ट्रेट ऑफ होर्मुज पर फंसे हैं 20,000 से ज्यादा नाविक
  • अमेरिकी और ईरानी सैनिकों ने स्ट्रेट ऑफ होर्मुज पर 7 और 8 मई की मध्यरात्रि को कई बार ड्रोन और मिसाइल हमले किए
  • दुबई से यमन जा रहा भारतीय ध्वज वाला जहाज अल फैज़ नूर स्ट्रेट ऑफ होर्मुज में ड्रोन हमले के बाद डूब गया
  • IMO के अनुसार, खाड़ी में पिछले 69 दिनों से लगभग 1600 जहाज और 22,000 नाविक फंसे हुए हैं, जो एक गंभीर संकट है
क्या हमारी AI समरी आपके लिए उपयोगी रही?
हमें बताएं।
नई दिल्ली:

अमेरिकी और ईरानी सैनिकों ने स्ट्रेट ऑफ होर्मुज पर 7 और 8 मई की मध्यरात्रि को एक दूसरे पर ड्रोन और मिसाइलों के जरिये कई बार हमला किया. इस हमले के दौरान दुबई से यमन की ओर जा रहा एक भारतीय ध्वज वाला जहाज 'अल फैज़ नूर सुलेमानी' थाइस इसकी चपेट में आ गया और स्ट्रेट ऑफ़ होर्मुज़ में डूब गया.

उपलब्ध जानकारी के अनुसार, 8 मई को मध्यरात्रि में भारतीय समयानुसार लगभग 2.30 बजे एक ड्रोन ने जहाज पर हमला किया. उस समय 3 अमेरिकी युद्धपोत जलडमरूमध्य को पार कर रहे थे.

अमेरिका और ईरान के बीच बढ़ते टकराव की वजह से स्ट्रेट ऑफ़ होर्मुज़ पर तनाव काफी ज़्यादा बढ़ गया है. इसकी वजह से अंतररष्ट्रीय तेल बाजार में अनिश्चितता और उथल-पुथल काफी बढ़ गयी है. शनिवार को ब्रेंट ऑयल फ्यूचर्स की कीमत ट्रेडिंग के दौरान बढ़कर 102.92 डॉलर प्रति बैरल तक पहुंच गया.

ग्लोबल शिपिंग नेटवर्क्स के मुताबिक, स्ट्रेट ऑफ़ होर्मुज़ में अब भी करीब 1600 कार्गो जहाज़ फंसे हुए हैं, जिन पर करीब 22,000 नाविक सवार हैं.

Latest and Breaking News on NDTV

Photo Credit: ChatGPT

संयुक्त राष्ट्र की संस्था International Maritime Organization (IMO) के Maritime Safety Division के निदेशक डेमियन शेवेलियर ने सीएनएन को दिए एक इंटरव्यू में स्ट्रेट ऑफ़ होर्मुज़ में पिछले 69 दिनों से फंसे हुए कार्गो जहाज़ों के संकट को एक अभूतपूर्व स्थिति करार दिया है. उनके मुताबिक, खाड़ी में लगभग दस सप्ताह से लगभग 20,000 नाविक फंसे हुए हैं. यह एक मानवीय संकट है. IMO ने पहले कभी ऐसी स्थिति का सामना नहीं किया है.

IMO के मुताबिक, युद्ध शुरू होने के बाद अब तक फारस की खाड़ी और होर्मुज जलडमरूमध्य के आसपास जहाजों पर 29 हमले हुए हैं, जिसमें कम से कम 10 नाविकों की मौत हुई है और कई जहाजों को काफी नुकसान पहुंचा है.

चुनौती भारत सरकार के सामने भी बड़ी हो रही है. शिपिंग मंत्रालय के मुताबिक, स्ट्रेट ऑफ़ होर्मुज़ में फंसे भारतीय ध्वज वाले कार्गो जहाज़ों को लेकर अनिश्चितता बनी हुई है.

28 फरवरी को युद्ध शुरु होने के बाद अब तक 11 कार्गो जहाज़ भारत के लिए गुड्स लेकर होर्मुज जलडमरूमध्य को पार कर चुके हैं. लेकिन स्ट्रेट ऑफ़ होर्मुज़ में अब भी भारतीय ध्वज वाले 13 जहाज फंसे हुए हैं, और SCI के स्वामित्व वाला एक भारतीय जहाज - एलएनजीसी दिशा भी फंसा हुआ है. इनमें 3 बड़े ऑयल टैंकर हैं और एक बड़ा LPG टैंकर है.

इसे भी पढ़ें: भारतीय जहाज पर 7-8 मई की रात ढाई बजे स्ट्रेट ऑफ होर्मुज में अचानक कैसे हुआ ड्रोन हमला, जानिए सारी डिटेल

NDTV.in पर ताज़ातरीन ख़बरों को ट्रैक करें, व देश के कोने-कोने से और दुनियाभर से न्यूज़ अपडेट पाएं

फॉलो करे:
Listen to the latest songs, only on JioSaavn.com