- अमेरिकी सर्वे में दो-तिहाई लोगों ने ईरान युद्ध में अमेरिका की भागीदारी जल्दी खत्म करने की मांग की है
- ट्रंप की रिपब्लिकन पार्टी के समर्थकों में भी युद्ध को जल्दी खत्म करने को लेकर मतभेद देखे गए हैं
- 60 प्रतिशत अमेरिकी ईरान पर अमेरिकी सैन्य हमलों का समर्थन नहीं करते जबकि 35 प्रतिशत ने समर्थन जताया है
US Iran War and Donald Trump Politics: ईरान के खिलाफ जंग जीतकर अमेरिका की राजनीति और इसके इतिहास में नाम दर्ज कराने का सपना देखने वाले राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के लिए यह फैसला बैकफायर करता दिख रहा है. भले ट्रंप दुनिया के सामने दावा कर रहे हैं कि उनकी सरकार और सेना ने अपने लक्ष्य पूरे कर लिए हैं लेकिन ईरान के इस्लामिक गणतंत्र का पूरा तानाबाना अभी भी खड़ा है. ऐसे में ट्रंप के लिए घर के अंदर से भी एक बुरी खबर आई है. एक सर्वे के अनुसार लगभग दो-तिहाई अमेरिकी मानते हैं कि अमेरिका को ईरान के साथ चल रहे युद्ध में अपनी भागीदारी जल्दी खत्म करने की कोशिश करनी चाहिए, भले डोनाल्ड ट्रंप की सरकार ने जो लक्ष्य तय किए थे वे पूरे न हुए हों.
न्यूज एजेंसी रॉयटर्स और सर्वे कंपनी Ipsos के एक सर्वे में यह बात सामने आई. यह सर्वे शुक्रवार से रविवार के बीच किया गया था.
सर्वे में क्या पता चला है?
सर्वे में शामिल लोगों में से 66 प्रतिशत ने कहा कि अमेरिका को इस युद्ध में अपनी भागीदारी जल्दी खत्म करने की कोशिश करनी चाहिए. वहीं 27 प्रतिशत लोगों ने कहा कि अमेरिका को अपने सभी लक्ष्यों को हासिल करने की कोशिश करनी चाहिए, चाहे इसके लिए युद्ध लंबे समय तक क्यों न चले. करीब 6 प्रतिशत लोगों ने इस सवाल का जवाब नहीं दिया.
क्यों परेशान है अमेरिका के लोग
सर्वे में कुल 1,021 लोगों से सवाल किए गए. इनमें से 60 प्रतिशत लोगों ने कहा कि वे अमेरिका द्वारा ईरान पर किए गए सैन्य हमलों को सही नहीं मानते. वहीं 35 प्रतिशत लोगों ने इन हमलों का समर्थन किया. अमेरिका में इस युद्ध का एक बड़ा असर पेट्रोल की बढ़ती कीमतों के रूप में दिखाई दे रहा है. सोमवार को पेट्रोल की कीमत तीन साल से ज्यादा समय में पहली बार 4 डॉलर प्रति गैलन से ऊपर चली गई.
ट्रंप की रिपब्लिकन पार्टी को नवंबर में होने वाले मध्यावधि चुनावों में मतदाताओं का सामना करना होगा. इन चुनावों से तय होगा कि पार्टी अमेरिकी संसद के दोनों सदनों- प्रतिनिधि सभा और सीनेट- में अपनी छोटी बढ़त बनाए रख पाती है या नहीं. आमतौर पर मध्यावधि चुनावों में मौजूदा राष्ट्रपति की पार्टी को संसद में सीटों का नुकसान उठाना पड़ता है. सर्वे में शामिल आधे से ज्यादा लोगों का मानना है कि यह युद्ध उनकी व्यक्तिगत आर्थिक स्थिति पर ज्यादातर नकारात्मक असर डालेगा. इनमें सर्वे में शामिल 39 प्रतिशत रिपब्लिकन समर्थक भी थे.
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