- अमेरिका और ईरान के बीच दो सप्ताह का अस्थाई सीजफायर चल रहा है, लेकिन होर्मुज जलडमरूमध्य में तनाव बना हुआ है
- ईरानी नौसेना ने अमेरिकी युद्धपोत को होर्मुज में प्रवेश के बाद वापस लौटने की चेतावनी देते हुए वीडियो जारी किया
- ईरानी सैनिकों ने USS फ्रैंक ई पीटरसन को रास्ता बदलने को कहा और बिना चेतावनी के हमला करने की धमकी दी
US Iran War and crisis in strait of Hormuz: अमेरिका और ईरान के बीच भले अभी 2 हफ्ते का अस्थाई सीजफायर चल रहा है लेकिन इस समय होर्मुज का समुद्री रास्ते में तनाव चरम पर है. ऐसा लगता है कि किसी भी तरफ की सेना ने अगर एक बार सीमा लांघ दी तो समंदर में तबाही आ जाएगी. इसका सबूत एक बार फिर सामने आया है कि स्थिति कितनी नाजुक बनी हुई है. ईरान की सरकारी मीडिया ने एक वीडियो जारी किया है, जिसमें कथित तौर से दिख रहा है कि कैसे ईरानी नौसेना ने अमेरिकी नौसेना के एक युद्धपोत को होर्मुज में घुसने के बाद वापस लौटने की चेतावनी दी.
वीडियो में क्या दावा किया जा रहा?
शनिवार को अमेरिका ने कहा कि उसके दो मिसाइल वाले युद्धपोत, USS फ्रैंक ई पीटरसन जूनियर और USS माइकल मर्फी, होर्मुज से गुजरे हैं. यह समुद्री रास्ता फरवरी में जंग शुरू होने के बाद से ईरान ने लगभग बंद कर रखा है. अमेरिका ने कहा कि उसने यह दो युद्धपोत ईरान द्वारा बिछाई गई समुद्री माइंस (बारूदी सुरंग) हटाने के लिए भेजे थे. लेकिन तेहरान ने इस दावे को गलत बताया है.
अब ईरान के सरकारी चैनल IRIB ने एक्स पर एक वीडियो डाला है. इसमें इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स के “सेपाह” के जवान USS फ्रैंक ई पीटरसन को रास्ता बदलने और वापस जाने के लिए कहते दिख रहे हैं. वीडियो में ईरानी नौसेना का एक सदस्य कहता सुना गया, “नौसेना युद्धपोत 121, यह सेपाह नौसेना स्टेशन है. आपको तुरंत रास्ता बदलकर हिंद महासागर में वापस जाना होगा. अगर आपने आदेश नहीं माना, तो आपको निशाना बनाया जाएगा.”
We do not hesitate for even a moment in defending our country.
— Iran Embassy SA (@IraninSA) April 12, 2026
The scene of a U.S. destroyer fleeing the Strait of Hormuz. pic.twitter.com/WkNTqLNmQi
ईरानी मीडिया ने कहा कि इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स से सामना होने के बाद यह अमेरिकी जहाज वापस मुड़ गया. दावा किया गया कि ईरान ने उनकी तरफ एक ड्रोन भी भेजा था. यह घटना उस समय हुई जब अमेरिका और ईरान के प्रतिनिधि इस्लामाबाद में बातचीत कर रहे थे. यह बातचीत रविवार सुबह तक चली, लेकिन कोई हल नहीं निकला.
वहीं अमेरिकी सेंट्रल कमांड ने शनिवार को था कहा कि उसने होर्मुज में माइंस हटाने की तैयारी शुरू कर दी है और उसके दो युद्धपोत वहां काम कर रहे हैं. उसने कहा कि USS फ्रैंक ई पीटरसन और USS माइकल मर्फी इस मिशन का हिस्सा हैं, जिसका मकसद होर्मुज को पूरी तरह सुरक्षित बनाना है.
गौरतलब है कि 28 फरवरी से शुरू हुए युद्ध के बाद से ईरान ने इस रास्ते पर नियंत्रण दिखाया है, जहां से दुनिया का लगभग पांचवां हिस्सा तेल और गैस गुजरता है. ईरानी सेना ने समय-समय पर फारस की खाड़ी के आसपास जहाजों पर हमले भी किए हैं और रिपोर्ट के अनुसार, जहाजों को रोकने के लिए समुद्र में माइंस भी बिछाई हैं.
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