- अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप ने भारत समेत सभी देशों से इंपोर्ट पर टैरिफ 15 % करने का ऐलान किया है
- भारत-अमेरिका के बीच व्यापारिक टैरिफ में 2025 से लगातार उतार-चढ़ाव और कई बार परिवर्तन देखने को मिले हैं
- ट्रंप ने भारत पर रूस से तेल खरीद को लेकर 25 प्रतिशत अतिरिक्त टैरिफ लगाया था, जिससे कुल टैरिफ 50 प्रतिशत हुआ था
भारत-अमेरिका के बीच टैरिफ वॉर जैसे थम ही नहीं रहा. कभी टैरिफ घटता है तो कभी एकदम से बढ़ जाता है. समझ ही नहीं आ रहा कि ये हो क्या रहा है. अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने सभी देशों पर इंपोर्ट पर शुल्क बढ़ाकर 15 प्रतिशत करने का ऐलान कर दिया है. वो भी ऐसा समय में, जब अमेरिकी सुप्रीम कोर्ट ने इस तरह से टैरिफ लगाने को अवैध बताया है. हालांकि अदालत के इस फैसले का ट्रंप पर कोई असर नहीं पड़ रहा. उल्टा उन्होंने पहले 10 प्रतिशत का ग्लोबल टैरिफ लगाया, जिसे बढ़ाकर 15 प्रतिशत कर दिया. इसका असर भारत पर भी बखूबी पड़ेगा. ट्रंप का फैसला भारत के लिए एक तरफ राहत तो दूसरी तरफ चिंता लेकर आया है. अमेरिका ने कभी 26 तो कभी 50 और अब 15 फीसदी टैरिफ वाला बम फोड़ा है.
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ट्रंप ने 21 फरवरी, शनिवार को ऐलान किया कि अमेरिका अब भारत समेत अन्य देशों के आयात पर 15 प्रतिशत टैरिफ लगाएगा. ट्रंप ने यह ऐलान सुप्रीम कोर्ट की सख्त टिप्पणी के बाद किया. ट्रंप का ये टैरिफ कभी 50 प्रतिशत तक भी पहुंच गया था, जो अब 15 प्रतिशत पर आ गया है. भारत और अमेरिका के बीच बिजनेस के लिहाज से 2025 से अब तक काफी उतार-चढ़ाव देखने को मिले. ट्रंप ने टैरिफ कभी बढ़ाया तो कभी घटा दिया.
- 2 अप्रैल 2025 को US ने भारतीय सामान पर कुल 26% टैरिफ लगा दिया था. इसमें 10% ड्यूटी सामान्य और 16% अतिरिक्त रेसिप्रोकल टैरिफ था. ट्रंप के इस फैसले का असर सिर्फ भारत ही नहीं बल्कि कई देशों पर पड़ा था. भारत के लिए यह किसी बड़े झटके से कम नहीं था.
- 9 अप्रैल 2025 को यानी कि एक हफ्ते बाद ट्रंप ने 16% वाले अतिरिक्त टैरिफ पर 90 दिनों के लिए लगाम लगा दी थी. जिसके बाद यह घटकर सिर्फ 10% रह गया था. यह इस बात का संकेत था कि भारत-अमेरिका के बीच बातचीत के दरवाजे अभी खुले हैं.
- 31 जुलाई 2025 को अमेरिका ने भारत में बनी चीजों के आयात पर 25% टैरिफ लगा दिया, यह फैसला 7 अगस्त से लागू होना था. अमेरिका का सख्त रुख साफ दिखाई दे रहा था.
- 6 अगस्त 2025 को हालात और खराब हो गए, जब ट्रंप ने रूस से तेल खरीद का हवाला देते हुए भारत पर 25% अतिरिक्त टैरिफ और लगा दिया. कुल टैरिफ 50 प्रतिशत हो गया था. 27 अगस्त से यह लागू हुआ.
- 2 फरवरी 2026 को दोनों देशों के बीच एक बिजनेस डील हुई. जिसके तहत अमेरिका ने 25% से टैरिफ घटाकर 18% कर दिया. ट्रंप ने कहा कि इसके बदले भारत कुछ अमेरिकी वस्तुओं पर जीरो टैरिफ कर देगा.
- 20 फरवरी 2026 को अमेरिकी सुप्रीम कोर्ट के एक फैसले के बाद ट्रंप ने 10% का ग्लोबल टैरिफ लागू किया. 21 फरवरी को उन्होंने इसे बढ़ाकर 15% करने का ऐलान कर दिया. हालांकि यह 150 दिन की कानूनी सीमा के अधीन होगा.
ट्रंप ने भारत पर लगाया था 50% तक टैरिफ
भारत और अमेरिका के बीच पिछले कुछ महीनों में बिजनेस टैक्स को लेकर तनाव देखा जा रहा है. ट्रंप 50% तक का इंपोर्ट टैरिफ भारत पर लगा चुके हैं. जिसमें 25 % टैरिफ रूस से तेल खरीदने को लेकर जुर्माने के तौर पर लगाया गया था. फरवरी की शुरुआत में पीएम मोदी से बातचीत के बाद ट्रंप ने इसे घटाकर 18 प्रतिशत करने का ऐलान कर दिया.
वहीं भारत में बनी चीजों पर लगने वाले अतिरिक्त टैरिफ को ट्रंप ने 25% से घटाकर 15% करने का फैसला लिया है. इस राहत को फिलहाल 150 दिनों के लिए अस्थाई तौर पर लागू किया गया है. हालांकि एक्सपर्ट्स इसे बड़ी बिजनेस डील का संकेत मान रहे हैं.
टैरिफ में राहत से भारत को क्या फायदा?
ट्रंप के टैरिफ घटाने का सबसे ज्यादा फायदा भारत के रत्न और ज्वेलरी, टेक्सटाइल, इंजीनियरिंग और आईटी से जुड़े सामान के लिए काम करने वाली कंपनियों को होगा. इन प्रोडक्टस के सस्ते होने से अमेरिका में उनकी मांग में बढ़ोतरी होगी. इसकी वजह से भारत के एक्सपोर्ट सेक्टर को मजबूती मिलेगी.
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