विज्ञापन

क्या FBI डायरेक्टर हद से अधिक दारू पीते हैं? खबर छापी तो काश पटेल ने किया 2300 करोड़ का मानहानी केस

FBI Director Kash Patel sues Atlantic: काश पटेल कहना है कि द अटलांटिक मैगजीन ने उनपर एक “बड़ा, गलत और नुकसान पहुंचाने वाला आर्टिकल” छापा है, जिससे उनकी छवि खराब हो और उन्हें पद से हटाया जाए.

क्या FBI डायरेक्टर हद से अधिक दारू पीते हैं? खबर छापी तो काश पटेल ने किया 2300 करोड़ का मानहानी केस
FBI डायरेक्टर काश पटेल ने द अटलांटिक पर 2300 करोड़ का मानहानी केस किया
  • FBI के डायरेक्टर काश पटेल ने द अटलांटिक मैगजीन और पत्रकार सारा फिट्जपैट्रिक के खिलाफ मानहानि केस दर्ज किया है
  • पटेल ने आरोप लगाया कि मैगजीन ने उन पर झूठे और नुकसान पहुंचाने वाले आरोप लगाए, जिससे उनकी छवि खराब हुई है
  • आर्टिकल में कहा गया था कि पटेल ज्यादा शराब पीते हैं और बिना कारण गायब रहते हैं
क्या हमारी AI समरी आपके लिए उपयोगी रही?
हमें बताएं।

FBI Director Kash patel sues Atlantic: अमेरिका की खुफिया एजेंसी FBI के डायरेक्टर काश पटेल ने द अटलांटिक मैगजीन और उसकी पत्रकार सारा फिट्जपैट्रिक के खिलाफ 250 मिलियन डॉलर का मानहानि केस कर दिया है. भारतीय करेंसी में यह रकम 2300 करोड़ से अधिक की होती है. भारतीय-अमेरिकी काश पटेल कहना है कि मैगजीन ने उनपर एक “बड़ा, गलत और नुकसान पहुंचाने वाला आर्टिकल” छापा है, जिससे उनकी छवि खराब हो और उन्हें पद से हटाया जाए.

अपने केस में काश पटेल ने द अटलांटिक मंथली ग्रुप एलएलसी और स्टाफ राइटर सारा फिट्जपैट्रिक पर आरोप लगाया कि उन्होंने उनके बारे में झूठी बातें लिखीं. इसमें FBI का नेतृत्व करते हुए “ज्यादा शराब पीना” और “बिना कारण गायब रहना” जैसे आरोप शामिल हैं. पटेल की शिकायत में कहा गया है कि आर्टिकल “झूठे और मनगढ़ंत आरोपों से भरा है, जिसका मकसद उनकी छवि खराब करना और उन्हें पद से हटाना था.” इस केस में कम से कम 250 मिलियन डॉलर हर्जाना मांगा गया है.

द वॉशिंगटन पोस्ट की रिपोर्ट के अनुसार काश पटेल का कहना है कि यह आर्टिकल “गुमनाम लोगों” की बातों पर आधारित था, जिन्होंने पटेल पर गलत व्यवहार के आरोप लगाए हैं. पटेल ने इन दावों को गलत बताया है. उन्होंने कहा कि आर्टिकल में बताई गई कई बातें- जैसे शराब पीने की वजह से मीटिंग टालना- झूठ हैं. शिकायत में यह भी कहा गया कि मैगजीन ने “जानबूझकर गलत इरादे से” काम किया. अमेरिका में यह कानून में जरूरी शर्त है जब कोई पब्लिक अधिकारी मानहानि का केस करता है. इसमें कहा गया कि ये आरोप “इतने साफ झूठे या आसानी से गलत साबित किए जा सकते थे” कि इन्हें छापना लापरवाही थी.
द अटलांटिक के आर्टिकल का फ्रंट पेज

द अटलांटिक के आर्टिकल का फ्रंट पेज

मैगजीन ने क्या कहा?

जवाब में, द अटलांटिक ने अपनी रिपोर्टिंग का बचाव किया. उनकी प्रवक्ता अन्ना ब्रॉस ने कहा, “हम काश पटेल पर की गई अपनी रिपोर्टिंग पर कायम हैं और इस केस के खिलाफ पूरी मजबूती से लड़ेंगे.” यह विवाद ऐसे समय आया है जब पटेल की लीडरशिप पर सवाल उठ रहे हैं. न्यूजवीक की रिपोर्ट के मुताबिक, करीब 30,000 लोगों ने ऑनलाइन याचिका पर साइन किए हैं, जिसमें उनके व्यवहार की जांच की मांग की गई है.

अमेरिका के कानून के अनुसार, पब्लिक अधिकारी को यह साबित करना होता है कि किसी पब्लिकेशन ने “जानबूझकर गलत जानकारी छापी” या सच्चाई की परवाह किए बिना छापा. यह नियम सुप्रीम कोर्ट के केस न्यूयॉर्क टाइम्स बनाम सुलिवन में तय हुआ था. काश पटेल फरवरी 2025 से FBI के प्रमुख हैं और वे पहले भी मीडिया के खिलाफ केस कर चुके हैं. यह उनका कम से कम दूसरा मानहानि केस है. यह मामला वॉशिंगटन की फेडरल कोर्ट में आगे बढ़ेगा.

यह भी पढ़ें: ट्रंप को रात के 11.30 बजे भी ईरान सोने नहीं दे रहा! कहा- 'यूरेनियम निकालना एक लंबा और मुश्किल प्रोसेस'

NDTV.in पर ताज़ातरीन ख़बरों को ट्रैक करें, व देश के कोने-कोने से और दुनियाभर से न्यूज़ अपडेट पाएं

फॉलो करे:
Listen to the latest songs, only on JioSaavn.com