- अमेरिका और ईरान के बीच पाकिस्तान में दूसरे दौर की वार्ता होने या न होने को लेकर अनिश्चितता बनी हुई है
- अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप को ईरान के नीचे दबे 400 किलो एनरिच्ड यूरेनियम की स्थिति को लेकर चिंता है
- ट्रंप ने सोशल मीडिया पोस्ट में ईरान के परमाणु ठिकानों पर अमेरिकी हमलों के बाद यूरेनियम रिकवरी को कठिन बताया
US Iran War: पाकिस्तान में अमेरिका और ईरान के बीच दूसरे दौर की वार्ता होगी या नहीं? क्या अमेरिका और ईरान कोई डील करेंगे, या फिर सीजफायर खत्म होते ही जंग फिर शुरू हो जाएगा? यह कुछ ऐसे सवाल हैं जिसने मिडिल ईस्ट ही नहीं, पूरी दुनिया को परेशान कर रखा है. हालांकि इस समय एक और ऐसा सवाल है जिसने अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के रातों की नींद उड़ा दी है. ट्रंप को यह परेशानी खाए जा रही है कि आखिर ईरान के पास मौजूद उन 400 किलो एनरिच्ड यूरेनियम का क्या होगा जो ईरानी न्यूक्लियर ठिकानों के नीचे दबा पड़ा है. माना जा रहा है कि पिछले साल जब अमेरिका ने इन ठिकानों पर हमला किया था, तबसे यह जमीन के बहुत नीचे दबे पड़े हैं.
रात के 11.30 ट्रंप का सोशल मीडिया पोस्ट
यह बात किसी से छिपी नहीं है कि डोनाल्ड ट्रंप को सोशल मीडिया पर पोस्ट डालना पसंद है. उन्होंने अपनी बात सबके सामने रखने का जरिया सोशल मीडिया को ही बना रखा है. स्थानीय समयानुसार ट्रंप ने रात के लगभग 11.30 ट्रूथ सोशल पर एक पोस्ट डाला है जिसमें उन्होंने ईरान के यूरेनियम को लेकर बात की. अमेरिकी राष्ट्रपति ने देर रात कहा कि ईरान के परमाणु ठिकानों पर पिछले साल के अमेरिकी हमलों के बाद अमेरिका के लिए ईरान से यूरेनियम प्राप्त करना (रिकवर करना) "लंबा" और "मुश्किल" काम होगा.
ट्रंप ने अपने ट्रुथ सोशल प्लेटफॉर्म पर लिखा, "ऑपरेशन मिडनाइट हैमर ईरान में न्यूक्लियर डस्ट स्थलों को पूरी तरह से नष्ट कर देने वाला था." उन्होंने आगे कहा, "इसलिए, इसे खोदना एक लंबी और कठिन प्रक्रिया होगी." बता दें कि अमेरिकी राष्ट्रपति ईरान के एनरिच्ड (शुद्ध) यूरेनियम के भंडार के लिए लगातार "परमाणु धूल या न्यूक्लियर डस्ट" शब्द का उपयोग करते हैं. अमेरिका का आरोप है कि ईरान परमाणु बम बनाने के लिए यूरेनियम को शुद्ध कर रहा है.
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