- अमेरिका के टेनेसी की एंजेला लिप्स को बैंक धोखाधड़ी के गलत आरोप में छह महीने जेल में रखा गया
- फेसियल रिकग्निशन तकनीक की गलती से एंजेला को एक संगठित धोखाधड़ी मामले की मुख्य संदिग्ध माना गया था
- एंजेला कभी जिंदगी में नॉर्थ डकोटा नहीं गई, लेकिन उसे वहां से फरार आरोपी बताकर गिरफ्तार किया गया था
पुलिस की लापरवाही और एक सॉफ्टवेयर की गलती ने अमेरिका में एक महिला की जिंदगी पूरी तरह उलट-पुलट करके रख दी. जो महिला बेगुनाह थी, उसे बैंक धोखाधड़ी के मामले में गलत तरीके से छह महीने तक जेल में रखा गया. 50 साल की एंजेला लिप्स अमेरिका के टेनेसी की रहने वाली हैं और उनपर पिछले साल आपराधिक आरोप लगाए गए थे. पुलिस ने उन्हें गिरफ्तार किया और बाद में प्लेन पर बैठाकर नॉर्थ डकोटा ले गई. गलती पुलिस और तकनीक दोनों से हुई. फेसियल रिकग्निशन (चेहरा पहचानने वाली तकनीक) ने उस महिला को एक संगठित बैंक धोखाधड़ी मामले की मुख्य संदिग्ध बताया था.
लिप्स कभी नॉर्थ डकोटा नहीं गई थीं और उन्होंने अपनी जिंदगी में कभी प्लेन में सफर भी नहीं किया था, फिर भी उन्हें पकड़कर जेल में डाल दिया गया. अमेरिकी मार्शल सेवा की एक टीम ने उन्हें उस समय बंदूक की नोक पर गिरफ्तार किया था जब वह अपने चार छोटे बच्चों की देखभाल कर रही थीं. यह जानकारी ग्रैंड फोर्क्स हेराल्ड की रिपोर्ट में दी गई. इनपर टेनेसी की काउंटी जेल में इस आरोप में मामला दर्ज कर रखा गया कि वे नॉर्थ डकोटा से न्याय से भागी हुई आरोपी (फ्यूजिटिव) हैं.
उस महिला की पहचान करने के लिए फार्गो पुलिस ने फेसियल रिकग्निशन सॉफ्टवेयर का इस्तेमाल किया, जिसने गलत तरीके से एंजेला लिप्स को ही संदिग्ध बता दिया. अपने आरोप पत्र में पुलिस ने लिखा कि चेहरे की बनावट, शरीर के प्रकार, हेयरस्टाइल और बालों के रंग के आधार पर लिप्स संदिग्ध लगती हैं. लेकिन नॉर्थ डकोटा में लिप्स का केस लड़ रहे उनके वकील जे ग्रीनवुड ने कहा, “अगर आपके पास सिर्फ फेसियल रिकग्निशन ही सबूत है, तो मुझे लगता है कि आपको थोड़ा और गहराई से जांच करनी चाहिए.”
लिप्स के बैंक रिकॉर्ड जमा कराने के बाद, ग्रीनवुड ने 19 दिसंबर को कैस काउंटी जेल में फार्गो पुलिस से मुलाकात की. यह पहली बार था जब पुलिस ने पिछले पांच महीनों में महिला से पूछताछ की. इस मुलाकात के पांच दिन बाद ही मामला खारिज कर दिया गया और उन्हें रिहा कर दिया गया.
भले लिप्स ने को अपनी आजादी वापस मिल गई है लेकिन उसने अपना घर, अपनी कार और यहां तक कि अपने कुत्ते को भी खो दिया. इसकी वजह है कि जब वह जेल में थी तब वो अपने बिलों का पेमेंट करने में असमर्थ थी. वहीं दूसरी तरफ फार्गो पुलिस ने बैंक धोखाधड़ी मामले में अब तक कोई गिरफ्तारी नहीं की है.
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