- अमेरिका ने ईरान के सर्वोच्च नेता अयातुल्ला अली खामेनेई के जनाजे के समय भी ईरान में जबरदस्त बमबारी की
- अमेरिकी हमलों के कारण तेहरान और मशहद के बीच ट्रेन सेवा रोक दी गई और कई इलाकों में बिजली गुल हो गई
- हमलों में 14 लोग मारे गए और 78 घायल हुए, मुख्य हमले होर्मुज जलडमरूमध्य से ओमान की खाड़ी तक हुए
अमेरिका ने ईरान के सर्वोच्च नेता रहे अयातुल्ला अली खामेनेई के जनाजे के समय भी जमकर बमबारी की. हमले में इस्लामिक रिपब्लिक में कई लोग मारे गए. यहां तक की मशहद में भी हमले हुए. जहां ईरानी अधिकारी अपने सर्वोच्च नेता रहे अयातुल्ला अली खामेनेई को दफनाने की तैयारी कर रहे थे. ईरान की सरकारी टीवी की रिपोर्ट के मुताबिक, अमेरिकी हमलों के बाद तेहरान और मशहद के बीच ट्रेन सेवा रोक दी गई. यह घटना ईरान के दिवंगत सर्वोच्च नेता अली खामेनेई को पूर्वी ईरान के पवित्र शहर में दफनाए जाने से कुछ घंटे पहले हुई.
फिर जनाजे को किया गया एस्कॉर्ट
इसके बाद खामेनेई के जनाजे को लड़ाकू विमानों से एस्कॉर्ट किया. अमेरिकी हमलों पर इस्लामिक रिपब्लिक ऑफ ईरान ब्रॉडकास्टिंग (IRIB) ने वीडियो ट्वीट करते हुए लिखा, 'ईरानी लड़ाकू विमानों ने दिवंगत नेता के पार्थिव शरीर को ले जा रहे विमान को एस्कॉर्ट किया, जब वह नजफ से मशहद के लिए रवाना हुआ.'
Iranian fighter jets escorted the plane carrying the late leader's body as it departed Najaf for Mashhad.
— IRIB (Islamic Republic of Iran Broadcasting) (@iribnews_irib) July 9, 2026
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अमेरिकी हमलों से संभलने के बाद ईरान ने पलटवार किया. ईरान ने कहा कि उसने कुवैत, बहरीन और कतर में अमेरिकी ठिकानों पर हमले फिर से शुरू कर दिए हैं. होर्मुज जलडमरूमध्य को लेकर बढ़े तनाव के कारण शुरू हुई इस नई लड़ाई से पूर्ण युद्ध छिड़ने का खतरा पैदा हो गया है. छह दिनों तक चले अंतिम संस्कार के कार्यक्रमों के आखिर में, बृहस्पतिवार को उनके गृहनगर मशहद (पूर्वी शहर) में खामेनेई को दफनाया जा रहा है.
14 लोग मारे गए. 78 घायल
यह लगातार दूसरा दिन था, जब दशकों से एक-दूसरे के दुश्मन रहे इन देशों के बीच हमले हुए. ईरान के स्वास्थ्य मंत्रालय के अनुसार, दोनों दिनों में हुए अमेरिकी हमलों में 14 लोग मारे गए और 78 घायल हुए. ईरानी मीडिया ने बताया कि हमले मुख्य रूप से ईरान के दक्षिणी तट पर, होर्मुज जलडमरूमध्य से ओमान की खाड़ी तक हुए. संघर्ष के दौरान जहाजों पर हमलों और उनके खतरों ने जलमार्ग पर आवाजाही को लगभग रोक दिया. इससे तेल की कीमतें आसमान छूने लगीं और भोजन सहित कई बुनियादी चीजों के दाम उस इलाके से कहीं दूर तक बढ़ गए.
— U.S. Central Command (@CENTCOM) July 9, 2026
बंदर अब्बास से लेकर चाबहार तक हमले
ईरान में अमेरिकी हमले की चपेट में आने वाली जगहों में बंदर अब्बास शामिल है, जहां ईरान का सबसे बड़ा बंदरगाह और होर्मुज जलडमरूमध्य पर नौसेना और रिवोल्यूशनरी गार्ड्स की अहम सुविधाएं हैं. इसके अलावा, पाकिस्तान की सीमा के पास ईरान के तटीय शहर कोनारक और चाबहार भी हमले का शिकार बने. यही नहीं अबू मूसा द्वीप, जास्क द्वीप और सीरिक पर भी हमले हुए. मेहर समाचार एजेंसी ने स्थानीय यूटिलिटी का हवाला देते हुए बताया कि हमलों के कारण शहर के कुछ हिस्सों में बिजली गुल हो गई थी, लेकिन बाद में चाबहार के ज्यादातर इलाकों में बिजली बहाल कर दी गई. मीडिया ने यह भी बताया कि चाबहार में समुद्री ट्रैफिक कंट्रोल टावर पर भी हमला हुआ.
🔴#BREAKING | US carries out another round of strikes on Iran, strikes hit Chabahar Port
— NDTV (@ndtv) July 9, 2026
NDTV's @deepduttajourno joins @AdityaRajKaul with more details pic.twitter.com/I5f90BXCT2
बुशहर न्यूक्लियर पावर प्लांट के पास हमला
सरकारी मीडिया के अनुसार, दक्षिण-पूर्वी शहर ईरानशहर के हवाई अड्डे पर हुए हमले में एक फायरफाइटर की मौत हो गई. प्रेस टीवी के मुताबिक, उत्तरी ईरान में अमेरिकी हमले में अक्काला शहर के पास एक रेलवे पुल को निशाना बनाया गया. गुरुवार को सरकारी समाचार एजेंसी IRNA ने बुशहर के स्थानीय अधिकारी एहसान जहानियन के हवाले से बताया कि अमेरिका ने ईरान के बुशहर न्यूक्लियर पावर प्लांट के पास हमला किया है. उन्होंने कहा कि यह हमला दोपहर के समय हुआ, जबकि अमेरिकी सेना की सेंट्रल कमांड ने कुछ घंटे पहले ही कहा था कि उसने ईरान पर हमले बंद कर दिए हैं. सेंट्रल कमांड ने इस पर तुरंत कोई प्रतिक्रिया नहीं दी. इस बीच ईरान ने दोनों मध्यस्थतों को भी समझौते को लेकर चेतावनी दी है.
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