- अमेरिकी सेना ने ईरान के एक ड्रोन कैरियर जहाज पर जोरदार हमला कर उसे तबाह कर दिया है
- US सेंट्रल कमांड ने हमले का वीडियो जारी करते हुए पूरी ईरानी नौसेना को डुबाने का मिशन जारी रखने की बात कही
- IRIS शाहिद बाघेरी नामक ड्रोन कैरियर जहाज पहले कंटेनर जहाज था, जिसे फरवरी 2025 में ड्रोन जहाज में बदला गया था
US-Israel War against Iran: अमेरिकी सेना ने शुक्रवार, 6 मार्च की सुबह दावा किया है कि उसने ईरान के एक ड्रोन ले जाने वाले जहाज पर जोरदार हमला किया गया जिससे जहाज में आग लग गई. अमेरिकी सेना की यूनाइटेड स्टेट्स सेंट्रल कमांड (CENTCOM) ने इस हमले का एक ब्लैक-एंड-व्हाइट वीडियो जिसमें कई हमलों के बाद जहाज जलता हुआ दिखाई दे रहा है. खबर लिखे जाने तक ईरान की सेना ने इस हमले को स्वीकार नहीं किया था. वैसे अब तक तेहरान ने युद्ध में अपने सैन्य नुकसान के बारे में ज्यादा जानकारी भी नहीं दी है.
यूएस सेंट्रल कमांड (CENTCOM) ने X पर एक पोस्ट में कहा, "अमेरिकी सेना पूरी ईरानी नौसेना को डुबाने के मिशन से पीछे नहीं हट रही है." CENTCOM ने इस ड्रोन कैरियर को "लगभग द्वितीय विश्व युद्ध के एयरक्राफ्ट कैरियर के आकार का" बताया है. हालांकि इस पोस्ट में यह स्पष्ट नहीं था कि हमला कहां किया गया.
U.S. forces aren't holding back on the mission to sink the entire Iranian Navy. Today, an Iranian drone carrier, roughly the size of a WWII aircraft carrier, was struck and is now on fire. pic.twitter.com/WyA4fniZck
— U.S. Central Command (@CENTCOM) March 6, 2026
यह हमला ऐसे समय हुआ है जब सेंट्रल कमांड ने कहा है कि “अमेरिकी सेना ईरान की पूरी नौसेना को डुबोने के मिशन में कोई ढील नहीं दे रही है.”
क्यों खास है यह ड्रोन कैरियर जहाज?
न्यूज एजेंसी एपी की रिपोर्ट के अनुसार इस ड्रोन कैरियर का नाम IRIS शाहिद बाघेरी है. यह पहले एक कंटेनर जहाज था, जिसे बदलकर ड्रोन ले जाने वाला जहाज बनाया गया था. ईरान ने इस जहाज को फरवरी 2025 में शुरू किया था. रिपोर्टों के अनुसार इस जहाज पर ड्रोन उड़ाने के लिए लगभग 180 मीटर लंबा रनवे है. यह जहाज बिना किसी बंदरगाह पर ईंधन भरे लगभग 22,000 नॉटिकल मील तक यात्रा कर सकता है.
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