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This Article is From Jun 03, 2025

अब सीरिया की सेना में होगी जेहादियों की भर्ती, अमेरिका ने दे दी इजाजत 

पहले अमेरिका, सीरिया की सेना में विदेशी लड़ाकों की भर्ती के खिलाफ था. मई के महीने की शुरुआत तक भी वह अपने इसी रुख पर कायम था.

अब सीरिया की सेना में होगी जेहादियों की भर्ती, अमेरिका ने दे दी इजाजत 
वॉशिंगटन:

अमेरिका ने सीरिया के नए नेतृत्व अहमद अल शारा को इस बात की इजातत दे दी है कि वह हजारों विदेशी जेहादियों और पूर्व विद्रोहियों को देश की सेना में शामिल कर सके. रिपोर्ट्स के मुताबिक इस बात की पुष्टि खुद तुर्की में अमेरिका के राजदूत थॉमस बराक ने की है. थॉमस बराक को पिछले महीने ही अमेरिकी राष्‍ट्रपति डोनाल्‍ड ट्रंप ने सीरिया के लिए अपना विदेश दूत नियुक्त किया है. 

ऊगर भी होंगे शामिल! 

रॉयटर्स के पूछे जाने पर थॉमर बराक ने कहा है कि विदेशी जेहादियों और पूर्व विद्रोहियों को सेना में भर्ती किए जाने के लिए जरूरी है कि इसमें पूरी तरह से पारदर्शिता बरती जाए. सीरिया सूत्रों के हवाले से कहा गया है कि करीब साढ़े तीन हजार विदेशी लड़ाके, जिनमें से अधिकतर चीन और आसपास के देशों के ऊगर हैं, उनको लेकर एक नई आर्मी डिवीजन बनाई जाएगी.  यह  84th आर्मी डिवीजन होगी और इसमें सीरियाई लड़ाके भी होंगे. 

असद की सत्ता उखाड़े जाने में इन विदेशी जेहादियों और पूर्व विद्रोहियों ने हयात तहरीर अल शाम की पूरी लॉयल्टी के साथ मदद की. चीन और सेंट्रल एशियाई देशों के सुन्नी लड़ाके असद की सत्ता उखाड़ने में 13 साल से लगे हुए थे. अल शारा ने इसी के ईनाम के तौर पर विदेशी जिहादियों को सेना में शामिल करने की बात की थी. हालांकि ये ऊगर विदेशी जेहादी चीन की नज़र में आतंकवादी है. 

बदल गया अमेरिका का रुख 

पहले अमेरिका, सीरिया की सेना में विदेशी लड़ाकों की भर्ती के खिलाफ था. मई के महीने की शुरुआत तक भी वह अपने इसी रुख पर कायम था. लेकिन सीरिया को लेकर उसकी नीति में तब बहुत बड़ा बदलाव आया जब उन्होने मिडिल ईस्ट के तीन देशों का दौरा किया. अमेरिकी राष्‍ट्रपति ट्रंप ने इस दौरान न सिर्फ सीरिया से प्रतिबंधों को हटाने का ऐलान किया बल्कि रियाद में अहमद अल शारा से मुलाकात भी की और हाथ भी मिलाया.  

कभी आतंकी थे शारा 

यह वही अहमद अल शारा थे जिसे अमेरिका ने कभी विदेशी आतंकी घोषित कर रखा था और जिसके सिर पर दस लाख डॉलर का ईनाम था. शारा और उसका गुट, अल-कायदा का ही हिस्‍सा था. साल 2016 में दोनों अलग हो गए. अल शारा और उसके गुट हयात तहरीर अल शाम ने बशर अल असाद की दशकों पुरानी सत्ता उखाड़ दी और उसके बाद अमेरिका जैसे देश ने भी उसे वैधानिकता दे दी है.

अब अमेरिका ने विदेशी जेहादियों और पूर्व विद्रोहियों को सेना में शामिल करने की इजाजत देकर शारा के हाथ को और मजबूत कर दिया है. ट्रंप अल शारा से इस बात की अपील कर चुके हैं कि वे अब्राहम अकॉर्ड साइन करें और इजरायल के साथ रिश्ते सुधारें. 

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