- संयुक्त राष्ट्र शरणार्थी मामलों की एजेंसी UNHCR को 2026 के लिए केवल तीन अरब डॉलर का फंड मिला है
- UNHCR ने वित्तीय कटौती के कारण अपने कर्मचारियों की संख्या लगभग बीस हजार से घटाकर बारह हजार से कम कर दी है
- दुनिया भर में 2025 के अंत तक लगभग एक सौ सत्रह मिलियन लोग जबरन अपने घरों से विस्थापित हुए हैं
संयुक्त राष्ट्र के शरणार्थी मामलों के प्रमुख ने सोमवार को चेतावनी दी कि उनसे "नामुमकिन काम करने" के लिए कहा जा रहा है, क्योंकि उनकी एजेंसी भारी फ़ंडिंग की कमी और बड़ी संख्या में लोगों के विस्थापन के कारण दबाव में है. संयुक्त राष्ट्र के शरणार्थी मामलों के उच्चायुक्त बरहम सालेह ने कहा कि UNHCR ने बजट में कटौती के कारण अपने कर्मचारियों की संख्या कम कर दी है, जबकि ज़बरदस्ती विस्थापित होने वाले लोगों की संख्या रिकॉर्ड स्तर के करीब बनी हुई है.
UNHCR अभी 2027 के लिए लगभग 2.68 अरब डॉलर की फंडिंग का अनुमान लगा रहा है. उन्होंने कहा, "मैं समझता हूं कि सरकारों पर बजट का दबाव होता है, लेकिन कम संसाधनों में ज़्यादा काम करने और असंभव काम करने के लिए कहे जाने के बीच फ़र्क होता है. हम ऐसी संस्थाओं से, जो खुद अस्तित्व बचाने के लिए संघर्ष कर रही हैं, यह नहीं कह सकते कि वे लाखों अन्य लोगों को जीवित रखें." सालेह ने बताया कि UNHCR ने इस साल 18 देशों में 22 आपातकालीन स्थितियों पर कार्रवाई की है, इनमें 15 देशों में हाल ही में घोषित 17 आपातकालीन स्थितियां भी शामिल हैं.
इराक के पूर्व राष्ट्रपति (जो खुद कभी शरणार्थी रह चुके हैं) ने UNHCR की सालाना एग्जीक्यूटिव कमेटी की बैठक (जो शुक्रवार तक चलेगी) की शुरुआत करते हुए हालात की गंभीरता बताई. उन्होंने कहा कि 2024 के बाद से UNHCR से लगभग 8,000 लोग जा चुके हैं, जिससे कर्मचारियों की संख्या लगभग 20,000 से घटकर 12,000 से भी कम रह गई है. उन्होंने कहा कि एजेंसी छोड़कर गए अनुभवी लोगों की जगह आसानी से नहीं भरी जा सकती.
किन्हें छोड़ना पड़ा देश और किसने कम दिए दान
UNHCR के अनुसार, 2025 के आखिर तक दुनिया भर में लगभग 117.8 मिलियन लोगों को जबरन उनके घरों से विस्थापित होना पड़ा. यह संख्या 2024 के रिकॉर्ड 123.2 मिलियन से थोड़ी कम है. इन 117.8 मिलियन लोगों में से 35.6 मिलियन UNHCR के अधिकार क्षेत्र में आने वाले शरणार्थी थे, जिनमें से दो-तिहाई वेनेजुएला, यूक्रेन, सीरिया, अफगानिस्तान और सूडान से थे.
UNHCR के लिए दुनिया के सबसे बड़ा दानदाता रहे अमेरिका ने राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के कार्यकाल में विदेशी सहायता में कटौती की है, जबकि अन्य बड़े दानदाताओं ने भी अपने खर्चों में कटौती की है. साल 2026 में मिले 2.44 अरब डॉलर के स्वैच्छिक योगदान में, UNHCR को सबसे ज्यादा दान देने वाला यूरोपियन यूनियन था, जिसने 408 मिलियन डॉलर दिए. इसके बाद जर्मनी, स्वीडन, नीदरलैंड और डेनमार्क सबसे ज्यादा योगदान देने वाले देश रहे. अमेरिका 89 मिलियन डॉलर के योगदान के साथ नौवें स्थान पर रहा, जो पिछले साल के 812 मिलियन डॉलर से काफी कम है.
चीन ने महज 1.8 मिलियन डॉलर का दान दिया, जो फिलीपींस में निजी दानदाताओं द्वारा दिए गए दान से भी थोड़ा कम है. सालेह ने कहा कि अक्सर शरणार्थियों के लिए जो समाधान अस्थायी तौर पर शुरू होता है, वह स्थायी बन जाता है; विस्थापन बस्तियों में पैदा हुए बच्चे वहीं बड़े होकर खुद माता-पिता बन जाते हैं. उन्होंने कहा, "हमें ऐसे भविष्य की दिशा में काम करना होगा, जहां शरणार्थियों की एक पीढ़ी को अपना विस्थापन अगली पीढ़ी पर थोपने के लिए मजबूर न होना पड़े."
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