
उत्तर कोरिया पर हुकूमत करने वाले तानाशाह किम जोंग (फाइल फोटो)
संयुक्त राष्ट्र:
संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद ने उत्तर कोरिया के एक असफल मिसाइल प्रक्षेपण के बाद उसकी निंदा की तथा उसके खिलाफ और कड़े कदम उठाने की धमकी दी. उत्तर कोरिया ने संयुक्त राष्ट्र प्रस्तावों का एक बार फिर उल्लंघन करते हुए शनिवार को मुसुदन मिसाइल का परीक्षण किया था. रॉकेट में प्रक्षेपण के कुछ ही देर बाद विस्फोट हो गया था.
उत्तर कोरिया के सहयोगी चीन द्वारा समर्थित एवं सर्वसम्मति से कल दिए गए बयान में परिषद ने ‘सबसे ताजा असफल बैलिस्टिक मिसाइल प्रक्षेपण की कड़ी निंदा की’ और इसे उत्तर कोरिया की अंतरराष्ट्रीय प्रतिबद्धताओं का ‘कड़ा उल्लंघन’ बताया.
बयान में कहा गया है कि परिषद के सदस्यों ने ‘हालात पर गहरी नजर रखने और अन्य महत्वपूर्ण कदम उठाने’ पर सहमति जताई.
अमेरिका और चीन नए प्रतिबंध प्रस्ताव का मसौदा तैयार कर रहे हैं. सुरक्षा परिषद ने उत्तर कोरिया द्वारा अपना पांचवां और अब तक का सबसे शक्तिशाली परमाणु परीक्षण करने के बाद यह कदम उठाने की पिछले महीने ही मंजूरी दी थी.
उत्तर कोरिया ने वर्ष 2006 में पहली बार परमाणु परीक्षण किया था जिसके बाद से उस पर संयुक्त राष्ट्र प्रतिबंधों के पांच सेट लगाए गए हैं. प्योंगयांग द्वारा चौथा परमाणु परीक्षण करने के बाद परिषद ने उस पर अब तक के सर्वाधिक कठोर प्रतिबंध के प्रस्ताव को मंजूरी दी थी. इस प्रस्ताव में उत्तर कोरिया के खनिज कारोबार को निशाना बनाया गया और बैंकों को कड़े प्रतिबंध के दायरे में लाया गया था. इस प्रस्ताव के लागू होने के बाद से उत्तर कोरिया ने 20 से अधिक मिसाइल परीक्षण किए हैं.
(हेडलाइन के अलावा, इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है, यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)
उत्तर कोरिया के सहयोगी चीन द्वारा समर्थित एवं सर्वसम्मति से कल दिए गए बयान में परिषद ने ‘सबसे ताजा असफल बैलिस्टिक मिसाइल प्रक्षेपण की कड़ी निंदा की’ और इसे उत्तर कोरिया की अंतरराष्ट्रीय प्रतिबद्धताओं का ‘कड़ा उल्लंघन’ बताया.
बयान में कहा गया है कि परिषद के सदस्यों ने ‘हालात पर गहरी नजर रखने और अन्य महत्वपूर्ण कदम उठाने’ पर सहमति जताई.
अमेरिका और चीन नए प्रतिबंध प्रस्ताव का मसौदा तैयार कर रहे हैं. सुरक्षा परिषद ने उत्तर कोरिया द्वारा अपना पांचवां और अब तक का सबसे शक्तिशाली परमाणु परीक्षण करने के बाद यह कदम उठाने की पिछले महीने ही मंजूरी दी थी.
उत्तर कोरिया ने वर्ष 2006 में पहली बार परमाणु परीक्षण किया था जिसके बाद से उस पर संयुक्त राष्ट्र प्रतिबंधों के पांच सेट लगाए गए हैं. प्योंगयांग द्वारा चौथा परमाणु परीक्षण करने के बाद परिषद ने उस पर अब तक के सर्वाधिक कठोर प्रतिबंध के प्रस्ताव को मंजूरी दी थी. इस प्रस्ताव में उत्तर कोरिया के खनिज कारोबार को निशाना बनाया गया और बैंकों को कड़े प्रतिबंध के दायरे में लाया गया था. इस प्रस्ताव के लागू होने के बाद से उत्तर कोरिया ने 20 से अधिक मिसाइल परीक्षण किए हैं.
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