- 6 फरवरी 2021 को कैपिटल भवन पर हुए हमले के बाद ट्रंप ने 1500 उत्पातियों को माफ़ी दी थी
- रयान निकोल्स ने नवंबर 2023 में कैपिटल हमले से जुड़ा अपराध स्वीकार किया था और बाद में रिहा हुआ
- मई में निकोल्स पर टेक्सास में चर्च की पार्किंग में बंदूक दिखाकर धमकी देने का नया आरोप लगा
6 फरवरी 2021 को कौन भूल सकता है? अमेरिका में तो क्या पूरी दुनिया में किसी ने ऐसी तस्वीरों की कल्पना भी नहीं की थी. राष्ट्रपति चुनाव में जो बाइडेन से डोनाल्ड ट्रंप हार गए तो उनके कथित समर्थकों ने अमेरिकी कैपिटल भवन पर धावा बोल दिया. जबरदस्त हिंसा हुई. बाद में उत्पात करने वालों पर मुकदमे चले, सजा हुई, मगर बाइडेन के बाद जब फिर ट्रंप सत्ता में आए तो उन्होंने उन उत्पातियों को क्षमादान दे दिया. मगर अब फिर से ये नए अपराध कर रहे हैं. इनमें से कम से कम पांच लोगों पर नये अपराध करने के आरोप लगे हैं.
रयान निकोल्स की कहानी
35 वर्षीय रयान निकोल्स 10 मई को कैपिटल भवन पर हमला करने वाले एक नये केस में आरोपी बन गए है. टेक्सास के हार्लेटन में अधिकारियों का कहना है कि उन्होंने एक चर्च की पार्किंग में एक व्यक्ति से बहस करते हुए उसे धमकी भरे लहजे में बंदूक दिखाई. निकोल्स ने नवंबर 2023 में कैपिटल भवन में ट्रंप समर्थकों द्वारा किए गए विद्रोह के संबंध में अपना अपराध स्वीकार कर लिया था, जब ट्रंप 2020 के चुनाव में जो बाइडेन से चुनाव हार गए थे. अन्य बातों के अलावा, उन्होंने अधिकारियों पर मिर्च स्प्रे से हमला करने और दंगे के दौरान एक वीडियो बनाने की बात स्वीकार की, जिसमें उन्होंने कहा था, "यह हिंसक होने वाला है और... अगर आप पूछ रहे हैं, 'क्या रयान निकोल्स हिंसा करेगा? हां, रयान निकोल्स हिंसा करेगा.'"

बाद में एक संघीय न्यायाधीश ने निकोल्स को पांच साल और तीन महीने की जेल की सजा सुनाई. लेकिन निकोल्स को जनवरी 2025 में ट्रंप के दूसरे राष्ट्रपति कार्यकाल के पहले दिन 1,500 अन्य प्रतिभागियों के साथ बिना शर्त माफी दिए जाने पर जल्दी रिहा कर दिया गया था.
मगर कहानी फिर शुरू हुई. 11 मई को, टेक्सास के हैरिसन काउंटी (जिसमें हार्लेटन भी शामिल है) के शेरिफ कार्यालय ने बताया कि उनके अधिकारियों ने एक दिन पहले निकोल्स का सामना तब किया जब वे चर्च के बाहर एक विवाद के दौरान "एक व्यक्ति द्वारा बंदूक निकालने" की शिकायत पर कार्रवाई कर रहे थे. शेरिफ कार्यालय के एक बयान में कहा गया है कि जांचकर्ताओं को पता चला कि निकोल्स ने चर्च के पार्किंग स्थल में एक व्यक्ति से झगड़ा किया था और उस व्यक्ति के जाने की कोशिश करने के बाद भी वह झगड़ा जारी रखा.
पीड़ित बचता रहा वो धमकाते रहे
पीड़ित ने बताया कि वह झगड़े से मुंह फेरकर अपने परिवार को उनकी कार की ओर ले जाने की कोशिश कर रहा था और निकोल्स से वहां से चले जाने के लिए कह रहा था. पीड़ित ने आरोप लगाया कि आखिरकार वह निकोल्स की ओर मुड़ा, जिसने अपनी कमीज ऊपर उठाई, बंदूक दिखाई और हथियार के हैंडल पर अपना हाथ रख दिया. शेरिफ कार्यालय ने अपने बयान में कहा, "पीड़ित ने बताया कि इस हरकत के कारण उसे अपनी जान का खतरा महसूस हुआ," और अधिकारियों ने निकोल्स को जानलेवा हमले के आरोप में गिरफ्तार कर लिया.
उसे उत्पीड़न के आरोपों से संबंधित अन्य वारंटों के तहत भी मामला दर्ज किया गया. काउंटी जेल के रिकॉर्ड से पता चलता है कि निकोल्स को दो दिन बाद 8,000 डॉलर की जमानत पर रिहा कर दिया गया था.
अप्रैल 2025 में निकोल्स ने कांग्रेस सीट के लिए चुनाव लड़ने की अपनी मंशा जाहिर की थी. हालांकि, टेक्सास के समाचार आउटलेट KLTV की रिपोर्ट के अनुसार, निकोल्स ने बाद में चुनाव से अपना नाम वापस लेने की घोषणा की. उन्होंने उस समय कहा था, “मेरी मंशा नेक है. लेकिन मुझमें इस देश का सही नेतृत्व करने की क्षमता नहीं है.”

बाकी 4 कौन?
गैर-लाभकारी संस्था सिटीजन्स फॉर रिस्पॉन्सिबिलिटी एंड एथिक्स इन वाशिंगटन (CREU) द्वारा बनाए गए एक डेटाबेस को दिसंबर में पहली बार प्रकाशित किया गया था, जिसमें कैपिटल पर हमला करने वाले 30 से अधिक लोगों के नाम थे, जिन्हें ट्रंप ने माफ कर दिया था, लेकिन अन्य मामलों में उन पर आपराधिक आरोप हैं. CREU के अनुसार, निकोल्स की गिरफ्तारी से पहले उस सूची में शामिल लोगों में से चार पर रिपब्लिकन राष्ट्रपति द्वारा माफी दिए जाने के बाद अपराधों का आरोप लगाया गया था. उन चार में से एक क्रिस्टोफर मोयनिहान थे, जिन्होंने फरवरी में न्यूयॉर्क में अमेरिकी प्रतिनिधि सभा के डेमोक्रेटिक नेता हकीम जेफ्रीज को जान से मारने की धमकी देने के आरोप में दोषी होने की बात स्वीकार की थी. मोयनिहान को बाद में तीन साल की परिवीक्षा की सजा सुनाई गई. और उस समूह का एक अन्य सदस्य जैकरी आलम था, जिसे 7 मई को वर्जीनिया में चोरी करने के आरोप में दोषी पाए जाने के बाद जूरी द्वारा सात साल की जेल की सजा सुनाई गई थी.
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