
अफगानिस्तान में बच्चों के यौन शोषण को लेकर अमेरिकी निगरानी समूह ने रिपोर्ट दाखिल की है.
वाशिंगटन:
अफगानिस्तान के सुरक्षा बलों पर बाल यौन शोषण के आरोप लगे हैं. इस पर अमेरिकी सरकार के निगरानी समूह ने कांग्रेस में एक खुफिया रिपोर्ट दाखिल की है. इस रिपोर्ट में यह भी बताया गया है कि अमेरिका इन सुरक्षाबलों को उक्त आरोपों के संदर्भ में किस हद तक जिम्मेदार ठहराता है.
‘स्पेशल इंस्पेक्टर जनरल फॉर अफगानिस्तान रिकंस्ट्रक्शन’ (एसआईजीएआर) के कार्यालय के अनुसार अफगान अधिकारी यौन शोषण रोकने में असमर्थ हैं. कार्यालय ने आज सांसदों को खुफिया जानकारी भेजने की घोषणा की.
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मुख्य मुद्दा अफगानिस्तान की ‘‘बच्चा बाजी’’ की प्रथा (जिसमें लड़कों का यौन शोषण किया जाता है). इसके साथ ही सवाल यह भी है कि क्या अमेरिका इस पर आंखें मूंदे रखता है? एसआईजीएआर ने त्रैमासिक प्रकाशन में कांग्रेस को दी जाने वाली रिपोर्ट की रूपरेखा का वर्णन करते हुए कहा, ‘‘ बच्चों का यौन शोषण करने और उनकी भर्ती के मामले में अफगान अधिकारियों की संलिप्तता रहती है.’’
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उन्होंने कहा कि अफगान सरकार पीड़ितों की पहचान करने और उनकी मदद करने में असमर्थ साबित हुई है. कुछ मामलों में, अफगान सरकार ने मानव तस्करी के पीड़ितों को ही अपराधी बनाकर उन्हें गिरफ्तार कर उन पर मुकदमा चलाया.
VIDEO : अनूठा मामला जिसमें दोषी को सजा मिली
एसआईजीएआर ने कहा, ‘‘पीड़ितों को सुरक्षा प्रदान करने के प्रयास अपर्याप्त रहे हैं. मानव तस्करी के पीड़ितों के लिए बने सरकारी आश्रयस्थलों में से एक आश्रय स्थल को छोड़कर बाकी सभी रिपोर्ट तैयार करने के दौरान बंद रहे.’’ पेंटागन और अफगान सरकार दोनों ने ही तत्काल इस पर कोई प्रतिक्रिया नहीं दी.
(इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है. यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)
‘स्पेशल इंस्पेक्टर जनरल फॉर अफगानिस्तान रिकंस्ट्रक्शन’ (एसआईजीएआर) के कार्यालय के अनुसार अफगान अधिकारी यौन शोषण रोकने में असमर्थ हैं. कार्यालय ने आज सांसदों को खुफिया जानकारी भेजने की घोषणा की.
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मुख्य मुद्दा अफगानिस्तान की ‘‘बच्चा बाजी’’ की प्रथा (जिसमें लड़कों का यौन शोषण किया जाता है). इसके साथ ही सवाल यह भी है कि क्या अमेरिका इस पर आंखें मूंदे रखता है? एसआईजीएआर ने त्रैमासिक प्रकाशन में कांग्रेस को दी जाने वाली रिपोर्ट की रूपरेखा का वर्णन करते हुए कहा, ‘‘ बच्चों का यौन शोषण करने और उनकी भर्ती के मामले में अफगान अधिकारियों की संलिप्तता रहती है.’’
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उन्होंने कहा कि अफगान सरकार पीड़ितों की पहचान करने और उनकी मदद करने में असमर्थ साबित हुई है. कुछ मामलों में, अफगान सरकार ने मानव तस्करी के पीड़ितों को ही अपराधी बनाकर उन्हें गिरफ्तार कर उन पर मुकदमा चलाया.
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एसआईजीएआर ने कहा, ‘‘पीड़ितों को सुरक्षा प्रदान करने के प्रयास अपर्याप्त रहे हैं. मानव तस्करी के पीड़ितों के लिए बने सरकारी आश्रयस्थलों में से एक आश्रय स्थल को छोड़कर बाकी सभी रिपोर्ट तैयार करने के दौरान बंद रहे.’’ पेंटागन और अफगान सरकार दोनों ने ही तत्काल इस पर कोई प्रतिक्रिया नहीं दी.
(इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है. यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)
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