सऊदी ने ईरान के समर्थन वाले हूती ठिकानों पर हमला किया है और इससे जुड़ी एक बड़ी खबर सामने आई है. खबर यह है कि इस ऑपरेशन से पहले सऊदी अरब के क्राउन प्रिंस मोहम्मद बिन सलमान ने अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप को इसकी जानकारी दी थी और अमेरिका से सपोर्ट मांगा था. ट्रंप ने अपना सपोर्ट दिया और सऊदी ने यमन में हूती के कंट्रोल वाले सना में एयरपोर्ट पर हमला किया. यह जानकारी एक्सियोस ने अपनी रिपोर्ट में अमेरिकी अधिकारियों के हवाले से दी है.
यह नया तनाव 2022 से चली आ रही उस नाजुक शांति को तोड़ सकता है, जो आधिकारिक तौर पर खत्म हो चुकी है, लेकिन ज्यादातर समय बनी हुई थी.
रिपोर्ट में क्या पता चला?
इस रिपोर्ट के मुताबिक सऊदी अरब को हूती हमलों और ईरान से यमन जाने वाली एक विवादित फ्लाइट को लेकर चिंता थी. दरअसल तनाव तब बढ़ा, जब खबर आई कि ईरान की माहान एयर का एक प्लेन हूती के कब्जे वाले सना शहर में उतरा. इस विमान में कथित तौर पर हूती प्रतिनिधिमंडल था, जो ईरान के सुप्रीम लीडर अली खामेनेई के अंतिम संस्कार में शामिल होने के लिए ईरान जा रहा था.
सऊदी अरब ने इस प्लेन का विरोध किया. उसे डर था कि इस प्लेन का इस्तेमाल हूती लड़ाकों तक हथियार, मिसाइल के पुर्जे या ईरानी सैनिक पहुंचाने के लिए किया जा सकता है. अमेरिकी अधिकारियों ने एक्सियोस को बताया कि माहान एयर का संबंध ईरान की इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) से माना जाता है.
सना एयरपोर्ट पर हमले के बाद हूती लड़ाकों ने जवाबी कार्रवाई करते हुए सऊदी अरब के दक्षिण-पश्चिम में स्थित अभा एयरपोर्ट पर मिसाइल और ड्रोन से हमला किया. हूती समूह ने कहा कि यह हमला सऊदी अरब की कार्रवाई का जवाब था. हूती प्रवक्ता याह्या सरी ने एयरलाइनों को चेतावनी दी कि वे सऊदी अरब के हवाई क्षेत्र से उड़ान न भरें. उन्होंने कहा कि जब तक सना एयरपोर्ट पर लगी पाबंदियां नहीं हटतीं, तब तक यह चेतावनी जारी रहेगी.
यह तनाव ऐसे समय बढ़ा है, जब पूरे क्षेत्र में चिंता का माहौल है और अमेरिका तथा ईरान के बीच फिर से टकराव बढ़ गया है. अमेरिका लगातार तीन रात से ईरान पर हमला कर रहा है. जबकि ईरान होर्मुज में जहाजों को निशाना बना रहा है.
सऊदी और हूती में तनाव बढ़ा
सऊदी अरब ने 2015 में यमन में अंतरराष्ट्रीय स्तर पर मान्यता प्राप्त सरकार की मदद के लिए हूती लड़ाकों के खिलाफ सैन्य गठबंधन बनाया था. इसके बाद शुरू हुई लड़ाई में हजारों लोगों की जान जा चुकी है और यमन दुनिया के सबसे बड़े मानवीय संकटों में से एक का सामना कर रहा है. मौजूदा नया तनाव 2022 से चली आ रही उस नाजुक शांति को तोड़ सकता है, जो भले आधिकारिक तौर पर खत्म हो चुकी है, लेकिन ज्यादातर समय बनी हुई थी. फिलहाल हूती लड़ाकों का राजधानी सना और उत्तरी यमन के बड़े हिस्से, जिनमें कई प्रमुख शहर भी शामिल हैं, पर कब्जा है. वहीं, यमन सरकार दक्षिणी इलाकों के बड़े हिस्से पर नियंत्रण बनाए हुए है.
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