इस्लामाबाद:
आतंकवादी संगठन जमात-उद-दावा ने पाकिस्तान के खिलाफ किसी भी तरह के हमले को लेकर भारत को चेतावनी देते हुए कहा है कि नई दिल्ली समझौता एक्सप्रेस विस्फोट के आरोपियों को इस्लामाबाद के हवाले कर दे। इस आतंकी संगठन के इस्लाम की सुरक्षा एवं पाकिस्तान की स्थिरता सम्मेलन में एक 10 सूत्रीय प्रस्ताव पारित किया गया। इस सम्मेलन का आयोजन कराची के जामिया-अल-दिरासत इस्लामिया मदरसे में सोमवार को किया गया था। जमात ने अमेरिका को पाकिस्तान का दुश्मन करार देते हुए कहा पाकिस्तानी सरकार को भारतीय कैदी सरबजीत सिंह को किसी भी सूरत में रिहा नहीं करना चाहिए। संगठन के प्रस्ताव में भारत को इसके लिए आगाह किया गया है कि वह किसी भी तरह से पाकिस्तान पर हमले के बारे में न सोचे। उसने मांग की है कि भारत को समझौता एक्सप्रेस के आरोपियों को सौंप देना चाहिए। वर्ष 2007 में हुए इस विस्फोट में 68 लोग मारे गए थे, जिनमें ज्यादातर पाकिस्तानी नागरिक थे। जमात ने पाकिस्तान के लोगों का आह्वान किया कि वे भारत, इस्राइल और अमेरिकी के प्रयासों के सावधान रहे। उसने आरोप लगाया कि ये तीनों देश पाकिस्तान को अस्थिर करना चाहते हैं। संगठन के नेता अब्दुर रहमान मक्की ने कहा कि पाकिस्तान की स्थित उतनी बुरी नहीं है, जितना पश्चिमी देश की मीडिया बताता है। समाचार पत्र एक्सप्रेस ट्रिब्यून के मुताबिक इस सम्मेलन में अलकायदा के सरगना ओसामा बिन लादेन की शान में भी कसीदे गढ़े गए। ओसामा बीते दो मई को अमेरिकी हमले में मारा गया था। सम्मेलन में मौजूद लोगों ने पाकिस्तान में इस्लामी व्यवस्था की वकालत की। अमीर हमजा ने कहा कि पाकिस्तान में अमेरिका की दखलअंदाजी खत्म होनी चाहिए।
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