रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन चीन के बीजिंग पहुंचे. उनका ये दौरा तब हो रहा है जब पिछले हफ्ते अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने बीजिंग आकर चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग से मुलाकात की थी. पुतिन का एयरपोर्ट पर चीन के चोटी के नेता और विदेश मंत्री वांग यी ने स्वागत किया.
🇷🇺🇨🇳 On May 19, President #Putin arrived in Beijing for an official visit to China at the invitation of President Xi Jinping.
— MFA Russia 🇷🇺 (@mfa_russia) May 19, 2026
The visit marks the 25th anniversary of the landmark Russia-China Treaty of Good-Neighbourliness, Friendship & Cooperation.#RussiaChina pic.twitter.com/gsyApeuvu8
पुतिन की यह यात्रा दोनों देशों के बीच ऐतिहासिक 'गुड-नेबरलीनेस एंड फ्रेंडली कोऑपरेशन' संधि की 25वीं वर्षगांठ के मौके पर हो रही है. इस संधि की नींव भी पुतिन ने ही साल 2001 में रखी थी. तब चीन में चीनी राष्ट्रपति जियांग जेमिन पुतिन के समकक्ष थे.
पुतिन के इस दौरे पर क्यों टिकी है दुनिया की निगाहें?
पुतिन की इस यात्रा पर दुनिया की निगाहें चीन की ओर टिकी है. क्योंकि कुछ दिन पहले ही अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और शी जिनपिंग की मुलाकात हुई थी. इसके बाद पुतिन के दौरे को चीन और रूस के शक्ति प्रदर्शन और दोनों के संबंधों को दुनिया के सामने एक मैसेज के तौर पर देखा जा रहा है.
बीजिंग पहुंचने से पहले क्रेमलिन ने कहा था कि इस यात्रा से उन्हें बेहद ऊंची उम्मीदें हैं और दोनों देश अपनी इस 'खास रणनीतिक साझेदारी' को एक नए मुकाम पर ले जाने के लिए तैयार हैं.
पुतिन ने चीन के लोगों को क्या पैगाम दिया?
बीजिंग पहुंचने से पहले पुतिन ने चीन के लोगों के एक वीडियो मैसेज रिकॉर्ड किया था. इसमें उन्होंने कहा, "चीन के दोस्तों, आज, रूस-चीन संबंध वाकई में एक अभूतपूर्व मुकाम पर पहुंच चुका है."
पुतिन ने कहा, "भविष्य को लेकर भरोसे के साथ, रूस और चीन पॉलिटिक्स, इकॉनमी और डिफेंस में अपने कॉन्टैक्ट्स को एक्टिवली बढ़ा रहे हैं. इसके साथ ही ह्यूमनिटेरियन एक्सचेंज को बढ़ा रहे हैं और पर्सन-टू-पर्सन इंटरेक्शन को बढ़ावा दे रहे हैं. इसका मतलब है कि हम मिलकर वह सब कुछ कर रहे हैं जिससे बाइलेटरल कोऑपरेशन और गहरा हो सके और हमारे देशों का कॉम्प्रिहेंसिव डेवलपमेंट हो सके. यह जरूरी है कि ये वे मुद्दे हैं जो बीजिंग में होने वाली आने वाली बातचीत के एजेंडा को शेप देंगे. मैं प्रेसिडेंट शी जिनपिंग के रूस के साथ लॉन्ग-टर्म कोऑपरेशन के कमिटमेंट की बहुत तारीफ़ करता हूं. मुझे यकीन है कि हमारे प्यारे और फ्रेंडली रिश्ते हमें भविष्य के लिए सबसे बोल्ड प्लान बनाने और उन्हें पूरा करने में काबिल बनाते हैं."
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