एक तरफ पाकिस्तान में अमेरिका-ईरान के बीच वार्ता की मेज सज रही है, दूसरी तरफ राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने अपने अनोखे अंदाज में फिर से ईरान पर निशाना साधा है. CNBC को दिए इंटरव्यू में ट्रंप ने आत्मविश्वास के साथ कहा कि हम ईरान युद्ध जीत चुके हैं. पक्का यकीन है कि हम ईरान के साथ एक ग्रेट डील करने में सफल रहेंगे. उसके पास इसके अलावा अब कोई विकल्प नहीं है. 22 अप्रैल को खत्म हो रहे सीजफायर को आगे बढ़ाने पर भी उन्होंने दोटूक जबाव दिया.
ईरान के पास कोई चॉइस नहींः ट्रंप
डोनाल्ड ट्रंप से जब इस्लामाबाद में दूसरे राउंड की बातचीत से उम्मीदों को लेकर सवाल किया गया तो उनका कहना था- मुझे लगता है कि उनके पास और कोई चॉइस नहीं है. हम एक बड़ी डील करने में कामयाब रहेंगे. उन्होंने कहा कि हम बातचीत के दौरान अपनी शर्तें मनवाने के लिए बहुत मजबूत स्थिति में हैं. पिछले 47 साल में कोई भी अमेरिकी राष्ट्रपति उतना नहीं कर पाया, जितना मैंने किया है.
देखें- अमेरिका-ईरान राउंड 2 वार्ता: दोनों देश तैयार, लेकिन कहां अटक रही बात, 10 पॉइंट्स में जानें
ईरान के लोगों से अपना वादा निभाया
ट्रंप ने कहा कि हमने उनकी नेवी को मिट्टी में मिला दिया है, एयरफोर्स को तबाह कर दिया है. उनके नेताओं को खत्म कर दिया है. नेताओं के खत्म होने से कुछ चीजें जटिल हुई हैं, लेकिन ये नेता ज्यादा तार्किक हैं. उन्होंने कहा कि हमने ईरान में सत्ता परिवर्तन कर दिया है. आप चाहें इसे कुछ भी कहें, लेकिन मैंने जो (सत्ता बदलने की) बात कही थी, वो कर दिखाया है, भले ही अप्रत्यक्ष रूप से. मैंने वो कर दिया है.
कहा, होर्मुज पर हमारा पूरा कंट्रोल है
उन्होंने दुनिया में तेल और गैस के सबसे प्रमुख समुद्री रास्ते होर्मुज जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) पर फुल कंट्रोल का दावा किया. उन्होंने कहा कि हमने कल एक जहाज पकड़ा था. उस पर जो चीजें थीं, वो बहुत अच्छी नहीं थीं. ट्रंप ने तंज कसते हुए कहा कि हो सकता है ये अप्रिय सामग्री चीन की तरफ से ईरान को दिया गया कोई तोहफा हो. चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग को लेकर ट्रंप ने कहा कि मुझे लगा था कि हमारे बीच आपसी समझ है, लेकिन जंग में ऐसा ही होता है.
देखें- ईरान के आसमान में हो रही लड़ाई होर्मुज पर क्यों आई? सब मास्टरमाइंड तिकड़ी का खेल है
सीजफायर के दौरान खुद को मजबूत किया
ट्रंप का कहना था कि ईरान के साथ युद्धविराम केवल एक सामरिक ब्रेक था. इसका इस्तेमाल अमेरिका ने अपनी सैन्य ताकत को फिर से संगठित करने और हथियारों को लोड करने के लिए किया है. उन्होंने चेतावनी दी कि 4-5 हफ्ते पहले की तुलना में अमेरिका अब इलाके में कहीं ज्यादा ताकतवर है. हालांकि ट्रंप ने माना कि इस सीजफायर के दौरान ईरान ने भी खुद को मजबूत किया है.
डील नहीं तो होगी बमबारी, बोले ट्रंप
ट्रंप से पूछा गया कि डील न होने की स्थिति में क्या वो फिर से बमबारी शुरू करेंगे? इस पर ट्रंप ने दोटूक कहा- हां, मुझे लगता है कि हम बमबारी करेंगे. मैं युद्धविराम को आगे नहीं बढ़ाना चाहता. हमारे पास अब ज्यादा वक्त नहीं बचा है. जो लोग इस मामले में थोड़ा वक्त लेने या जल्दबाजी न करने की सलाह दे रहे हैं, उन्हें ट्रंप ने 'देशद्रोही' करार दे दिया.
देखें- कत्ल-ए-आम को धर्म का नाम देकर जायज ठहराने की कोशिश कर रहे ईरान-इजरायल-अमेरिका?
इराक, वियतनाम युद्ध पर क्या कहा"
ट्रंप ने ईरान पर जीत का दावा करते हुए कहा कि ये जंग हम पूरी तरह जीत चुके हैं. वियतनाम को देखिए, हमने 45 मिनट में उसे फतह कर लिया था. वियतनाम युद्ध के दौरान अगर मैं राष्ट्रपति होता तो उसे भी बहुत जल्दी जीत लेता. इराक युद्ध को जीतने में उतना वक्त भी नहीं लगता, जितना ईरान में लगा है. हम पूरी तरह यहां जीत हासिल कर चुके हैं.
इजरायल को बताया छोटा भाई
उन्होंने नाटो देशों की आलोचना करते हुए कहा कि उनसे बेहतर सहयोगी तो मिडिल ईस्ट के देश हैं. इजरायल अमेरिका का बहुत अच्छा पार्टनर है. हम ब्रिग ब्रदर और वो छोटे भाई की तरह हैं. छोटा भाई ने बहुत साहस दिखाया है. वह हमारे लिए बहुत मददगार साबित हुआ है.
NDTV.in पर ताज़ातरीन ख़बरों को ट्रैक करें, व देश के कोने-कोने से और दुनियाभर से न्यूज़ अपडेट पाएं