- US नाकाबंदी के कारण ईरान तेल टैंकरों को बाहर नहीं भेज पा रहा है, रोजाना 30 लाख बैरल तेल समंदर में बहा रहा है.
- ईरान का तेल स्टोरेज पूरा भर चुका है, जिससे उसे रोज 2800 करोड़ रुपए मूल्य के तेल को समंदर में फेंकना पड़ रहा है
- ईरान के पास लगभग 3500 सक्रिय तेल कुएं हैं, जिनमें तेल निकासी आवश्यक है अन्यथा कुएं जलभराव से ठप हो जाएंगे.
Iran Crude Oil: ईरान का इजरायल और अमेरिका के चल रहे तनाव के कारण पूरी दुनिया में पेट्रोल-डीजल के लिए हाहाकार मचा है. कई देशों में पेट्रोल-डीजल की कीमत बढ़ गई है. इंटरनेशनल मार्केट में कच्चे तेल की कीमत लगातार बढ़ती जा रही है. इस बीच ईरान रोज 2800 करोड़ का तेल समंदर बहा रहा है. दरअसल होर्मुज के पास अमेरिकी नाकाबंदी के कारण ईरान के तेल टैंकर बाहर नहीं जा पा रहे हैं. ऐसे में ईरान रोज 30 लाख बैरल क्रूड ऑयल समंदर में बहा रहा है. एसोसिएटेड प्रेस, अलजरीरा और रॉयटर्स ने सैटेलाइट इमेज के हवाले से यह बताया कि ईरान के खार्ग द्वीप के पास समंदर पर क्रूड ऑयल बहाया जा रहा है.
सैटेलाइट तस्वीरों की जांच से हुआ खुलासा
एसोसिएटेड प्रेस (AP) द्वारा जांची गई सैटेलाइट तस्वीरों से पता चलता है कि फारस की खाड़ी में तेल का एक रिसाव दिखाई दे रहा है, जो ईरान के मुख्य कच्चे तेल निर्यात टर्मिनल, खार्ग द्वीप के पश्चिमी हिस्से से निकल रहा है. समुद्री इंटेलिजेंस फर्म Windward AI के CEO, Ami Daniel ने अनुमान लगाया है कि मंगलवार को सैटेलाइट तस्वीरों में यह रिसाव पहली बार दिखने के बाद से खार्ग द्वीप से लगभग 80,000 बैरल तेल के बराबर तेल बह चुका है.
अभी यह पता नहीं चल पाया है कि यह रिसाव किसी तकनीकी खराबी, हवाई हमले या किसी अन्य वजह से हुआ है. Greenpeace Germany की अंतरराष्ट्रीय संकट प्रबंधन विशेषज्ञ, Nina Noelle ने शुक्रवार को बताया कि शुरुआती आकलन और हाल की तस्वीरों से पता चलता है कि यह रिसाव अब फैलना शुरू हो गया है.

रिपोर्ट में दावा किया गया है कि 30 लाख बैरल क्रूड ऑयल की कीमत करीब 2800 करोड़ रुपए होती है. ऐसे में ईरान हर रोज 2800 करोड़ का क्रूड ऑयल समंदर में यूं भी बहा रहा है. हालांकि ईरान ने तेल रिसाव की इन खबरों का खंडन किया है.
सैटेलाइट इमेज में भी दिखी थी तेल रिसाव की तस्वीरें
बीते दिनों एक सैटेलाइट इमेज में भी ईरान के खार्ग द्वीप के पास समंदर में क्रूड ऑयल के रिसाव की तस्वीरें सामने आई थी. ईरान की ओर से तेल बहाए जाने से संबंधित कोई आधिकारिक जानकारी तो नहीं दी गई है. लेकिन मीडिया रिपोर्ट में दावा किया जा रहा है कि ईरान का स्टोरेज फुल हो चुका है.

ईरान ने तेल रिसाव की खबरों का किया खंडन
सरकारी मीडिया के अनुसार, ईरान की ऑयल टर्मिनल्स कंपनी ने रविवार को खार्ग द्वीप के पास तेल रिसाव की खबरों का खंडन किया. यह खंडन तब आया जब इस हफ्ते सैटेलाइट तस्वीरों में खाड़ी में देश के मुख्य तेल निर्यात केंद्र के पश्चिम में तेल का एक बड़ा धब्बा दिखाई दिया था.
कंपनी के मुख्य कार्यकारी अधिकारी ने कहा कि निरीक्षण में भंडारण टैंकों, पाइपलाइनों, लोडिंग सुविधाओं या द्वीप के पास काम कर रहे टैंकरों से किसी भी तरह के रिसाव का कोई सबूत नहीं मिला है. उन्होंने आगे कहा कि समुद्री आपातकालीन आपसी सहायता केंद्र MEMAC ने भी इस क्षेत्र में रिसाव का कोई संकेत नहीं पाया है. मालूम हो कि MEMAC समुद्री प्रदूषण से निपटने वाली एक क्षेत्रीय संस्था है.
ईरान के पास करीब 3500 तेल के कुएं
रिपोर्ट की माने तो ईरान के पास करीब 3500 तेल के सक्रिए कुएं है. जिससे हर रोज तेल की निकासी होती है. जंग और अमेरिकी नाकाबंदी के बाद सप्लाई चेन प्रभावित होने के बाद भी इन कुओं से तेल की निकासी जरूरी है. क्योंकि यदि इसे बंद किया गया तो इन कुओं में पानी भर जाएगा. और यदि एक बार तेल के कुओं में पानी भरा तो ये कुएं हमेशा के लिए ठप हो जाएंगे. ऐसे में ईरान की मजबूरी है कि वो हर रोज तेल की निकासी करें.
ईरान का 3 करोड़ बैरल का स्टोरेज कैपिसिटी फुल
रिपोर्ट में दावा किया जा रहा है कि ईरान के पास 3 करोड़ बैरल का स्टोरेज कैपिसिटी है, जो फुल हो चुका है. 28 अप्रैल को ईरान ने अपने 30 साल पुराने जहाज 'नाशा' में भी 20 लाख बैरल तेल स्टोर किया था. अब आलम यह है कि ईरान में तेल स्टोरेज की कोई जगह नहीं बची है.
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