
पाकिस्तान के सैन्य अभियान महानिदेशक (डीजीएमओ) ने अपने भारतीय समकक्ष को आगामी 24 दिसंबर को मुलाकात करने के लिए आमंत्रित किया है। इस मुलाकात में नियंत्रण रेखा पर संघर्ष विराम की व्यवस्था को मजबूत करने के उपायों पर चर्चा की जाएगी।
यह कदम दोनों देशों के प्रधानमंत्रियों के बीच इसी साल न्यूयॉर्क में हुई मुलाकात में बनी सहमति के तीन महीने बाद उठाया गया है। दोनों नेताओं ने सहमति जताई थी कि नियंत्रण रेखा पर तनाव कम करने के लिए डीजीएमओ को रास्ता तलाशना चाहिए।
पाकिस्तानी सेना की मीडिया इकाई के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया, 'पाकिस्तानी सेना के डीजीएमओ ने 24 दिसंबर को मुलाकात के लिए अपने भारतीय समकक्ष को आमंत्रित किया है।'
विदेश विभाग ने एक बयान में कहा कि नियंत्रण रेखा पर संघर्षविराम सुनिश्चित करने की व्यवस्था को मजबूत करने के लिए यह आमंत्रण दिया गया है।
पाकिस्तानी सेना और विदेश विभाग की ओर से इस प्रस्तावित मुलाकात के स्थान के बारे में कोई विवरण नहीं दिया गया है।
पाकिस्तानी डीजीएमओ की ओर से यह निमंत्रण भेजे जाने से ठीक पहले प्रधानमंत्री नवाज शरीफ की अध्यक्षता में सुरक्षा मामलों पर कैबिनेट समिति की बैठक हुई जिसमें राष्ट्रीय सुरक्षा के मुद्दों पर चर्चा की गई।
पिछले कुछ वर्षों में दोनों देशों के डीजीएमओ के बीच कोई बैठक नहीं हुई है। भारतीय डीजीएमओ लेफ्टिनेंट जनरल विनोद भाटिया और उनके भारतीय समकक्ष मेजर जनरल आमिर रजा ने 25 एवं 29 अक्तूबर को हॉटलाइन के जरिए बात की थी।
प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह और उनके पाकिस्तानी समकक्ष नवाज शरीफ ने बीते 29 सितंबर को न्यूयॉर्क में हुई मुलाकात के दौरान डीजीएमओ के बीच मुलाकात पर सहमति जताई थी।
दोनों नेताओं का मानना था कि अगस्त महीने में पांच भारतीय सैनिकों की हत्या के बाद नियंत्रण रेखा पर उपजे तनाव को कम करने में डीजीएमओ की मुलाकात से मदद मिलेगी।
डीजीएमओ की मुलाकात का कार्यक्रम तय नहीं किया जा रहा था और इसमें विलंब का कारण भी नहीं बताया गया।
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