
मुंबई हमला मामले में सात पाकिस्तानी आरोपियों ने अपने मुकदमे को आगे बढ़ाने के लिए दो नए वकील रखे हैं। आरोपियों में लश्कर- ए-तैयबा कमांडर जकीउर रहमान लखवी भी शामिल है।
आरोपियों ने इस्लामाबाद के वकील जाहिद हुसैन तिरमीजी और राजा रिजवान अब्बासी को अदालत में अपना बचाव करने के लिए रखा है, जो इस्लामाबाद में आतंकवाद रोधी अदालत में चल रही सुनवाई में उनकी पैरवी करेंगे।
गौरतलब है कि उनसे पहले के वकीलों ने निजी कारणों का हवाला देते हुए खुद को मामले से अलग कर लिया था।
26 नवंबर 2008 को मुंबई में हुए हमले में कथित भूमिका निभाने को लेकर लखवी, अब्दुल वाजिद, मजहर इकबाल, हम्माद अमीन सादिक, शाहिद जमील रियाज, जमील अहमद और यूनुस अंजुम को जुलाई 2009 में गिरफ्तार किया गया था। इस हमले में 166 लोग मारे गए थे और 300 से अधिक घायल हुए थे।
अब्बासी ने इन बातों को खारिज कर दिया कि मामले में अब और अधिक देर होगी। अब्बासी ने कहा, हमारी ओर से देर होने का कोई सवाल ही नहीं है। हमारे मुवक्किल पांच साल से हिरासत में हैं और हम मामले की सुनवाई में तेजी लाना चाहते हैं। मामले की अगली सुनवाई हमले की पांचवी बरसी के एक दिन बाद 27 नवंबर को होनी है। मामले के विशेष सरकारी वकील चौधरी मोहम्मद अजहर ने भी कहा कि मामले में और देर नहीं होगी।
उन्होंने कहा, और देर होने का कोई सवाल ही नहीं है। मामला आगे बढ़ेगा। बचाव पक्ष के नए वकील रख लिए गए हैं।
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