एक आतंकवाद निरोधक अदालत ने आज इंसान का ताजा मांस खाने के मामले में दो भाइयों को 12 साल के सश्रम कारावास की सजा सुनाई। ये दोनों इससे पहले 2011 में मांस खाने के मामले में दो साल की सजा काट चुके हैं।
पंजाब प्रांत के सरगोधा जिले की आतंकवाद निरोधक अदालत ने अप्रैल में उनके गिरफ्तार होने के दो महीने बाद फैसला सुनाया। मुहम्मद आसिफ (35) और फरमान अली (30) मियांवाली जिला जेल में अपनी सजा काटेंगे।
ये दोनों लाहौर से करीब 400 किलोमीटर दूर स्थित भाखड़ जिले के कस्बे दरयां खान के रहने वाले हैं। उन्हें अपने घर में मृत बच्चे का मांस खाने के आरोप में अप्रैल में दोबारा गिरफ्तार किया गया था।
पुलिस के अनुसार, दोनों भाइयों ने वर्ष 2011 में स्थानीय कब्रिस्तान में सौ से अधिक कंकाल खोदकर निकाले और उनका मांस खाया था। पड़ोसियों द्वारा शिकायत करने पर उन्हें गिरफ्तार किया गया था।
चूंकि पाकिस्तान में नरभक्षियों से संबंधित कोई कानून नहीं है, भाइयों को उस समय कब्र खोदने के लिए दोषी पाया गया था। उन्हें मई 2013 में रिहा किया गया, लेकिन वे इंसान का मांस खाने के मामले में फिर से शामिल हुए।
ये दोनों भाई शादीशुदा हैं, लेकिन उनके नरभक्षी होने की बात सामने आने पर उनकी पत्नियों ने उन्हें कथित रूप से छोड़ दिया था।
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