- PoK में चल रही अशांति के बीच कश्मीरियों की भारत से अपील- हमारी मदद कीजिए
- JAAC के नेता सरदार अमन खान ने कहा कि पाकिस्तान सरकार की आर्थिक नाकेबंदी की वजह से राशन की किल्लत हो गई है
- इस JAAC नेता ने भारत से पुंछ और डोडा सेक्टर में LoC खोलने की भी अपील की
पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर (PoK) में चल रही अशांति ने अब तक सैंकड़ों लोगों की जान ले ली है. पाकिस्तान की निरंकुश सेना के हाथों हर रोज लोग मारे जा रहे हैं. ऐसे में PoK के विरोध-प्रदर्शन की अगुवाई करने वाली जॉइंट अवामी एक्शन कमेटी (JAAC) के नेता सरदार अमन खान ने भारत से मदद मांगी है. उनका दावा है कि विरोध प्रदर्शनों पर कड़ी कार्रवाई के बाद पाकिस्तान सरकार ने इस इलाके में आर्थिक नाकेबंदी कर दी है. अब JAAC नेता ने नई दिल्ली से मानवीय सहायता भेजने और लाइन ऑफ कंट्रोल (LoC) पर बॉर्डर खोलने की अपील की. उन्होंने तर्क दिया कि अगर हालात और बिगड़ते हैं, तो PoK के आम नागरिकों के पास भारत जाने का विकल्प होना चाहिए.
सोशल मीडिया पर वीडियो वायरल
सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे एक वीडियो में अमन खान को यह कहते हुए सुना गया, "हमें भारत की मदद चाहिए. यहां राशन की कमी है..." उन्होंने दावा किया कि पाकिस्तानी सुरक्षा बलों द्वारा प्रदर्शनकारियों के खिलाफ कार्रवाई तेज करने से PoK के निवासियों को भोजन और दवाओं की कमी का सामना करना पड़ रहा है, जिससे गंभीर मानवीय संकट पैदा हो गया है.
रावलकोट के ईदगाह मैदान में भारी भीड़ को संबोधित करते हुए अमन खान ने लोगों से पूछा कि क्या उन्हें लाइन ऑफ कंट्रोल की ओर बढ़ना चाहिए. भीड़ ने बार-बार जवाब दिया, "उसकी ओर बढ़ें."
"Help Us, India": PoJK Protesters Make Direct Appeal Amid Food Shortage
— OsintTV 📺 (@OsintTV) July 5, 2026
On the 26th day of protests, one of the main protest leaders, Sardar Aman Khan, appealed to the people across the Line of Control and to India for help, alleging that Pakistan has blocked food and medicine… pic.twitter.com/DRg3z2AlrL
PoK में अशांति और खून खराबा
पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर से यह अपील ऐसे समय में आई है जब PoK में पिछले महीने से पाकिस्तानी प्रशासन के खिलाफ बड़े पैमाने पर विरोध प्रदर्शन हो रहे हैं. पिछले हफ्ते, ईदगाह मैदान में हुई एक बड़ी विरोध रैली के दौरान, लोगों ने "PoK पाकिस्तान का हिस्सा नहीं है" और "हमें आजादी चाहिए" जैसे नारे लगाए. इससे पता चलता है कि भले विरोध सुधारों की मांग के साथ शुरू हुआ था, लेकिन अब यह पाकिस्तान से आजादी की खुली मांग में बदल गया है.
एक्सपर्ट्स का कहना है कि PoK में मौजूदा राजनीतिक संकट स्थानीय लोगों और क्षेत्रीय प्रशासन के बीच गहरे अविश्वास को दिखाता है, क्योंकि यह प्रशासन पूरी तरह से इस्लामाबाद के कंट्रोल में है. उनका मानना है कि JAAC पर प्रतिबंध लगाने और कब्जे वाले इलाके में सेना का इस्तेमाल करने का पाकिस्तानी अधिकारियों का फैसला, अशांति को दबाने की एक सोची-समझी साजिश का हिस्सा है.
5 जून को पाकिस्तानी अधिकारियों द्वारा JAAC को गैर-कानूनी घोषित करने और इस जमीनी स्तर के समूह को आतंकवादी संगठन करार देने के बाद PoK में अशांति और बढ़ गई है.
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