पाकिस्तान को सुरक्षित आतंकी पनाहगाहों पर कार्रवाई के लिए अपना रुख बदलना होगा : अमेरिका

पाकिस्तान को सुरक्षित आतंकी पनाहगाहों पर कार्रवाई के लिए अपना रुख बदलना होगा : अमेरिका

अमेरिकी रक्षा मंत्री एश्‍टन कार्टर (फाइल फोटो)

वाशिंगटन:

पाकिस्तान पर तीखा हमला करते हुए अमेरिका ने गुरुवार को इस बात पर जोर दिया कि पाकिस्तान को अफगानिस्तान में अस्थिरता लाने वाले, अमेरिकी सैनिकों के लिए खतरा पैदा करने वाले और भारत को निशाना बनाने वाले आतंकियों को सुरक्षित पनाहगाह उपलब्ध कराना बंद करने के लिए अपने रुख में ‘ऐतिहासिक बदलाव लाने की जरूरत है.

अमेरिकी रक्षा मंत्री एश्टन कार्टर ने कहा कि यह महत्वपूर्ण है कि पाकिस्तान उन लोगों को स्थान की पेशकश करना या उपलब्ध कराना बंद करे, जो अफगानिस्तान को अस्थिर करते हैं, अफगानिस्तान में अमेरिकी सैनिकों एवं अन्य गठबंधन सैनिकों के लिए खतरा पैदा करते हैं या भारत को निशाना बनाने वाले आतंकी समूहों को सहायता उपलब्ध कराते हैं.

कार्टर ने जापान से नई दिल्ली की यात्रा पर उनके साथ आ रहे पत्रकारों से कहा, ‘‘यह महत्वपूर्ण है कि पाकिस्तान को इस बात का एहसास हो, जैसा हम सबने उससे कहा है - मैंने कुछ समय से उनके नेताओं को कहा है कि यह एक ऐसा आतंकवाद है, जो पाकिस्तान के लिए एक बड़ा सामरिक खतरा पैदा करता है.’’

इसी तरह का विचार व्यक्त करते हुए अमेरिकी विदेश विभाग ने कहा कि उसने पाकिस्तान के नेतृत्व के समक्ष देश की आतंकी पनाहगाहों में हक्कानी नेटवर्क जैसे खूंखार अफगान तालिबान समूहों के प्रति सहिष्णुता को लेकर अपनी चिंता जाहिर की है. कुछ दिन पहले ही भारत और अफगानिस्तान ने भी आतंकवादी समूहों को सहायता देने के लिए पाकिस्तान की निंदा की थी.

विदेश विभाग के उप प्रवक्ता मार्क टोनर ने संवाददाताओं से कहा, ‘‘हम पाकिस्तान और अफगानिस्तान दोनों देशों को आपस में आतंकवाद की रोकथाम के लिए अभियान चलाने और प्रयासों में सहयोग देने के लिए उत्साहित करते हैं क्योंकि उसी से क्षेत्र में स्थिरता लाने में मदद मिलेगी.

टोनर का यह बयान भारत और अफगानिस्तान द्वारा हार्ट ऑफ एशिया में अलग-थलग पड़े पाकिस्तान पर आतंकवाद को प्रायोजित करने और सहायता पहुंचाने को लेकर हमला बोलने के एक दिन बाद आया है. बिना पाकिस्तान का नाम लिए भारतीय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने हार्ट ऑफ एशिया सम्मेलन के उद्घाटन संबोधन में कहा था, ‘‘आतंकी हिंसा में वृद्धि हमारे पूरे क्षेत्र के लिए खतरा है. अफगानिस्तान में अमन के लिए जो आवाजें उठ रही हैं सिर्फ वही पर्याप्त नहीं है.’’

(इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है. यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)


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