विज्ञापन

'IMF के लोन से मुक्त होगा पाकिस्तान', क्या है JF-17 प्लान?, जिसके दम पर PAK रक्षा मंत्री देख रहे मुंगेरी लाल के सपने

हाल के महीनों में पाकिस्तान ने अपने रक्षा क्षेत्र में विस्तार किया है ताकि हथियारों का निर्यात बढ़ाया जा सके. पाकिस्तान के इस प्लान में JF-17 का सबसे बड़ा रोल है. जिसमें पाकिस्तान का अब तक के सबसे बड़े हथियार सौदों में से अजरबैजान के साथ हुए समझौते और लीबियाई राष्ट्रीय सेना के साथ हुए 4 अरब डॉलर के डील शामिल है.

'IMF के लोन से मुक्त होगा पाकिस्तान', क्या है JF-17 प्लान?, जिसके दम पर PAK रक्षा मंत्री देख रहे मुंगेरी लाल के सपने
पाकिस्तान लड़ाकू विमान JF-17 और रक्षा मंत्री ख्वाजा आसिफ.
  • पाकिस्तान के रक्षा मंत्री ख्वाजा आसिफ ने JF-17 विमानों के ऑर्डर में रिकॉर्ड वृद्धि का दावा किया.
  • पाकिस्तान का कहना है कि छह महीने में JF-17 विमानों के ऑर्डर से IMF से वित्तीय सहायता की आवश्यकता नहीं होगी.
  • पाकिस्तान का यह दावा हकीकत के कितने करीब है? आइए जानते हैं- इस रिपोर्ट में.
क्या हमारी AI समरी आपके लिए उपयोगी रही?
हमें बताएं।
इस्लामाबाद:

Pakistan JF 17 Aircraft Deal: पाकिस्तान के रक्षा मंत्री ख्वाजा आसिफ ने लड़ाकू विमान जेएफ-17 को लेकर एक बड़ा दावा किया है. ख्वाजा आसिफ का दावा है कि भारत के साथ मई 2025 में हुई सैन्य संघर्ष के बाद इस्लामाबाद को चीन में बने JF-17 थंडर जेट विमानों के ऑर्डर में रिकॉर्ड वृद्धि देखने को मिली है. JF-17 का रिकॉर्ड ऑर्डर मिलने के बाद पाकिस्तान का दावा है कि उसे छह महीने बाद उसे अंतर्राष्ट्रीय मुद्रा कोष (IMF) से वित्तीय सहायता की आवश्यकता नहीं पड़ सकती है. पाकिस्तान के इस दावे में कितनी सच्चाई है? आइए जानते हैं इस रिपोर्ट में.

सबसे पहले जानिए ख्वाजा आसिफ ने क्या कहा?

पाकिस्तान के रक्षा मंत्री ख्वाजा आसिफ ने जियो न्यूज से बातचीत में कहा, "हमारे विमानों का परीक्षण हो चुका है और हमें इतने ऑर्डर मिल रहे हैं कि छह महीने में पाकिस्तान को अंतर्राष्ट्रीय मुद्रा कोष की आवश्यकता नहीं पड़ सकती है." रक्षा मंत्री का यह बयान IMF की शर्त के कारण पाकिस्तान इंटरनेशनल एयरलाइंस (PIA) को बेचने के लिए मजबूर होने के कुछ महीनों बाद आया है.

IMF पर पाकिस्तान की निर्भरता

पाकिस्तान वर्तमान में 7 अरब डॉलर के IMF कार्यक्रम के तहत है, जो उसका 24वां कार्यक्रम है. यह कार्यक्रम 3 अरब डॉलर के अल्पकालिक समझौते के बाद शुरू हुआ, जिसने 2023 में संप्रभु दिवालियापन को टालने में मदद की. सऊदी अरब और अन्य खाड़ी सहयोगियों द्वारा वित्तीय सहायता और जमा राशि को बरकरार रखने के बाद पाकिस्तान को IMF का समर्थन प्राप्त हुआ.

जानकारों के अनुसार IMF का यह लोन सख्त शर्तों के साथ हैं, जिसमें राजकोषीय सुधार, सब्सिडी में कटौती और राजस्व सृजन संबंधी पहल शामिल हैं, जिन्हें पाकिस्तान को ऋण प्राप्त करने के लिए लागू करना होगा.

पाकिस्तान की JF-17 की डिफेंस डील

हाल के महीनों में पाकिस्तान ने अपने रक्षा क्षेत्र में विस्तार किया है ताकि हथियारों का निर्यात बढ़ाया जा सके. साथ ही घरेलू रक्षा उद्योग से मोटी कमाई की जा सके. पाकिस्तान के इस प्लान में JF-17 का सबसे बड़ा रोल है. पाकिस्तान का अब तक के सबसे बड़े हथियार सौदों में से अजरबैजान के साथ हुए समझौते और लीबियाई राष्ट्रीय सेना के साथ हुए 4 अरब डॉलर के हथियार समझौते में शामिल हैं.

सऊदी अरब का कर्ज भी लड़ाकू विमान सौदे में बदलना चाहता है पाकिस्तान

साथ ही इस्लामाबाद ने बांग्लादेश के साथ जेएफ-17 विमानों की संभावित बिक्री पर भी बातचीत की है. रॉयटर्स की एक रिपोर्ट के अनुसार, इस्लामाबाद सऊदी अरब से लगभग 2 अरब डॉलर के कर्ज को जेएफ-17 लड़ाकू विमान सौदे में बदलने के लिए भी बातचीत कर रहा है. पाकिस्तान की ये कोशिशें इस बात को रेखांकित करती हैं कि जेएफ-17 लड़ाकू विमान के जरिए पाकिस्तान अपनी आर्थिक सेहत सुधारने में जुटा है.
 

लेकिन सबसे बड़ा सवाल यह है कि क्या इससे पाकिस्तान इतनी कमाई कर लेगा कि 6 महीने बाद उसे IMF के कर्ज से मुक्ति मिल जाएगा. जैसा कि रक्षा मंत्री ख्वाजा आसिफ ने कहा. जानकारों का मानना है कि यह इतना आसान नहीं है.

क्या पाकिस्तान का यह प्लान पास होगा?

रक्षा मंत्री ख्वाजा आसिफ के दावे पर प्रतिक्रिया देते हुए पाकिस्तानी राजनीतिक वैज्ञानिक और लेखिका आयशा सिद्दीका ने इंडिया टुडे की एक रिपोर्ट के अनुसार कहा, "ऐसा लगता है जैसे रक्षा मामलों को कवर करने का दावा करने वाले कई पत्रकार, विमान और पनडुब्बी के आगे-पीछे के हिस्से में अंतर भी नहीं जानते. पाकिस्तान के पास JF-17 थंडर विमान ढांचे का लगभग 35% हिस्सा है. इससे पाकिस्तान को अंतर्राष्ट्रीय मुद्रा कोष से कर्ज चुकाने के लिए पर्याप्त धन नहीं बचता."

आयशा सिद्धिका की यह टिप्पणी बताती है कि JF-17 को लेकर पाकिस्तान के रक्षा मंत्री ख्वाजा आसिफ का दावा मुंगेरी लाल के हसीन सपने की तरह है.

पाकिस्तान का JF-17 को लेकर बढ़ा-चढ़ा दावा

पाकिस्तान का कहना है कि पिछले साल मई में भारत के साथ हुए संघर्ष के दौरान जेएफ-17 विमान तैनात किए गए थे. यह दशकों में दोनों परमाणु-सशस्त्र पड़ोसी देशों के बीच सबसे भीषण लड़ाई थी. लेकिन खबरों के मुताबिक, पहलगाम आतंकी हमले के बाद भारत की जवाबी कार्रवाई ऑपरेशन सिंदूर में पाकिस्तानी वायु सेना (PAF) ने 6 से 9 लड़ाकू विमान खो दिए, जिसमें दो महत्वपूर्ण निगरानी विमान, 10 से अधिक सशस्त्र ड्रोन और एक सी-130 हरक्यूलिस परिवहन विमान शामिल थे. इस हमले में 26 लोगों की जान गई थी.

  1. सूत्रों के अनुसार, मई की शुरुआत में हुई सैन्य झड़प के बाद के आकलन से पाकिस्तानी हवाई और जमीनी सैन्य संपत्तियों को भारी नुकसान का पता चला है. उन्होंने बताया कि हवाई अभियानों के दौरान पीएएफ के छह से नौ लड़ाकू विमान मार गिराए गए.
  2. इन विमानों के मार गिराए जाने की पुष्टि रडार ट्रैकिंग और भारतीय जमीनी मिसाइल प्रणालियों और हवाई प्रारंभिक चेतावनी उपकरणों द्वारा प्राप्त थर्मल संकेतों के माध्यम से हुई. सूत्रों ने बताया कि हमले की पुष्टि होने के बाद पाकिस्तानी विमान ट्रैकिंग ग्रिड से गायब हो गए.
  3. इसके अलावा, 11 हवाई अड्डों में फैले पीएएफ के लगभग 20 प्रतिशत बुनियादी ढांचे को भी व्यापक नुकसान पहुंचा, जिससे इस्लामाबाद की महत्वपूर्ण संपत्तियां जैसे कि साब 2000 एडब्ल्यूएसीएस और टीपीएस-43जे रडार सिस्टम पंगु हो गए.
Latest and Breaking News on NDTV


अब जानिए जेएफ-17 थंडर के बारे में

जेएफ-17 थंडर एक हल्का, हर मौसम में काम करने वाला, बहु-भूमिका वाला लड़ाकू विमान है. इसका निर्माण पाकिस्तान एयरोनॉटिकल कॉम्प्लेक्स (PAC) और चीन की चेंगदू एयरक्राफ्ट कॉर्पोरेशन (CAC) द्वारा संयुक्त रूप से किया जाता है. जेएफ-17 का निर्माण 1990 के दशक में बीजिंग और इस्लामाबाद के बीच हुए एक समझौते के तहत किया गया था.

दोनों देशों ने 2000 के दशक की शुरुआत में पाकिस्तान के पंजाब प्रांत में स्थित कामरा स्थित पीएसी संयंत्र में संयुक्त उत्पादन शुरू किया, जो इस्लामाबाद से मात्र 80 किलोमीटर (50 मील) की दूरी पर है. अल जज़ीरा की एक रिपोर्ट के अनुसार, उत्पादन दोनों देशों के बीच विभाजित है, जिसमें 58 प्रतिशत पाकिस्तान में और 42 प्रतिशत चीन में होता है.

जेएफ-17 के निर्माण में पाकिस्तान, चीन सहित 4 देशों की मशीनरी

पाकिस्तान वायु सेना के एक रिटायर एयर कमोडोर ने बताया कि हम विमान का अगला धड़ और ऊर्ध्वाधर पूंछ बना रहे हैं, जबकि चीन विमान का मध्य और पिछला धड़ बना रहा है. इसमें रूसी इंजन का उपयोग किया जा रहा है और ब्रिटिश निर्माता मार्टिन बेकर की सीटें लगाई जा रही हैं. हालांकि, विमान की पूरी असेंबली पाकिस्तान में की जाती है.

अनुमान के अनुसार, जेएफ-17 की प्रति यूनिट लागत 25 मिलियन डॉलर से 30 मिलियन डॉलर के बीच है. पाकिस्तान का दावा है कि जेएफ-17 को लेकर वह छह देशों से बातचीत कर रहा है, या सौदों को अंतिम रूप दे चुका है.

छह देशों से जेएफ-17 की डील पर बात कर रहा पाकिस्तान

पाकिस्तान के सेवानिवृत्त वायु मार्शल और विश्लेषक आमिर मसूद ने रॉयटर्स को बताया कि पाकिस्तान जेएफ-17 सहित उपकरण, इलेक्ट्रॉनिक सिस्टम और जेट के लिए हथियार प्रणालियों की आपूर्ति के लिए छह देशों के साथ बातचीत कर रहा है या सौदों को अंतिम रूप दे चुका है. उन्होंने दावा किया कि जेएफ-17 की बाजार में मांग इसलिए बढ़ गई है क्योंकि "इसका परीक्षण हो चुका है और इसे युद्ध में इस्तेमाल किया जा चुका है," और साथ ही यह लागत प्रभावी भी है.

NDTV.in पर ताज़ातरीन ख़बरों को ट्रैक करें, व देश के कोने-कोने से और दुनियाभर से न्यूज़ अपडेट पाएं

फॉलो करे:
Listen to the latest songs, only on JioSaavn.com