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इतना बड़ा हमला... बलूचिस्तान में BLA के हमलों से दहशत में आतंक का 'सौदागर', तिलमिलाया, शहबाज को सुनाया

Pakistan Attack: राणा मोहम्मद अशफाक ने कहा कि इस बार इन हमलों में जो सबसे खतरनाक बात यह थी कि जनता में इन हमलों का बिल्कुल भी डर देखने को नहीं मिला. यह सुरक्षा के स्तर पर एक बड़ा फेलियर है.

इतना बड़ा हमला... बलूचिस्तान में BLA के हमलों से दहशत में आतंक का 'सौदागर', तिलमिलाया, शहबाज को सुनाया
बलूचिस्तान प्रांत में हमलों से डरा राणा मोहम्मद अशफाक
  • BLA लड़ाकों ने बलूचिस्तान के 12 शहरों में हमले कर पाकिस्तान में दहशत मचा दी है. दहशतगर्द खुद भी डरे हुए हैं.
  • लश्कर-ए-तैयबा कमांडर राणा मोहम्मद अशफाक ने इन हमलों को पाकिस्तान के इतिहास का सबसे बड़ा विद्रोही हमला बताया
  • राणा मोहम्मद अशफाक ने सुरक्षा और राजनीतिक स्तर पर बड़े फेलियर को स्वीकार किया.
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पाकिस्तान के बलूचिस्तान प्रांत शनिवार को  बलूचिस्तान लिबरेशन आर्मी BLA के हमलों से बुरी तरह हिल गया. इन हमलों में 15 पाक सुरक्षा बलों के साथ ही 33 लोगों के मारे जाने की जानकारी सामने आई है. BLA का दावा है कि उन्होंने 12 शहरों को निशाना बनाया है. इन हमलों से लश्कर-ए-तैयबा का टॉप कमांडर राणा मोहम्मद अशफाक खौफ में है. वीडियो में वह तिलमिलाया हुआ नजर आ रहा है. उसकी बातों से पता चल रहा है कि वह किस कदर डरा हुआ है. 

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रोने लगा 'आतंक का सौदागर'

लश्कर कमांडर राणा मोहम्मद अशफाक एक वीडियो में  तिलमिलाते हुए दिखाई दे रहा है. वह दावा कर रहा है कि यह बलूचिस्तान के इतिहास में BLA विद्रोहियों द्वारा किया गया अब तक का सबसे बड़ा हमला है. उसने ये भी कहा कि  BLA विद्रोहियों द्वारा किए गए जेल ब्रेक के दौरान कई कैदियों को रिहा कर दिया गया था. साथ ही वह यह भी शिकायत कर रहा है कि स्थानीय बलूच लोगों का BLA लड़ाकों के प्रति दोस्ताना व्यवहार पाकिस्तान के लिए अच्छा नहीं है.

पाकिस्तान के इतिहास में ऐसे हमले नहीं हुए

राणा मोहम्मद अशफाक ने वीडियो में आगे कहता नजर आ रहा है कि बलूचिस्तान में कल वो हुआ जो होना ही नहीं चाहिए था. पाकिस्तान के इतिहास में कभी इस तरह का हादसा नहीं देखा गया. बलूचिस्तान के 12 शहरों पर अचानक हमले शुरू हो गए, जिनमें सिपी, मस्तुंग, खुजदार, दलबंदिन, नोश्की, तुर्बत और पंजगुर के कई इलाके शामिल थे. क्वेटा को सबसे ज़्यादा निशाना बनाया गया, जहां बैंकों पर हमला किया गया और उन्हें आग लगा दी गई.

हमलों की प्लानिंग कहां और कैसे हुई?

राणा ने दावा किया कि बलूच लड़ाके मस्तुंग जेल से 27 कैदियों को भगाने में कामयाब रहे. उसने दावा किया कि  नुश्की में डिप्टी कमिश्नर और असिस्टेंट कमिश्नर को भी बंधक बना लिया गया. उसका कहना है कि स्टेट पर एक बड़ा सवालिया निशान यह है कि लड़ाकों ने इतने बड़े हादसे कहां बैठकर और कैसे प्लान किए. ये संभव कैसे हो पाया और ये लोग हमारी नजरों से कैसे छुपे रहे. 

सुरक्षा के स्तर पर बड़ा फेलियर

राणा मोहम्मद अशफाक ने कहा कि इस बार इन हमलों में जो सबसे खतरनाक बात यह थी कि जनता में इन हमलों का बिल्कुल भी डर देखने को नहीं मिला. सुरक्षा के स्तर पर एक बड़ा फेलियर दिखता है, उसी तरह राजनीतिक स्तर पर भी बलूचिस्तान के अंदर एक फेलियर नजर आता है. ऐसा लगता है कि जो लोग इस वक्त राजनीति के फ्रंट पर पाकिस्तान के प्रतिनिधि बने हुए हैं उनकी पहुंच जसे जनता के अंदर उतनी नहीं है, जितनी होनी चाहिए.    राणा मोहम्मद अशफाक ने कहा कि एक ऐसे बहुआयामी क्रूर ऑपरेशन की जरूरत है जो BLA  की जड़ों को न सिर्फ काटे बल्कि उनको  उखाड़ फेंके, ताकि आगे कभी भी बलूचिस्तान के अंदर इस तरह के हमलों के बारे में प्लानिंग तो दूर सोचऩा भी दूर की बात हो.
 

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