विज्ञापन
This Article is From Sep 09, 2012

'अमेरिकी कमांडो के सामने निहत्था खड़ा हो गया था लादेन'

'अमेरिकी कमांडो के सामने निहत्था खड़ा हो गया था लादेन'
वाशिंगटन: दुनिया के सबसे वांछित आतंकवादी ओसामा बिन लादेन को मारने के लिए अमेरिका ने शुरुआत में बी-2 स्पिरित बमवर्षक विमानों का इस्तेमाल कर बड़े स्तर पर हवाई हमले की योजना बनाई थी लेकिन बाद में इस काम को अंजाम देने के लिए उसने अपने दिग्गज कमांडो दस्ते को चुना।

अल कायदा के शीर्ष आतंकी को पाकिस्तान में खत्म करने के लिए ऑपरेशन नेप्चून स्पीयर में शामिल नौसैनिक सील कमांडो मैट बिसोनेट ने अपने संस्मरण में कहा है कि राष्ट्रपति बराक ओबामा और उनके सलाहकारों ने अंतिम क्षण तक विभिन्न विकल्पों पर विचार किया।

‘मार्क ओवन’ के छद्म नाम से लिखी अपनी आत्मकथा में बिसोनेट ने लिखा है, ‘‘जमीनी हमले के विकल्प को राष्ट्रपति ने अब तक खत्म नहीं किया था। हमें अब तक योजना बनाने और पूर्वाभ्यास करने का अधिकार दिया गया था। उस घर को नष्ट करने के लिए बी-2 बमवर्षक विमान की सहायता से बड़े स्तर पर हवाई हमला करने की योजना पर व्हाइट हाउस अभी भी विचार कर रहा था।’’

उन्होंने कहा कि अमेरिकी रक्षामंत्री रॉबर्ट गेट्स हवाई हमले के पक्ष में थे क्योंकि इससे अमेरिकी सैनिक पाकिस्तान की जमीन से दूर रहते और अभियान पाकिस्तान की संप्रभुता पर हमला करने जैसा नहीं दिखता।

हवाई हमले के लिए 2000 पाउंड के 32 स्मार्ट बम की जरूरत थी। लेखक ने कहा, ‘‘बमबारी डेढ़ मिनट तक चलती और अगर परिसर में बंकर प्रणाली होती तो जमीन के नीचे कम से कम 30 फुट तक भेद डालती। आसपास नुकसान की आशंका काफी ज्यादा थी और इस तरह की तबाही के बाद पहचाने जाने वाले अवशेष मिलने की संभावना भी कम थी।

पेंगुइन द्वारा हाल ही में प्रकाशित की गई इस किताब में 22 सील कमांडो, एक ईओडी और एक सीआईए दुभाषिये द्वारा 2 मई 2011 की रात पाकिस्तान के एबटाबाद में किए गए अभियान के दिलचस्प ब्यौरे दिए गए हैं। अभियान में उन्होंने मकान में छिपे ओसामा और चार अन्य को मारा।

ओसामा को किस तरह मौत के घाट उतारा गया, इस पर किताब में बताया गया है कि कमांडो की गोली अल कायदा आतंकी के सर के दाहिने हिस्से में लगी। बिसोनेट ने लिखा कि ओसामा को शायद जानकारी मिल गई थी कि ‘हम आ रहे हैं’। उसने हेलीकॉप्टर की आवाज सुनी थी।

उन्होंने लिखा, ‘‘ओसामा के पास दूसरों के मुकाबले तैयार होने का ज्यादा समय था और इसके बावजूद उसने कुछ नहीं किया। क्या उसे अपने संदेश पर विश्वास था? क्या उसने जिस जेहाद की बात कही थी, उसे लड़ने की उसमें चाहत थी? मुझे ऐसा नहीं लगता। वरना कम से कम वह बंदूक लिए हमारा सामना करता जैसा उसका मानना था।’’

NDTV.in पर ताज़ातरीन ख़बरों को ट्रैक करें, व देश के कोने-कोने से और दुनियाभर से न्यूज़ अपडेट पाएं

फॉलो करे:
US, House Of Osama Laden, अमेरिका, ओसामा बिन लादेन,