वाशिंगटन:
अमेरिका में एक गुरुद्वारे के बाहर एक बुजुर्ग सिख को लोहे की छड़ से बुरी तरह पीटा गया जिसके बाद उसकी हालत गंभीर बनी हुई है। पुलिस ने इस घटना के सिलसिले में एक व्यक्ति को गिरफ्तार किया है।
कैलीफोर्निया के फ्रेसनो शहर के एक गुरुद्वारे के बाहर 82 साल के पियारा सिंह पर हमला किया गया। इस शहर में सिख अथवा पंजाबी समुदाय के लोग अच्छी तादाद में रहते हैं। इस घटना को घृणा अपराध से जुड़ी घटना समझा जा रहा है।
फ्रेसनो शहर के पुलिस प्रमुख जेरी ड्येर ने गुरुद्वारे में एकत्र हुए सिखों को बताया कि घृणा अपराध के इस संदिग्ध आरोपी की पहचान गिलबर्ट गारशिया के रूप में हुई है। उसने लोहे की छड़ से पियारा सिंह को मारा जो इस गुरुद्वारे में एक स्वयंसेवी के तौर पर काम करते हैं।
पियारा सिंह पर हमला रविवार के दिन गुरुद्वारे के बाहर हुआ। अभी भी बेहोश पड़े सिंह को 20 टांके आए हैं। उनकी हड्डियां और पसलियां भी टूट गई हैं। उनकी हालत में कुछ सुधार हो रहा है।
देर शाम ड्येर के नेतृत्व में एफबीआई और न्यायिक विभाग के प्रतिनिधियों सहित सरकारी अधिकारियों के दल ने सिख समुदाय के सदस्यों से मुलाकत करके उन्हें आश्वासन दिया कि घृणा अपराधों से उन्हें बचाने के लिए पर्याप्त उपाय किए जा रहे हैं।
फ्रेसनो गुरुद्वारा के एक ग्रंथी गुरदेव सिंह मुहार ने कहा, ‘‘यह एक घृणा अपराध है।’’
कैलीफोर्निया के मध्य में स्थित फ्रेसनो शहर में बड़ी संख्या में सिख और पंजाबी समुदाय के लोग रहते हैं। इस घटना के बाद से अमेरिका के पूरे सिख समुदाय के साथ-साथ हिंदु अमेरिकी और अरब अमेरिकी समुदायों में भी रोष फैल गया। ये लोग लंबे समय से मांग कर रहे हैं कि इनके खिलाफ हुए हमलों को एफबीआई घृणा अपराध के रूप में दर्ज करे।
मुस्लिम नागरिक अधिकारों के लिए कार्यरत देश के सबसे बड़े संगठन ‘काउंसिल ऑन अमेरिकन-इस्लामिक रिलेशंस’ (सीएआईआर-एसवी) की सैक्रेमेंटो वैली शाखा ने एक बयान में कहा कि संगठन बुजुर्ग सिख पर हुए इस क्रूर हमले की निंदा करता है।
इस घटना की निंदा करते हुए उत्तरी अमेरिकी पंजाबी एसोसिएशन ने कहा कि पियारा सिंह गुरुद्वारे में एक स्वयंसेवक के तौर पर रोजमर्रा के काम किया करते थे।
गुरुद्वारा नानकसर के बाहर हुए इस हमले के समय वे गुरुद्वारे में सुबह के कार्यों को पूरा करके अपने घर की ओर जा रहे थे।
कैलीफोर्निया के फ्रेसनो शहर के एक गुरुद्वारे के बाहर 82 साल के पियारा सिंह पर हमला किया गया। इस शहर में सिख अथवा पंजाबी समुदाय के लोग अच्छी तादाद में रहते हैं। इस घटना को घृणा अपराध से जुड़ी घटना समझा जा रहा है।
फ्रेसनो शहर के पुलिस प्रमुख जेरी ड्येर ने गुरुद्वारे में एकत्र हुए सिखों को बताया कि घृणा अपराध के इस संदिग्ध आरोपी की पहचान गिलबर्ट गारशिया के रूप में हुई है। उसने लोहे की छड़ से पियारा सिंह को मारा जो इस गुरुद्वारे में एक स्वयंसेवी के तौर पर काम करते हैं।
पियारा सिंह पर हमला रविवार के दिन गुरुद्वारे के बाहर हुआ। अभी भी बेहोश पड़े सिंह को 20 टांके आए हैं। उनकी हड्डियां और पसलियां भी टूट गई हैं। उनकी हालत में कुछ सुधार हो रहा है।
देर शाम ड्येर के नेतृत्व में एफबीआई और न्यायिक विभाग के प्रतिनिधियों सहित सरकारी अधिकारियों के दल ने सिख समुदाय के सदस्यों से मुलाकत करके उन्हें आश्वासन दिया कि घृणा अपराधों से उन्हें बचाने के लिए पर्याप्त उपाय किए जा रहे हैं।
फ्रेसनो गुरुद्वारा के एक ग्रंथी गुरदेव सिंह मुहार ने कहा, ‘‘यह एक घृणा अपराध है।’’
कैलीफोर्निया के मध्य में स्थित फ्रेसनो शहर में बड़ी संख्या में सिख और पंजाबी समुदाय के लोग रहते हैं। इस घटना के बाद से अमेरिका के पूरे सिख समुदाय के साथ-साथ हिंदु अमेरिकी और अरब अमेरिकी समुदायों में भी रोष फैल गया। ये लोग लंबे समय से मांग कर रहे हैं कि इनके खिलाफ हुए हमलों को एफबीआई घृणा अपराध के रूप में दर्ज करे।
मुस्लिम नागरिक अधिकारों के लिए कार्यरत देश के सबसे बड़े संगठन ‘काउंसिल ऑन अमेरिकन-इस्लामिक रिलेशंस’ (सीएआईआर-एसवी) की सैक्रेमेंटो वैली शाखा ने एक बयान में कहा कि संगठन बुजुर्ग सिख पर हुए इस क्रूर हमले की निंदा करता है।
इस घटना की निंदा करते हुए उत्तरी अमेरिकी पंजाबी एसोसिएशन ने कहा कि पियारा सिंह गुरुद्वारे में एक स्वयंसेवक के तौर पर रोजमर्रा के काम किया करते थे।
गुरुद्वारा नानकसर के बाहर हुए इस हमले के समय वे गुरुद्वारे में सुबह के कार्यों को पूरा करके अपने घर की ओर जा रहे थे।
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