वाशिंगटन:
अमेरिकी राष्ट्रपति बराक ओबामा ने खुद को मध्य वर्ग का नेता बताते हुए 2012 के अपने चुनावी अभियान के लोकलुभावन विषय की लांचिंग के लिए भारत और चीन को होने वाली आउटसोर्सिग से पैदा होने वाले खतरे का राग अलापा। ओबामा ने कंसास के ऑसावाटोमी में मंगलवार को कहा, "आज अकाउंटेंट और मध्यम दर्जे के प्रबंधन जैसी उच्च कुशलता वाली नौकरियां भी चीन या भारत जैसे देशों को आउटसोर्स की जा सकती हैं।" इसके साथ ही ओबामा ने वालस्ट्रीट पर कब्जा आंदोलन के कुछ विषयों का जिक्र करते हुए अमेरिका में बढ़ रही आर्थिक विषमता के कई सारे कारण गिनाए। ओबामा ने कहा, "यदि आपका काम किसी कंप्यूटर या किसी दूसरे देश के व्यक्ति द्वारा सस्ते में हो सकता है, तो आप अपने उन कर्मचारियों के साथ कोई मुरव्वत नहीं करते, जब वे बेहतर वेतन या भत्तों की मांग करते हैं।" थियोडोर रूजवेल्ट के प्रगतिशील एजेंडे का जिक्र करते हुए ओबामा ने कहा, "यह मात्र एक और राजनीतिक बहस नहीं है। यह हमारे समय का एक निर्णायक मुद्दा है। यह मध्य वर्ग के बनने या बिगड़ने का समय है, और उन सभी के लिए भी जो मध्य वर्ग में शामिल होने के लिए संघर्ष कर रहे हैं।" ओबामा ने कहा कि अमेरिका का यह बुनियादी सिद्धांत आज दांव पर है कि "यह वह स्थान है, जहां आप यदि कोशिश करें तो इसे बना सकते हैं।" ओबामा ने यह बातें उसी छोटे-से शहर में कही, जहां अमेरिका के 26वें राष्ट्रपति और प्रगतिशील आंदोलन के नेता, रूजवेल्ट ने एक सदी से भी अधिक समय पहले नव राष्ट्रवाद के अपने दृष्टिकोण का खाका पेश किया था। ओबामा ने कहा कि यद्यपि रूजवेल्ट को एक क्रांतिकारी, समाजवादी, यहां तक कि कम्युनिस्ट तक कहा गया था, लेकिन हम आर्थिक निष्पक्षता और समान अवसर के उनके दृष्टिकोण के कारण ही धनी राष्ट्र और मजबूत लोकतंत्र बने हुए हैं।
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