- न्यूयॉर्क के कार्नेगी हिल और यॉर्कविले में लेजिओनेयर्स के 14 मरीज मिले हैं.
- यह एक निमोनिया जैसी बीमारी है, जो ऊंची बिल्डिंग्स में लगे कूलिंग टावर के जरिए फैलती है.
- यह छूने से फैलने वाली बीमारी नहीं है, लेकिन 50 साल से ज्यादा उम्र के लोगों को ज्यादा खतरा है.
World News: न्यूयॉर्क के अपर ईस्ट साइड में एक गंभीर बीमारी फैल रही है. इसका नाम लेजिओनेयर्स (Legionnaires) है. बीते रविवार तक इसके 14 मरीज सामने आ चुके हैं. गुरुवार तक यह बीमारी सिर्फ दो लोगों को थी, लेकिन अब मरीजों की संख्या अचानक 7 गुना बढ़ गई है. ये आंकड़े सामने आते ही स्वास्थ्य विभाग पूरी तरह से अलर्ट मोड पर आ गया है और एक नोटिफिकेशन जारी कर जनता को अलर्ट किया है.
कहां फैला है यह संक्रमण?
न्यूयॉर्क की रिपोर्ट के मुताबिक, यह बीमारी मुख्य रूप से कार्नेगी हिल और यॉर्कविले इलाकों में फैली है. इन इलाकों के पिन कोड 10028, 10128 और 10075 हैं. अगर आप या आपका कोई जानकारी जून के आखिर से इन इलाकों में रहा है, तो सावधान रहें. फ्लू जैसे लक्षण दिखने पर तुरंत डॉक्टर से संपर्क करें और थोड़ी भी लापरवाही न दिखाएं. डॉक्टर खोजने के लिए (चाहे आपका इमिग्रेशन स्टेटस कुछ भी हो या आपके पास इंश्योरेंस न हो) आप 311 या 844-NYC-4NYC (844-692-4692) पर कॉल कर सकते हैं.
कैसे फैल रही है यह बीमारी?
स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों ने बताया, 'बीमारी की वजह इलाके का एक कूलिंग टावर हो सकता है. ये आमतौर पर बड़ी इमारतों की छत पर होते हैं. इन टावरों से निकलने वाली पानी की बूंदों में लेजिओनेला (Legionella) बैक्टीरिया हो सकता है. टावर की लंबे समय तक सफाई न होने के कारण ये खतरनाक हो जाता है और फिर हवा में घुलकर सांस के जरिए फेफड़ों तक पहुंच जाता है. फिलहाल, इनकी जांच की जा रही है.
कूलिंग टावर कैसे काम करता है?
इसे ऐसे समझिए जैसे गर्मियों में हमें पसीना आता है और हम पंखे के नीचे बैठ जाते हैं, तो हवा लगने से पसीना सूखता है और हमें एकदम ठंडक महसूस होती है. कूलिंग टावर भी ठीक इसी तरह काम करता है. बड़ी बिल्डिंग के AC या मशीनों से जो बहुत सारा गर्म पानी निकलता है, वो पाइपों के जरिए छत पर रखे इस बड़े से 'कूलिंग टावर' में आता है. अब इस गर्म पानी को टावर के अंदर ऊपर से फव्वारे या शावर की तरह नीचे गिराया जाता है, ताकि पानी की बूंदें अच्छे से फैल जाएं. टावर में बड़े-बड़े पंखे लगे होते हैं. ये पंखे बाहर की हवा को खींचते हैं और इस गिरते हुए पानी से टकराते हैं.
जैसे आप गर्म चाय पर फूंक मारते हैं तो वो ठंडी हो जाती है, बिल्कुल वैसे ही हवा लगने से पानी की थोड़ी सी भाप उड़ जाती है और बाकी का पानी एकदम ठंडा हो जाता है. यह ठंडा पानी टावर के नीचे इकट्ठा होता है और वापस बिल्डिंग के AC या मशीनों को ठंडा करने के लिए भेज दिया जाता है. बस, यही काम लगातार गोल-गोल चलता रहता है.
क्या यह नई महामारी है?
यह कोई नई बीमारी या महामारी नहीं है. सबसे राहत की बात यह है कि यह एक इंसान से दूसरे में नहीं फैलती है. न्यूयॉर्क में इसके मामले पहले भी आते रहे हैं. पिछले साल हार्लेम इलाके में इसके 114 मामले आए थे. समय पर इलाज न मिलने पर यह जानलेवा हो सकती है. हालांकि, शुरुआती पहचान होने पर यह एंटीबायोटिक्स से पूरी तरह ठीक हो जाती है. मौजूदा प्रकोप में अभी तक किसी की जान नहीं गई है.
लेजिओनेयर्स के लक्षण और बचाव
इसके मुख्य लक्षणों में तेज बुखार, ठंड लगना, खांसी और सांस लेने में तकलीफ शामिल हैं. 50 साल से अधिक उम्र के लोगों को इससे सबसे ज्यादा खतरा है. धूम्रपान करने वालों और फेफड़ों की पुरानी बीमारी वाले मरीजों को विशेष ध्यान रखना चाहिए.
घबराएं नहीं, AC चलाना सुरक्षित है
स्वास्थ्य विभाग ने साफ किया है कि आम जनता के लिए खतरा बहुत कम है. यह इमारतों की प्लंबिंग या पाइपलाइन से जुड़ी समस्या नहीं है. आप आराम से नहा सकते हैं, खाना बना सकते हैं और अपना AC चला सकते हैं. भीषण गर्मी के दौरान AC चलाते रहना और भी जरूरी है.
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