- अमेरिकी जॉइंट चीफ्स ऑफ स्टाफ के अध्यक्ष ने कहा कि अमेरिका ने ईरान के बंदरगाहों और तटरेखा की नाकाबंदी की है
- अमेरिकी नौसेना को ईरानी जहाजों को रोकने और जब्त करने का अधिकार प्राप्त है और चेतावनी दी जा रही है
- पेंटागन ने स्पष्ट किया कि अमेरिका सैन्य और आर्थिक दोनों मोर्चों से ईरान पर दबाव बना रहा है
अमेरिकी रक्षा मंत्री पीट हेगसेथ ने ईरानी नेतृत्व को कड़ी चेतावनी देते हुए कहा है कि जब तक ईरान अपने लोगों और दुनिया के "हित" के लिए कोई "समझदारी भरा" समझौता नहीं चुनता, तब तक ईरानी बंदरगाहों की नाकाबंदी और लगातार आर्थिक दबाव जारी रहेगा. उन्होंने आगे चेतावनी दी कि यदि "ईरान गलत चुनाव करता है, तो उसे बुनियादी ढांचे, बिजली और ऊर्जा पर बमबारी और नाकाबंदी का सामना करना पड़ेगा."
गुरुवार को तीसरे दिन भी जारी रही होर्मुज जलडमरूमध्य की अमेरिकी नाकाबंदी के कारण कई व्यापारिक जहाजों को वापस भेज दिया गया है. अमेरिकी सेना ईरानी बंदरगाहों में आने-जाने वाले समुद्री यातायात पर पूर्ण नियंत्रण का दावा कर रही है. इस नाकाबंदी का उद्देश्य ईरान के प्रमुख समुद्री व्यापार मार्गों को काटकर उसकी अर्थव्यवस्था को अलग-थलग करना है. आधिकारिक सैन्य संचार के अनुसार, अमेरिकी सेना प्रतिबंध का पूर्ण अनुपालन सुनिश्चित करने के लिए उच्च स्तर की तत्परता बनाए हुए है. यह तनाव एक नाजुक समय पर आया है, क्योंकि ईरान ने चेतावनी दी है कि नाकाबंदी पहले से ही नाजुक स्थिति को और खराब कर सकती है.
'एक बटन दबाते ही कार्रवाई के लिए तैयार'
पीट हेगसेथ ने ईरानी सैन्य नेतृत्व को कड़ा संदेश दिया है. उन्होंने कहा, "हम आप पर नजर रख रहे हैं. हमारी क्षमताएं एक जैसी नहीं हैं—हमारी सेना और आपकी. याद रखिए, यह बराबरी का मुकाबला नहीं है. हम जानते हैं कि आप कौन से सैन्य संसाधन कहां और कैसे तैनात कर रहे हैं. जब आप बमबारी से तबाह और बर्बाद हुए ठिकानों से उबरने की कोशिश कर रहे हैं—हम और भी मजबूत होते जा रहे हैं… हम पूरी तरह से तैयार हैं—आपके महत्वपूर्ण दोहरे उपयोग वाले बुनियादी ढांचे, आपके बचे हुए बिजली उत्पादन और आपके ऊर्जा उद्योग पर. हम ऐसा करना नहीं चाहते, लेकिन हम अपने राष्ट्रपति के आदेश पर और एक बटन दबाते ही कार्रवाई करने के लिए तैयार हैं."
Secretary Hegseth just delivered a message to Iranian military leadership:
— DOW Rapid Response (@DOWResponse) April 16, 2026
"We are watching you. Our capabilities are not the same—our military and yours. Remember, this is NOT A FAIR FIGHT.
We know what military assets you are moving and where you are moving them. While you… pic.twitter.com/Mo5F5nBhIg
पेंटागन में आयोजित एक ब्रीफिंग को संबोधित करते हुए, सचिव हेगसेथ के साथ अमेरिकी ज्वाइंट चीफ्स ऑफ स्टाफ के अध्यक्ष जनरल डैन केन और अमेरिकी सेंट्रल कमांड के कमांडर एडमिरल ब्रैड कूपर भी उपस्थित थे. इस सत्र के दौरान, हेगसेथ ने स्पष्ट किया कि अनुपालन सुनिश्चित करने के लिए वर्तमान सैन्य स्थिति यथावत बनी रहेगी, और विशेष रूप से यह उल्लेख किया कि संयुक्त राज्य अमेरिका ईरानी सैन्य गतिविधियों पर कड़ी नजर रख रहा है.
होर्मुज की नहीं, नाकाबंदी ईरानी बंदरगाहों की
अमेरिका के जॉइंट चीफ्स ऑफ स्टाफ के अध्यक्ष जनरल डैन केन ने कहा है कि अमेरिका ने ईरान के बंदरगाहों और तटरेखा की नाकाबंदी की है. यह होर्मुज जलडमरूमध्य की नाकाबंदी नहीं, बल्कि सीधे ईरानी बंदरगाहों को निशाना बनाया गया है. अमेरिकी नौसेना किसी भी ईरानी जहाज या ईरान को सहायता सामग्री देने वाले जहाज को, यहां तक कि ईरानी तेल ढोने वाले "डार्क फ्लीट" जहाजों को भी रोकने और जब्त करने का अधिकार रखती है. अमेरिकी नौसेना के युद्धपोतों से हर जहाज को स्पष्ट चेतावनी दी जा रही है. नाकाबंदी तोड़ने की कोशिश पर बल प्रयोग किया जाएगा.
अमेरिका बना रहा दोतरफा दबाव
पेंटागन की तरफ से सीधा संदेश दिया गया कि अमेरिका ईरान पर एक साथ दो मोर्चों से दबाव बना रहा है. एक तरफ सैन्य नाकाबंदी, और दूसरी तरफ "ऑपरेशन इकोनॉमिक फ्यूरी" के जरिए आर्थिक दबाव. अमेरिका पहले से बड़े और अधिक शक्तिशाली सैन्य अभियान पर वापस लौट सकता है, और ईरान को "समझदारी से सोचने" की सलाह दी गई है. ईरान को कभी भी परमाणु हथियार हासिल नहीं करने दिया जाएगा, चाहे यह बातचीत और समझौते के जरिए हो, या फिर सैन्य कार्रवाई के जरिए.
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