अमेरिकी राष्ट्रपति बराक ओबामा ने शुक्रवार को कहा कि ईरान के परमाणु मसले का हल संभव है, जो कि देश की सुरक्षा के लिए दशकभर से चुनौती रहा है।
ईरान और विश्व की महाशक्तियों के बीच नवंबर महीने में अंतिरम समझौता हुआ है।
समाचार एजेंसी सिन्हुआ के मुताबिक, ओबामा ने साल के अंत में प्रेस वार्ता में कहा, हमने पहली बार रोक लगाया था और कुछ मामलों में ईरान की परमाणु क्षमता में कमी का दबाव बनाया था। एक दशक में हमने यह पहली बार देखा है।
उन्होंने सांसदों से ईरान पर और अधिक प्रतिबंध न लगाने की अपील की, लेकिन साथ ही कहा, मैं कांग्रेस में इस विषय पर चर्चा को लेकर हैरान नहीं हूं, क्योंकि ईरान पर कड़ा रुख दिखाने की कोशिश करने की राजनीति अक्सर अच्छी रहती है, वह भी तब, जब आप पद पर बने हुए हों।
सीनेट के 26 सदस्यों ने अंतरिम समझौते के असफल रहने की स्थिति में ईरान पर नया प्रतिबंध लगाने के लिए एक विधेयक गुरुवार को पेश किया है। अभी हालांकि यह स्पष्ट नहीं है कि इस पर मतदान कराया जाएगा या नहीं।
ओबामा ने कहा कि अमेरिका के लिए यह बेहद महत्वपूर्ण है कि वह ईरान के परमाणु कार्यक्रम का युद्ध के लिए इस्तेमाल न किए जाने की संभाव्यता की जांच करे।
उन्होंने ईरान के परमाणु मसले को कूटनीतिक तरीके से सुलझाने की बात दोहराई। ओबामा का मानना है कि ईरान को समझौता टूटने का अंजाम अच्छी तरह पता है।
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