नेपाल के प्रधानमंत्री बालेन शाह एक बार फिर से आलोचना के शिकार हो गए हैं. दरअसल सोमवार को राष्ट्रपति राम चंद्र पौडेल के सामने सरकार की नीतियों और कार्यक्रमों को पेश करना था. इस दौरान राष्ट्रपति पौडेल ने संयुक्त सदन भाषण दिया. इस भाषण के दौरान कहा जा रहा है कि बालेन शाह दो बार उठ कर बाहर चले गए. हालांकि प्रधानमंत्री बालेन शाह की पार्टी राष्ट्रीय स्वतंत्र पार्टी ने इस मामले पर कोई सफाई नहीं दी है.
जानकारों का मानना है कि बालेन शाह को नियमों के दायरे में रहकर काम करना चाहिए और अगर राष्ट्रपति भाषण दे रहे हैं तो बीच में उठकर जाना उनका अपमान करने जैसा है.
'सब्र ही नहीं है'
सोशल मीडिया पर लोगों ने इसे तो असंवैधानिक तक बता दिया. कुछ लोगों ने कहा कि प्रधानमंत्री बालेन शाह में किसी भी काम को लेकर सब्र नहीं है और वे बगैर सोचे समझें काम करते हैं.

Photo Credit: Rashtriya Swatantra Party
राष्ट्रपति के विदाई के दौरान भी गायब रहे बालेन शाह?
राष्ट्रपति के भाषण के बाद उनको विदाई देने के लिए सभी सदस्य अपनी अपनी सीटों पर खड़े थे, लेकिन बालेन शाह यहां भी नदारद थे. बीबीसी ने नेपाल के पूर्व मंत्री निलांबर आचार्य के हवाले से बताया है कि हो सकता है कि पीएम बालेन शाह ने ऐसा जानबुझकर किया हो ताकि एक नया ट्रेंड शुरू किया जाए.
आचार्य कहते हैं, "हमें प्रधानमंत्री से यह उम्मीद करनी चाहिए कि वे अपने इस व्यवहार को सुधारें और अपनी गलती स्वीकार करें.मुझे नहीं लगता कि यह अनजाने में हुआ. प्रधानमंत्री सिर्फ एक व्यक्ति नहीं, बल्कि एक संस्था हैं. अनुभव कम या ज्यादा जैसी कोई चीज नहीं होती. हर किसी का अपना स्वभाव और बुद्धि होती है. गुस्सा और नाराजगी हमेशा उचित नहीं होते."
बालेन शाह के मन में क्या चल रहा है?
प्रधानमंत्री बालेन शाह की इन गतिविधियों की वजह से अब कयासों का बाजार गर्म हो रहा है. कुछ लोग कह रहे हैं कि बालेन शाह ने जानबुझकर ऐसा किया है क्योंकि वह चुनाव जीतने के बाद भी राष्ट्रपति पौडेल से शिष्टाचार भेंट करने नहीं गए थे.
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