- नेपाल की नई सरकार ने भारत से 100 नेपाली रुपए से अधिक मूल्य के सामान पर कस्टम ड्यूटी लगाने का नियम बनाया था
- नेपाल ऑयल कॉर्पोरेशन ने पेट्रोल की कीमत में 2 रुपए और डीजल की कीमत में 12 रुपये प्रति लीटर की कटौती की है
- एलपीजी गैस के सिलेंडर की कीमत 150 रुपये बढ़ाकर अब 2160 रुपये प्रति सिलेंडर कर दी गई है
Nepal Petrol Diesel Prices Reduced: नेपाल में बनी पीएम बालेन शाह की नई सरकार ने कुर्सी संभालने के एक महीने के अंदर कई ऐसे फैसले लिए हैं जिसने उथल-पुथल ला दिया है. इसमें से एक फैसला सीमा पार से आने वाले उन यात्रियों से कस्टम ड्यूटी (टैक्स) लेना है, जो भारत से 100 नेपाली रुपए (एनपीआर) से ज्यादा का सामान खरीदकर साथ ला रहे हैं. इसपर खूब बवाल हुआ तो बालेन शाह की सरकार को कुछ हद तक पीछे हटना पड़ा. बॉर्डर के पास रहने वाले लोगों के लिए एक गंभीर समस्या यह भी थी कि नेपाल में पेट्रोल और डीजल के लगातार बढ़ते दामों के बीच बड़ी संख्या में नेपाली नागरिक भारतीय पेट्रोल पंपों की ओर रुख कर रहे थे. लेकिन हाल के दिनों में भारत के अंदर पंप पर नेपाली नागरिकों को तेल देने से इनकार किया जा रहा है. ऐसे में उनके लिए बालेन शाह एक अच्छी खबर और एक बुरी खबर लेकर आई है.
नेपाल ऑयल कॉर्पोरेशन ने पेट्रोल और डीजल की कीमत में कमी की है. जबकि एलपीजी गैस की कीमत में बढ़ोतरी कर दी गई है. नेपाली न्यूज साइट रातोपति की रिपोर्ट के अनुसार नई कीमत 30 अप्रैल से लागू हो गई है.
निगम ने विमान ईंधन (जेट फ्यूल) और रसोई एलपीजी गैस की कीमत में बढ़ोतरी की है. विमान ईंधन (घरेलू) में जहां 7 रुपये प्रति लीटर की बढ़ोतरी हुई है, वहीं अंतरराष्ट्रीय स्तर पर काठमांडू के लिए इसमें 46 अमेरिकी डॉलर प्रति किलोलीटर की बढ़ोतरी की गई है. एलपीजी प्रति सिलेंडर 150 रुपये बढ़ गई है. अब नेपाल में रसोई गैस के पूरे सिलेंडर की कीमत 2160 रुपये हो गई है.
कस्टम ड्यूटी पर राहत
नेपाल की बालेन सरकार ने अपनी कमाई बढ़ाने के लिए हाल ही में नया नियम लागू किया था, जिसके तहत भारत से आने वाले उन लोगों से कस्टम ड्यूटी वसूली जा रही है, जो अपने साथ 100 नेपाली रुपये से ज्यादा का सामान लेकर वापस आ रहे हैं.
अब बालेन सरकार ने इस नियम के तहत विदेश से लाकर नेपाल में बेचे जाने वाले सभी सामान के पैकेट्स पर अधिकतम खुदरा मूल्य (MRP) लिखना जरूरी बना दिया है. लेकिन लोगों के विरोध और समस्याओं को देखते हुए सरकार ने अब इस पर पीछे हटने का फैसला किया है. सरकार ने तय किया है कि नई व्यवस्था के तहत सामान लेकर आने वाले लोग अब कस्टम पॉइंट पहुंचने पर वस्तुओं की एमआरपी को लेकर खुद घोषणा कर सकेंगे और क्लियरेंस हासिल कर सकेंगे.
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