
लंदन:
एक मुस्लिम महिला को एक ब्रिटिश कालेज में पेरेंट्स बैठक में इसलिए शामिल होने की अनुमति नहीं दी गई क्योंकि उसने बुरका हटाने से इनकार कर दिया था। इस घटना के चलते महिला ने खुद को बेहद अपमानित महसूस किया।
40 वर्षीय मारून रफीक को बताया गया कि कालेज में बच्चों और अध्यापकों की सुरक्षा के लिए किसी भी तरीके से चेहरा ढकने पर प्रतिबंध है। उसे चेतावनी दी गई कि यदि उसने नकाब नहीं हटाया तो उसे उस बैठक में भाग लेने की अनुमति नहीं दी जाएगी जो उसके बेटे की शिक्षा के लिए जरूरी है। डेली मेल में यह रिपोर्ट प्रकाशित हुई है।
अंतत: सकते में आयी रफीक को मजबूरन अपने पति को बुलाना पड़ा और उसका पति उसके 18 साल के बेटे ओवैस के साथ बैठक में गया। रफीक का पति 40 वर्षीय अब्दुल एक कंपनी का मालिक है। इन दोनों का एक 12 साल का छोटा बेटा भी है। रफीक ने कहा कि इस घटना से उसने खुद को अपमानित महसूस किया।
मार्च महीने में एक मुस्लिम महिला को ब्रिटेन में ज्यूरी में शामिल करने से इसलिए इनकार कर दिया गया क्योंकि वह अपना नकाब हटाने को राजी नहीं हुई थी।
40 वर्षीय मारून रफीक को बताया गया कि कालेज में बच्चों और अध्यापकों की सुरक्षा के लिए किसी भी तरीके से चेहरा ढकने पर प्रतिबंध है। उसे चेतावनी दी गई कि यदि उसने नकाब नहीं हटाया तो उसे उस बैठक में भाग लेने की अनुमति नहीं दी जाएगी जो उसके बेटे की शिक्षा के लिए जरूरी है। डेली मेल में यह रिपोर्ट प्रकाशित हुई है।
अंतत: सकते में आयी रफीक को मजबूरन अपने पति को बुलाना पड़ा और उसका पति उसके 18 साल के बेटे ओवैस के साथ बैठक में गया। रफीक का पति 40 वर्षीय अब्दुल एक कंपनी का मालिक है। इन दोनों का एक 12 साल का छोटा बेटा भी है। रफीक ने कहा कि इस घटना से उसने खुद को अपमानित महसूस किया।
मार्च महीने में एक मुस्लिम महिला को ब्रिटेन में ज्यूरी में शामिल करने से इसलिए इनकार कर दिया गया क्योंकि वह अपना नकाब हटाने को राजी नहीं हुई थी।
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