- मैक्सिको के ड्रग माफिया सरगना एल मेंचो की मौत के बाद देश में व्यापक हिंसा और तनाव फैल गया है
- जलिस्को, मिचोआकान और गुआनाजुआतो में हुई झड़पों में कम से कम 14 लोग मारे गए जिनमें 7 सैनिक भी शामिल हैं
- ग्वाडलाहारा शहर लगभग बंद रहा. स्थानीय लोगों को घरों में रहने की सलाह दी गई जबकि स्कूल और उड़ानें रद्द हैं
मैक्सिको में कुख्यात ड्रग माफिया सरगना एल मेंचो की सेना के साथ मुठभेड़ में मौत के बाद देशभर में तनाव और हिंसा फैल गई है. जलिस्को न्यू जेनरेशन कार्टेल (CJNG) के इस ताकतवर नेता के मारे जाने के बाद उसके समर्थकों ने सड़कों पर आगजनी, गोलीबारी और रोडब्लॉक कर बदला लेने की कोशिश की है. स्कूल बंद कर दिए गए, उड़ानें रद्द हुईं और लोगों को घरों में रहने की चेतावनी दी गई. सरकार हालात काबू में होने का दावा कर रही है, लेकिन देश अब भी डर और अनिश्चितता के माहौल में है. भारत से लेकर अमेरिका तक ने वहां मौजूद अपने लोगों के लिए एडवाइजरी जारी की है.

एल मेंचो की मौत के बाद कई राज्यों में स्कूल बंद कर दिए गए. स्थानीय और विदेशी सरकारों ने अपने नागरिकों से घरों के अंदर रहने की अपील की. कार्टेल के सदस्यों ने बदले में 20 राज्यों में 250 से ज्यादा जगहों पर सड़कें जाम कर दीं. गाड़ियों को आग लगा दी गई और कई जगह फायरिंग की घटनाएं हुईं.


जलिस्को की राजधानी ग्वाडलाहारा, जो देश का दूसरा सबसे बड़ा शहर है, लगभग पूरी तरह बंद रहा. लोग डर के कारण घरों से बाहर नहीं निकले. यहीं से एल मेंचो का कार्टेल शुरू हुआ था और यहीं उसका सबसे अधिक दबदबा है.
एपी की रिपोर्ट के अनुसार ग्वाडलाहारा के अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पर सीमित स्टाफ के साथ काम हुआ. ज्यादातर उड़ानें रद्द कर दी गईं और यात्रियों में अफरा-तफरी का माहौल रहा. रिपोर्ट के अनुसार 64 वर्षीय जैसिंटा मर्सिया जैसे लोग डर के बीच सफर कर रहे थे. उन्होंने कहा, “मैं डरी हुई हूं… कहीं रोडब्लॉक न हो, कर्फ्यू न लग जाए, कुछ भी हो सकता है. मैं बिल्कुल अकेली हूं.”

भारतीय दूतावास ने देश में रह रहे भारतीय नागरिकों के लिए सोमवार को एक परामर्श जारी किया जिसमें उनसे सावधानी बरतने और घरों के अंदर रहने का आग्रह किया गया है. मदद के लिए भारतीय दूतावास ने +52 55 4847 7539 नंबर जारी किया है. इसी तरह यूएएस स्टेट डिपार्टमेंट ने अमेरिकी नागरिकों के लिए इमरजेंसी नंबर भी जारी किए है. यूएएस और कनाडा से कॉल करने वालों के लिए 1-888-407-4747 और मैक्सिको समेत विदेश से कॉल करने वालों के लिए +1 202-501-4444 नंबर जारी किया गया है.

अमेरिका ने दी मदद
व्हाइट हाउस ने पुष्टि की कि अमेरिका ने इस ऑपरेशन में खुफिया जानकारी दी. अमेरिका ने मैक्सिको की सेना की सराहना की और कहा कि “एल मेंचो” दोनों देशों का बड़ा निशाना था. उस पर 1.5 करोड़ डॉलर का इनाम था और 2025 में उसके कार्टेल को विदेशी आतंकवादी संगठन घोषित किया गया था. दरअसल राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप मैक्सिको पर फेंटानिल तस्करी रोकने का दबाव डाल रहे थे. उम्मीद की जा रही है कि इस कार्रवाई से अमेरिका का दबाव कम होगा, लेकिन लोग अब भी कार्टेल की अगली प्रतिक्रिया को लेकर सतर्क हैं.

विशेषज्ञ डेविड मोरा के अनुसार, यह घटना एक बड़ा मोड़ है। उन्होंने चेतावनी दी कि अन्य आपराधिक गिरोह CJNG की कमजोरी का फायदा उठाकर अपना नियंत्रण बढ़ाने की कोशिश कर सकते हैं, जिससे और हिंसा हो सकती है.
CJNG को सबसे आक्रामक कार्टेल में गिना जाता है. इसने पहले हेलीकॉप्टर गिराने, ड्रोन से विस्फोटक गिराने और 2020 में मैक्सिको सिटी में बड़े हमले जैसे कदम उठाए थे. राष्ट्रपति शीनबाउम पहले “किंगपिन रणनीति” की आलोचना कर चुकी हैं, क्योंकि इससे पहले भी सरगनाओं की गिरफ्तारी के बाद हिंसा बढ़ी थी, लेकिन अब उनकी सरकार अमेरिका के साथ मिलकर सख्त कार्रवाई कर रही है.
(फोटो इनपुट- एएफफी)
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