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इंग्‍लैंड में खौफ, वैक्‍सीन के लिए लाइनों में सैकड़ों लोग... मेनिन्जाइटिस से हर साल ढाई लाख लोगों की मौत

ब्रिटेन में बैक्टीरियल मेनिन्जाइटिस का प्रकोप फैला, कैंटरबरी के छात्रों की मौत से चिंता बढ़ी, स्वास्थ्य मंत्री ने इसे अकल्पनीय बताया है. विश्व स्तर पर हर साल ढाई लाख से अधिक लोग मेनिन्जाइटिस से मरते हैं, जिनमें एक तिहाई बच्चे शामिल हैं.

इंग्‍लैंड में खौफ, वैक्‍सीन के लिए लाइनों में सैकड़ों लोग... मेनिन्जाइटिस से हर साल ढाई लाख लोगों की मौत
  • ब्रिटेन के केंट विश्वविद्यालय के छात्रों में मेनिन्जाइटिस के संक्रमण से दो मौतें हुईं, जिससे डर बढ़ा
  • मेनिन्जाइटिस के कारण विश्व में हर साल लगभग ढाई लाख लोगों की मौत होती है, जिनमें एक तिहाई बच्चे शामिल हैं
  • ब्रिटेन में नाइट क्लब में फैलने वाले संक्रमण के बाद स्वास्थ्य मंत्री ने इसे गंभीर बताया
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लोगों में डर है, मास्‍क पहन लोग वैक्‍सीन के लिए लाइनों में खड़े हैं, अब तक कई लोगों की मौत हो चुकी है... ब्रिटेन में फैले ‘बैक्टीरियल मेनिन्जाइटिस' (जीवाणु जनित मस्तिष्क ज्वर) का संक्रमण तेजी से फैल रहा है. मेनिन्जाइटिस के कारण पिछले दिनों 2 छात्रों की मौत से लोगों में डर और बढ़ गया है. यह मुद्दा संसद में भी उठाया गया. संसद में बयान देते हुए स्वास्थ्य मंत्री वेस स्ट्रीटिंग ने इसे 'अकल्पनीय' करार दिया. एक रिसर्च के अनुसार, मेनिन्जाइटिस से हर साल ढाई लाख लोगों की जान चली जाती है.    

मेनिन्जाइटिस से मरनेवालों में एक तिहाई बच्‍चे

दक्षिणपूर्वी इंग्लैंड के कैंटरबरी स्थित केंट विश्वविद्यालय में मेनिन्जाइटिस के प्रकोप के बाद, मास्क पहने छात्र वैक्‍सीन लेने के लिए कतार में खड़े हैं. ब्रिटेन में हाल ही में फैले मेनिन्जाइटिस के प्रकोप के बाद हुए एक नए बड़े अध्ययन के अनुसार, विश्व स्तर पर हर साल ढाई लाख से अधिक लोग मेनिन्जाइटिस से मरते हैं. रिसर्च में यह भी बात सामने आई है कि मरने वालों में एक तिहाई बच्चे थे, जिनमें से कई अफ्रीका मूल के थे. लैंसेट न्यूरोलॉजी पत्रिका में प्रकाशित यह अध्ययन, मेनिन्जाइटिस के सुर्खियों में आने के बाद आया है, जब इस महीने की शुरुआत में दक्षिणपूर्वी इंग्लैंड के एक नाइट क्लब में फैले मेनिन्जाइटिस के प्रकोप में दो लोगों की मौत हो गई थी.   

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ब्रिटेन की संसद में उठा मेनिन्जाइटिस का मुद्दा 


ब्रिटेन में मेनिन्जाइटिस के कारण पिछले दिनों दो छात्रों की मौत हो गई. बढ़ते मामलों ने स्वास्थ्य एजेंसियों की चिंता बढ़ा दी है. यह मुद्दा संसद में जोरों शोरों से उठाया गया. संसद में बयान देते हुए स्वास्थ्य मंत्री वेस स्ट्रीटिंग ने इसे 'अकल्पनीय' करार दिया और दो छात्रों की मौत पर शोक व्यक्त किया. अधिकांश मामले क्लब केमिस्ट्री नाइटक्लब से जुड़े पाए गए हैं, जहां 5, 6 और 7 मार्च को संक्रमित लोग मौजूद थे. एहतियात के तौर पर क्लब को फिलहाल स्वेच्छा से बंद कर दिया गया है. मंत्री ने बताया कि संक्रमण किसी को छूने, स्मोकिंग, बीमार शख्स के संपर्क में आने से बढ़ता है. एंटीबायटिक से इलाज किया जाता है.

तेजी से फैलता है, ये हैं लक्षण 

यह प्रकोप इसलिए भी गंभीर माना जा रहा है, क्योंकि यह सीमित नेटवर्क के भीतर तेजी से फैलता दिख रहा है. स्वास्थ्य विशेषज्ञों का मानना है कि शुरुआती पहचान, संपर्क ट्रेसिंग और समय पर इलाज ही इसके प्रसार को रोकने में अहम भूमिका निभाएंगे. 

  • गर्दन में अकड़न 
  • सिरदर्द, उल्टी
  • प्रकाश के प्रति संवेदनशीलता (फोटोफोबिया) 
  • भ्रम की स्थिति 

ऐसे नहीं फैसला मेनिन्जाइटिस संक्रमण 

  • किसी को छूने
  • स्मोकिंग
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क्‍या है मेनिन्जाइटिस संक्रमण?

बीमार शख्स के संपर्क में आने से बढ़ता है. एंटीबायटिक से इलाज किया जाता है. मेनिन्जाइटिस मस्तिष्क और रीढ़ की हड्डी के आसपास के ऊतकों की सूजन है, जो विभिन्न प्रकार के वायरस, बैक्टीरिया, कवक या परजीवियों के संक्रमण के कारण होती है. बैक्टीरियल संक्रमण वायरल संक्रमणों की तुलना में दुर्लभ और अधिक घातक होते हैं. इंग्लैंड के केंट काउंटी में बैक्टीरियल संक्रमण के प्रकोप के कारण पिछले दो हफ्तों में 10,000 से अधिक लोगों ने टीकाकरण करवाया. वर्ष 2000 से, टीकों की व्यापक उपलब्धता ने दुनिया भर में मेनिन्जाइटिस के मामलों और मौतों की संख्या में कमी लाई है. हालांकि, अमेरिका स्थित इंस्टीट्यूट फॉर हेल्थ मेट्रिक्स एंड इवैल्यूएशन (IHME) के नए शोध के अनुसार, 2023 में विश्व स्तर पर 259,000 लोगों की मृत्यु होने का अनुमान है. सेनेगल से इथियोपिया तक फैले "अफ्रीकी मेनिन्जाइटिस बेल्ट" में सबसे अधिक मामले दर्ज किए गए. नाइजीरिया, चाड और नाइजर विशेष रूप से प्रभावित हुए.

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किनको सबसे ज्‍यादा जोखिम

अध्ययन में पाया गया कि कम जन्म वजन, समय से पहले जन्म और वायु प्रदूषण सबसे बड़े जोखिम कारक थे. इस अध्ययन में यह भी चेतावनी दी गई है कि विश्व स्वास्थ्य संगठन (डब्ल्यूएचओ) के लिए मेनिन्जाइटिस के 2030 के लक्ष्य को हासिल करना मुश्किल है. डब्ल्यूएचओ का लक्ष्य इस दशक के अंत तक 2015 के स्तर से वैश्विक स्तर पर जीवाणु मेनिन्जाइटिस के मामलों में 50 प्रतिशत और मौतों में 70 प्रतिशत की कमी करना है. हालांकि, अध्ययन में पाया गया कि वार्षिक मौतें और मामले इस लक्ष्य को पूरा करने के लिए आवश्यक दर से केवल आधे ही घट रहे हैं.

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