
Megaquake Warning: क्या महाभूकंप आने वाला है? क्या एक ही झटके में 3,00,000 लोगों की जान चली जाएगी, क्या कई शहर समंदर में डूब जाएंगे...क्या महाविनाश का वक्त आ गया है? क्या ये कोई प्रलय का संकेत है? अब आप सोच रहे होंगे कि मैं आपको डराने वाले ये सवाल क्यों कर रहा हूं? लेकिन आप ये मानिए कि आप ही की तरह हम भी डरे हुए हैं...और इसके पीछे वजह है एक भविष्यवाणी. जी हां, सही सुना आपने...महाविनाश की भविष्यवाणी की गई है जिसने हमें भी डरा दिया है.
और ये भविष्यवाणी की गई है जापान की तरफ से. AFP की रिपोर्ट के मुताबिक, जापान की सरकारी एजेंसी ने megaquake यानी महाभूकंप को लेकर भविष्यवाणी की गई है. जापानी एजेंसी के मुताबिक, ये महाभूकंप धरती पर विनाशलीला मचाते हुए 3 लाख लोगों की मौत का कारण बनेगा. इसकी वजह से सुनामी आएगी जो कई शहरों को समुद्र में डुबो देगी.

अब यहां एक सवाल ये है कि ये मेगाक्वेक क्या होता है? किसके कहते हैं महाभूकंप? दरअसल, ‘मेगाक्वेक' एक बेहद शक्तिशाली भूकंप को कहते हैं, जिसकी तीव्रता आमतौर पर 8 या उससे ज्यादा होती है, जो भारी तबाही मचाने के साथ सुनामी को भी ट्रिगर कर सकती है. इस मेगाक्वेक की तीव्रता सबसे ज्यादा 9 होगी. आप सोचिए...
हाल ही में म्यांमार में 7.7 तीव्रता वाला भूकंप आया. जिसने हजारों लोगों को मौत की नींद सुला दिया. हजारों लोग अब भी अस्पताल में जिंदगी और मौत के बीच जूझ रहे हैं. कई लापता हैं...कई शहरों में ऊंची-ऊंची इमारतें, घर, मंदिर...सब मलबे में तब्दील हो गए हैं. तबाही इतनी भयावह है कि उसका दर्द जल्दी से भुलाया नहीं जा सकेगा. म्यांमार में 7.7 की तीव्रता वाले भूकंप ने थाईलैंड तक तबाही मचाई थी. बैंकॉक शहर में मची तबाही के वीडियो जिसने भी देखे उसकी रूह कांप गई. हालात इतने बिगड़ गए थे कि बैंकॉक में इमरजेंसी तक लगानी पड़ गई थी.
अब जरा सोचिए...फिर 9 की तीव्रता वाला भूकंप अगर आया तो कितनी तबाही मचेगी. जापान की इस चेतावनी ने सभी को डरा दिया है. जापान की सरकार ने सोमवार को एक रिपोर्ट जारी करते हुए वॉर्निंग दी. इस रिपोर्ट में कहा गया कि देश के प्रशांत तट पर एक महाविनाशक मेगाक्वेक आ सकता है. जिसकी वजह से सुनामी आएगी. अगर ऐसा हुआ तो जापान में लाखों लोग कुछ ही मिनटों में काल के गाल में समा जाएंगे. कई शहर पानी में डूब जाएंगे...जो शहर बचेंगे वहां भी इतनी तबाही मचेगी कि लाशों को गिनना मुश्किल हो जाएगा. लाखों लोग जख्मी हो जाएंगे. लाखों ही ऐसे होंगे जिनके पास रहने के लिए कोई ठिकाना नहीं बचेगा...वो अपनी जान बचाने के लिए मारे-मारे फिरेंगे. जापान की अर्थव्यवस्था लगभग चौपट हो जाएगी. इसलिए इस महाप्रलयाकारी महाभूकंप के निपटने की तैयारियों पर अभी से ही जोर दिया जा रहा है.
भूगोलिक दृष्टि से देखा जाए तो भूकंप के हिसाब से जापान दुनिया के सबसे खतरनाक जोन में हैं. यहां समुद्री क्षेत्र में 8 से 9 तीव्रता के भूकंप की लगभग 80% संभावना रिपोर्ट्स में जताई गई हैं. अब यहां एक सवाल ये भी है कि ऐसे महाविनाश और महाभूकंप के कयास क्यों लगाए जा रहे हैं. इसके पीछे वजह है नानकाई गर्त. जो करीब 900 किलोमीटर लंबी एक समुद्री खाई है. ये वो खाई है जहां फिलीपीन सागर की प्लेट यूरेशियन प्लेट के नीचे धंस रही है. जापान इसी पर टिका है. वहां जमा हो रहे टेक्टोनिक तनाव के कारण लगभग हर 100 से 150 साल में यहां एक मेगाक्वेक आ सकता है.

न्यूज एजेंसी AFP की रिपोर्ट के मुताबिक, जापान सरकार ने चेतावनी जारी करते हुए कहा है कि अगर 9 तीव्रता का भूकंप आता है, 13 लाख लोग बेघर हो जाएंगे और सुनामी और इमारतों के ढहने से लगभग 3 लाख लोग अपनी जान गंवा सकते हैं. अगर ऐसा हुआ, तो जापान की अर्थव्यवस्था को 2 ट्रिलियन डॉलर (यानि 171 लाख करोड़ रुपये से ज्यादा) का नुकसान होगा. इस नुक्सान से उभर पाना बहुत मुश्किल हो जाएगा.
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