कोलंबो:
विदेशमंत्री एसएम कृष्णा बुधवार को जातीय तमिलों से मुलाकात करने के लिए हेलीकॉप्टर से श्रीलंका के उत्तरी प्रांत जाफना के रास्ते में पड़ने वाले किलिनोच्ची पहुंचे।
वह श्रीलंका के राष्ट्रपति महिंदा राजपक्षे व प्रधानमंत्री डीएम जयरत्ने और अपने समकक्ष जीएल पीरिस के साथ मंगलवार की अपनी आधिकारिक बातचीत के सफल रहने के बाद अपनी चार दिवसीय यात्रा के तीसरे दिन किलिनोच्ची के जिला अस्पताल पहुंचे। वहां वह चिकित्सा उपकरण उपहार में देंगे।
भारतीय उच्चायोग के एक अधिकारी ने बताया कि कृष्णा किलिनोच्ची के नजदीक सिवपाठकलाईयागम में एक स्कूल सरकार को सौंपेंगे। इस स्कूल की मरम्मत भारतीय मदद से की गई है। इसके बाद वह जाफना रवाना होंगे जहां वह दोपहर के भोजन के दौरान प्रांत के गवर्नर सेवानिवृत्त मेजर जनरल जीए चंद्रसिरी के साथ बैठक करेंगे।
श्रीलंका में सशस्त्र संघर्ष समाप्त हो जाने के बाद से भारत आंतरिक तौर पर विस्थापित हुए लोगों के लिए उत्तरी, मध्य व पूर्वी प्रांतों में बनाए गए शिविरों में रह रहे करीब 300,000 तमिल-भाषी अल्पसंख्यकों के पुनर्वास के लिए काम कर रहा है।
अधिकारी ने कहा, "विस्थापितों को सामान्य जीवन में वापस लाने के लिए हम सहयोग दे रहे हैं। हम पहले ही करीब 250,000 परिवारों के लिए राहत पैकेज उपलब्ध करा चुके हैं और हमने शिविरों में एक आपातकालीन चिकित्सा इकाई स्थापित की है।"
जाफना प्रांत में कृष्णा उत्तरी इलाके में अरियालई के नजदीक नलवाडी में एक पायलट परियोजना के तहत तमिल लाभार्थियों को करीब 50 मकान सौंपेंगे और विस्थापितों को 10,000 साइकिलें देंगे। कृष्णा शाम को राजधानी के लिए रवाना होंगे। कृष्णा व पीरिस की मौजूदगी में मंगलवार को दोनों देशों के बीच चार समझौतों पर हस्ताक्षर हुए। इनमें से दो समझौते विस्थापितों के लिए 26 करोड़ डॉलर की लागत से 49,000 मकान निर्मित करने व 38.2 करोड़ डॉलर की लागत से उत्तरी रेल सेवाओं को दोबारा शुरू किए जाने से सम्बंधित हैं।
वह श्रीलंका के राष्ट्रपति महिंदा राजपक्षे व प्रधानमंत्री डीएम जयरत्ने और अपने समकक्ष जीएल पीरिस के साथ मंगलवार की अपनी आधिकारिक बातचीत के सफल रहने के बाद अपनी चार दिवसीय यात्रा के तीसरे दिन किलिनोच्ची के जिला अस्पताल पहुंचे। वहां वह चिकित्सा उपकरण उपहार में देंगे।
भारतीय उच्चायोग के एक अधिकारी ने बताया कि कृष्णा किलिनोच्ची के नजदीक सिवपाठकलाईयागम में एक स्कूल सरकार को सौंपेंगे। इस स्कूल की मरम्मत भारतीय मदद से की गई है। इसके बाद वह जाफना रवाना होंगे जहां वह दोपहर के भोजन के दौरान प्रांत के गवर्नर सेवानिवृत्त मेजर जनरल जीए चंद्रसिरी के साथ बैठक करेंगे।
श्रीलंका में सशस्त्र संघर्ष समाप्त हो जाने के बाद से भारत आंतरिक तौर पर विस्थापित हुए लोगों के लिए उत्तरी, मध्य व पूर्वी प्रांतों में बनाए गए शिविरों में रह रहे करीब 300,000 तमिल-भाषी अल्पसंख्यकों के पुनर्वास के लिए काम कर रहा है।
अधिकारी ने कहा, "विस्थापितों को सामान्य जीवन में वापस लाने के लिए हम सहयोग दे रहे हैं। हम पहले ही करीब 250,000 परिवारों के लिए राहत पैकेज उपलब्ध करा चुके हैं और हमने शिविरों में एक आपातकालीन चिकित्सा इकाई स्थापित की है।"
जाफना प्रांत में कृष्णा उत्तरी इलाके में अरियालई के नजदीक नलवाडी में एक पायलट परियोजना के तहत तमिल लाभार्थियों को करीब 50 मकान सौंपेंगे और विस्थापितों को 10,000 साइकिलें देंगे। कृष्णा शाम को राजधानी के लिए रवाना होंगे। कृष्णा व पीरिस की मौजूदगी में मंगलवार को दोनों देशों के बीच चार समझौतों पर हस्ताक्षर हुए। इनमें से दो समझौते विस्थापितों के लिए 26 करोड़ डॉलर की लागत से 49,000 मकान निर्मित करने व 38.2 करोड़ डॉलर की लागत से उत्तरी रेल सेवाओं को दोबारा शुरू किए जाने से सम्बंधित हैं।
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