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क्या नेपाल में फिर बिगड़ेंगे हालात? केपी शर्मा ओली की गिरफ्तारी के विरोध में सड़कों पर उतरे समर्थक

केपी शर्मा ओली की गिरफ्तारी के बाद नेपाल में उनके समर्थक सड़कों पर उतर गए हैं. आगजनी करते हुए नारेबाजी कर रहे हैं. हालांकि विरोध-प्रदर्शन कर रहे लोगों को रोकने के लिए बड़ी संख्या में पुलिस बल की तैनाती की गई है.

क्या नेपाल में फिर बिगड़ेंगे हालात? केपी शर्मा ओली की गिरफ्तारी के विरोध में सड़कों पर उतरे समर्थक
नेपाल में पूर्व प्रधानमंत्री केपी शर्मा ओली की गिरफ्तारी के विरोध में लोग सड़कों पर उतर कर प्रदर्शन कर रहे हैं.
  • नेपाल में पूर्व PM केपी शर्मा ओली की गिरफ्तारी के विरोध में उनके समर्थक प्रदर्शन कर रहे हैं.
  • केपी शर्मा ओली ने गिरफ्तारी को प्रतिशोधपूर्ण बताते हुए कानूनी लड़ाई लड़ने का ऐलान किया है और विरोध जारी है.
  • ओली की गिरफ्तारी के बाद उनके समर्थकों ने सड़कों पर प्रदर्शन कर आगजनी और नारेबाजी की, पुलिस ने बल तैनात किया.
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काठमांडू:

नेपाल में फिर से हालात बिगड़ने के संकेत नजर आ रहे हैं. यहां पूर्व प्रधानमंत्री केपी शर्मा ओली की गिरफ्तारी के विरोध में बड़ी संख्या में उनके समर्थक सड़कों पर उतर कर प्रदर्शन कर रहे हैं. दरअसल नेपाल में सत्ता संभालते ही प्रधानमंत्री बालेन शाह एक्शन मोड में नजर आ रहे हैं. जेन-जी आंदोलन के दौरान लापरवाही बरतने के मामले में गिरफ्तारियां शुरू हो गई हैं. इसी कड़ी में शनिवार को सबसे बड़ी खबर तब सामने आई जब नेपाल के पूर्व प्रधानमंत्री केपी शर्मा ओली को गुंडू से गिरफ्तार किया गया है. उनके साथ पूर्व गृह मंत्री रमेश लेखक को गिरफ्तार किया गया है.

इन लोगों पर उच्च पदों पर रहते हुए भी आंदोलन के दौरान लापरवाही बरतने का आरोप है. केपी शर्मा ओली को सुबह 3 से 4 बजे के बीच गिरफ्तार किया गया. गिरफ्तारी पर केपी शर्मा ओली ने कहा कि उनको प्रतिशोधपूर्ण तरीके से गिरफ्तार किया गया है, वह कानूनी लड़ाई लड़ेंगे. 

ओली की गिरफ्तारी के विरोध में आगजनी करते हुए विरोध कर रहे लोग

केपी शर्मा ओली की गिरफ्तारी के बाद नेपाल में उनके समर्थक सड़कों पर उतर गए हैं. आगजनी करते हुए नारेबाजी कर रहे हैं. हालांकि विरोध-प्रदर्शन कर रहे लोगों को रोकने के लिए बड़ी संख्या में पुलिस बल की तैनाती की गई है. ओली की गिरफ्तारी के विरोध में प्रदर्शन कर रहे नेपाली लोगों के वीडियो भी सामने आए हैं.


मालूम हो कि नेपाल के नवनियुक्त प्रधानमंत्री बालेंद्र शाह की अध्यक्षता में नवगठित सरकार की पहली कैबिनेट बैठक में शुक्रवार को पिछले साल सितंबर में हुए जेनरेशन जेड आंदोलन की उच्च स्तरीय जांच आयोग की रिपोर्ट को तुरंत लागू करने का फैसला लिया गया.

नवगठित कैबिनेट ने 10 साल के कैद की सिफारिश की है

बैठक के बाद विज्ञान और प्रौद्योगिकी मंत्री सस्मित पोखरेल ने बताया कि कैबिनेट ने पिछले साल के जेनरेशन जेड आंदोलन से संबंधित जांच आयोग की रिपोर्ट को तुरंत लागू करने का फैसला किया है. जांच आयोग ने तत्कालीन प्रधानमंत्री केपी शर्मा ओली और गृह मंत्री रमेश लेखक सहित अधिकारियों को उच्च पदों पर रहते हुए भी आंदोलन के दौरान लापरवाही बरतने के लिए अधिकतम 10 साल की कैद की सिफारिश की है.

यह भी पढ़ें - नेपाल के पूर्व PM केपी ओली और पूर्व गृह मंत्री रमेश लेखक गिरफ्तार, सत्ता संभालते ही एक्शन में बालेन

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