Islamabad:
पाकिस्तानी सेनाध्यक्ष जनरल अश्फाक परवेज कयानी ने पहली बार गुप्त ज्ञापन दस्तावेज के अस्तित्व को स्वीकार करते हुए उसे सेना के साथ ही राष्ट्रीय सुरक्षा के खिलाफ षड्यंत्र करार देकर इस पूरे मामले की गहन जांच की मांग की है। मीडिया में प्रकाशित खबरों में कहा गया है कि शक्तिशाली सैन्य जनरल कयानी ने ये टिप्पणी उच्चतम न्यायालय में दायर अपने जवाब में की है। उच्चतम न्यायालय इस मामले से संबंधित मामले की सुनवाई कर रहा है। आईएसआई प्रमुख लेफ्टिनेंट जनरल अहमद शुजा पाशा ने अलग से दिए गए जवाब में कहा कि वह गुप्त ज्ञापन के बारे में मंसूर एजाज की ओर से दिए गए सबूतों से संतुष्ट हैं। कयानी ने कहा कि उस गुप्त ज्ञापन की सच्चाई का पता लगाये जाने की आवश्यकता है जो कि अमेरिकी सेना को भेजा गया था।
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जनरल अशफाक कयानी, सेना, राष्ट्रीय ज्ञापन