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This Article is From Apr 11, 2026

जानी दुश्मन अमेरिका के उपराष्ट्रपति जेडी वेंस से ही क्यों बात करने के लिए तैयार हुआ ईरान?

स्लामाबाद में शुरू होने वाली इस शांति वार्ता की सफलता वेंस के राजनीतिक भविष्य को तय कर सकती है. यदि वेंस इस जटिल मुद्दे को सुलझाने और शांति स्थापित करने में सफल रहते हैं, तो इसका सीधा लाभ उन्हें 2028 के अमेरिकी राष्ट्रपति चुनाव में मिलेगा.

जानी दुश्मन अमेरिका के उपराष्ट्रपति जेडी वेंस से ही क्यों बात करने के लिए तैयार हुआ ईरान?

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के नेतृत्व वाले प्रशासन में जेडी वेंस की भूमिका अब जंग को खत्म करने पर केंद्रित हो चुकी है. राष्ट्रपति ट्रंप ने वेंस को जंग खत्म करने की जिम्मेदारी सौंपी है, लेकिन ये ऐसा जंग है जिसकी शुरूआत के कभी वेंस पक्षधर नहीं रहे.  ट्रंप ने स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि वेंस ईरान के साथ जारी अस्थिर युद्धविराम को एक स्थायी शांति समझौते में बदलें. यह घटनाक्रम इसलिए महत्वपूर्ण है क्योंकि वेंस ट्रंप के खेमे के उन चुनिंदा उच्चाधिकारियों में से थे, जो ईरान के खिलाफ सैन्य कार्रवाई के सख्त विरोधी थे.

वेंस ने हमेशा एक कट्टर हस्तक्षेप-विरोधी नेता की छवि बनाए रखी है. मरीन कोर के रूप में इराक युद्ध का हिस्सा रह चुके वेंस का मानना रहा है कि अमेरिका को विदेशी युद्धों से दूर रहना चाहिए.

रिपोर्टों के अनुसार, युद्ध शुरू होने से पहले की गुप्त चर्चाओं में वेंस ने तर्क दिया था कि सैन्य कार्रवाई से क्षेत्रीय अराजकता फैलेगी और ट्रंप के 'मागा' (MAGA) गठबंधन में दरार आ सकती है. लेकिन अब जिस युद्ध को टालने की उन्होंने वकालत की थी, अब उस जंग को रोकने का जिम्मा उनके कंधों पर है.

2028 राष्ट्रपति चुनाव से पहले की परीक्षा?

राजनीतिक विशेषज्ञों का मानना है कि इस्लामाबाद में शुरू होने वाली इस शांति वार्ता की सफलता वेंस के राजनीतिक भविष्य को तय कर सकती है. यदि वेंस इस जटिल मुद्दे को सुलझाने और शांति स्थापित करने में सफल रहते हैं, तो इसका सीधा लाभ उन्हें 2028 के अमेरिकी राष्ट्रपति चुनाव में मिलेगा.

मैरीलैंड विश्वविद्यालय के स्कूल ऑफ पब्लिक पॉलिसी में लेक्चरर और विदेश नीति में अमेरिकी उपराष्ट्रपति की भूमिका के विशेषज्ञ आरोन वुल्फ मैन्स ने एएफपी को बताया , "मुझे ऐसा कोई मामला याद नहीं आता जहां उपराष्ट्रपति वेंस ने इस तरह की औपचारिक बातचीत का नेतृत्व किया हो.इसमें जोखिम भी अधिक है और लाभ भी अधिक है."

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वार्ता सफल नहीं होने पर वेंस को क्या है जोखिम?

इस वार्ता के सफल न होने पर सारा ठीकरा जेडी वेंस पर फूट सकता है. न्यूयॉर्क टाइम्स की रिपोर्ट के मुताबिक, ईस्टर सेलिब्रेशन के दौरान ट्रंप ने जेडी वेंस से ईरान के साथ सीजफायर वार्ता को लेकर तल्ख लहजे में बात की थी. व्हाइट हाउस में ट्रंप ने वेंस की ओर इशारा करते हुए पूछा था कि क्या आपने कुछ भी बात आगे बढ़ाई या नहीं. जानकार इसे वेंस की बेइज्जती के तौर पर देखते हैं. 

माना जा रहा है कि अगर ईरान सीजफायर को लेकर वार्ता सफल नहीं होती तो ट्रंप पूरी कोशिश करेंगे कि इसका ठीकरा रक्षा मंत्री पीट हेगसेथ या जेडी वेंस पर फोड़े. 

अगर बात बन गई तो क्या फायदा मिलेगा?

2024 के चुनाव अभियान के दौरान डोनाल्ड ट्रंप ने अमेरिकी जनता से वादा किया था कि वे दुनिया भर में जारी युद्धों को खत्म करेंगे और अमेरिकी सेना को विदेशी उलझनों से बाहर निकालेंगे. वेंस अगर इस मिशन में सफल होते हैं, तो वे ट्रंप के उस बड़े वादे को हकीकत में बदलने वाले मुख्य चेहरे होंगे.

एक सफल शांति समझौता वेंस को अमेरिकी मतदाताओं के सामने एक शांतिप्रिय लेकिन दृढ़ इच्छाशक्ति वाले नेता के रूप में पेश करेगा. यह छवि उन्हें केवल एक 'ट्रंप के उत्तराधिकारी' के बजाय एक स्वतंत्र और वैश्विक स्तर के कूटनीतिज्ञ के रूप में स्थापित करेगी.

वेंस के लिए यह मिशन 'हाई रिस्क और हाई रिवॉर्ड' जैसा है. यदि वे सफल होते हैं, तो 2028 की राह उनके लिए थोड़ी आसान हो सकती है. 

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