इजरायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने रविवार को वैश्विक शक्तियों से ईरान के खिलाफ फिर से सख्त प्रतिबंध लगाने का आग्रह किया. यह प्रतिक्रिया सीरिया में ईरान समर्थक लड़ाकों के घातक हमले के चंद घंटों बाद आई है जो कि तेहरान की क्षेत्रीय "आक्रामकता" पर अंकुश लगाने की कवायद है. नेतन्याहू ने अपनी कैबिनेट को बताया कि "इंटरनेशनल एटॉमिक इनर्जी एजेंसी ने पाया है कि ईरान ने गुप्त जगहों पर एजेंसी के इंस्पेक्टरों को गुप्त परमाणु सैन्य गतिविधियों तक पहुंच देने से इनकार कर दिया."
संयुक्त राष्ट्र के न्यूक्लियर वाचडॉग ने शुक्रवार को कहा कि ईरान ने यूरेनियम का भंडार 2015 में तय सीमा से लगभग आठ गुना बढ़ा लिया है. उसने महीनों तक उन जगहों पर इंस्पेक्शनों को रोका है जहां परमाणु गतिविधियां हो सकती हैं.
नेतन्याहू ने ईरान पर आरोप लगाया कि वह "साइटों को छिपाकर, अलग-अलग सामग्री एकत्रित करके और अन्य तरीकों से अपनी प्रतिबद्धताओं का उल्लंघन कर रहा है." उन्होंने कहा कि "इन जानकारियों के मद्देनजर ईरान पर फिर से कड़े प्रतिबंधों के लिए अंतरराष्ट्रीय समुदाय को अमेरिका के साथ आना चाहिए.
अपनी रविवार की टिप्पणी में नेतन्याहू ने "ईरान की आक्रामकता के खिलाफ कार्य करने" और "ईरान को परमाणु हथियार प्राप्त नहीं करने देने" की इजरायल की दीर्घकालिक प्रतिज्ञा दोहराई. उन्होंने कहा कि ''इज़राइल अपनी सीमाओं पर सैन्य उपस्थिति स्थापित करने के ईरान के प्रयासों के खिलाफ व्यवस्थित काम करना जारी रखेगा."
शनिवार को देर शाम पूर्वी सीरिया के ग्रामीण क्षेत्र दीर एज़ोर प्रांत में एक ईरान समर्थक बेस पर अज्ञात विमानों ने आठ हमले किए जिसमें 12 इराकी और अफगानी लड़ाकों की मौत हो गई.
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