
इस्राइल में हजारों नागरिकों ने रविवार को अपने पूर्व प्रधानमंत्री दिवंगत एरियल शैरोन को अंतिम विदाई दी। शैरोन के निधन पर परस्पर विरोधी प्रतिक्रियाएं आई हैं। इस्राइल के लोगों ने जहां उन्हें हीरो कहा, तो दूसरी ओर अरब दुनिया ने उन्हें 'अपराधी' बताया है।
देश के इतिहास में सबसे प्रभावशाली सैन्य जनरलों में शामिल और विवादित शख्सियत शैरोन का आठ साल तक कोमा में रहने के बाद शनिवार को 85 वर्ष की उम्र में निधन हो गया था।
श्रद्धांजलि समारोह के बाद दक्षिण इस्राइल में उनके सीकामोर रैंच स्थित घर में राजकीय सम्मान के साथ सोमवार को उनका अंतिम संस्कार किया जाएगा। उन्हें उनकी पत्नी लिलि के बगल में दफनाया जाएगा।
शैरोन के अंतिम दर्शन के लिए रविवार दोपहर में इस्राइली संसद 'नेसेत' में हजारों लोगों ने उन्हें श्रद्धांजलि दी।
नेसेत की सेरेमनी समिति के प्रमुख संस्कृति मंत्री लिमोर लिवनत ने पुष्टि की है कि शैरोन का अंतिम संस्कार राजकीय और सैन्य सम्मान के साथ किया जाएगा।
मंत्री ने घोषणा में कहा, 'नेसेत में मेमोरियल सर्विस के बाद शैरोन की शव यात्रा सीकामोर रैंच पहुंचेगी जहां छोटी प्रार्थना सभा का आयोजन किया जाएगा। अंतिम संस्कार राजकीय होगा और उन्हें सैन्य सम्मान से साथ विदा किया जाएगा।'
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