गाजा और लेबनान में जारी युद्ध के बीच इजरायली सैनिकों पर आरोप लग रहे हैं कि वे सैन्य मर्यादाओं को ताक पर रखकर धार्मिक प्रतीकों का अपमान कर रहे हैं. ताजा मामला दक्षिण लेबनान के डेबेल गांव का है. इस जगह पर एक इजरायली सैनिक ने मदर मेरी की मूर्ति के साथ अभद्रता की है.
सोशल मीडिया पर वायरल हो रही इस तस्वीर में एक इजरायली सैनिक मदर मेरी की मूर्ति के मुंह पर जलती हुई सिगरेट लगाए हुए दिख रहा है. सैनिक की इस हरकत का मकसद यह दिखाना था जैसे मूर्ति खुद सिगरेट पी रही हो. सीएनएन (CNN) की रिपोर्ट के मुताबिक, इस तस्वीर की पुष्टि हो चुकी है. इसे उसी इलाके में फिल्माया गया है, जहां पिछले महीने यीशु मसीह की मूर्ति को तोड़ा गया था.
मदर मेरी की मूर्ति की बेअदबी
इस घटना पर सफाई देते हुए इजरायली सेना (IDF) ने कहा है कि वह इस मामले को बेहद गंभीरता से ले रही है और इसकी जांच की जा रही है. सेना के मुताबिक, यह तस्वीर कुछ हफ्ते पुरानी है और संबंधित सैनिक के खिलाफ सख्त अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाएगी. इजरायली सेना ने अपने बयान में कहा, "IDF सभी धर्मों के प्रतीकों और पवित्र स्थलों का सम्मान करती है. जांच के आधार पर दोषी सैनिकों के खिलाफ कमांड स्तर पर कार्रवाई होगी."
हथौड़े से तोड़ी गई ईसा मसीह की मूर्ति
करीब दो हफ्ते पहले इसी डेबेल गांव से एक और फोटो वायरल हुई थी, जिसमें एक इजरायली सैनिक बड़े हथौड़े से सूली पर चढ़े ईसा मसीह की मूर्ति के सिर पर वार करता दिख रहा था. इस घटना ने दुनियाभर के ईसाइयों में भारी आक्रोश पैदा कर दिया था.
इस मामले में इजरायली सेना ने जांच के बाद स्वीकार किया कि उनके सैनिकों से गलती हुई है. मूर्ति तोड़ने वाले मुख्य आरोपी सैनिक और फोटो खींचने वाले उसके साथी को युद्ध की ड्यूटी से हटा दिया गया है और उन्हें 30 दिनों की सैन्य हिरासत (जेल) में भेज दिया गया है. इसके साथ ही, मौके पर मौजूद छह अन्य सैनिकों से भी पूछताछ की जा रही है, जिन्होंने इस कृत्य को रोकने की कोशिश नहीं की.
नेतन्याहू को देनी पड़ी सफाई
धार्मिक प्रतीकों के अपमान की इन घटनाओं ने इजरायली सरकार को बैकफुट पर ला दिया है. विवाद इतना बढ़ा कि प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू को खुद सामने आकर डैमेज कंट्रोल करना पड़ा.
ईसाइयों की नाराजगी दूर करने के लिए नेतन्याहू ने 26 अप्रैल को IDF में सेवा दे रहे ईसाई सैनिकों से मुलाकात की. उन्होंने इस मुलाकात का वीडियो साझा करते हुए संदेश देने की कोशिश की कि इजरायल पूरे मध्य पूर्व में ईसाइयों के अधिकारों की रक्षा कर रहा है.
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