जेफरी एपस्टीन की रहस्यमयी मौत का जिन्न एक बार फिर बाहर आ गया है. अमेरिका की एक अदालत ने वह 'सुसाइड नोट' सार्वजनिक कर दिया है, जिसे लेकर दावा किया जा रहा है कि यह खुद एपस्टीन ने अपनी जान देने से पहले लिखा था. सालों से सील बंद इस पत्र के सामने आने के बाद अब दुनिया भर में इस हाई-प्रोफाइल मामले की चर्चा फिर से तेज हो गई है.
न्यूयॉर्क की एक जेल में अपनी मौत से कुछ हफ्ते पहले लिखे गए इस नोट में एपस्टीन ने जांच अधिकारियों और अपनी स्थिति पर तंज कसा है. न्यूयॉर्क टाइम्स की एक अर्जी पर सुनवाई करते हुए अमेरिकी जिला न्यायालय के न्यायाधीश केनेथ करास ने इस दस्तावेज को सार्वजनिक करने का आदेश दिया.
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खुद से लिखा था आखिरी खत
इस लेटर की लिखावट काफी आक्रामक है. कागज पर लिखे इस नोट में एपस्टीन ने लिखा है, "उन्होंने महीनों तक मेरी जांच की, लेकिन उन्हें कुछ भी नहीं मिला." एपस्टीन ने आगे लिखा कि विदा कहने के लिए अपने वक्त का चुनाव करना एक ट्रीट जैसा है.
हालांकि, अभी तक आधिकारिक तौर पर इस लिखावट की पुष्टि नहीं हुई है, लेकिन इसने मामले में कई नए सवाल खड़े कर दिए हैं.
ग्राफिक नोवेल के बीच में छिपा था नोट
हैरान करने वाली बात यह है कि यह नोट एपस्टीन की मौत के समय नहीं, बल्कि उससे कुछ हफ्ते पहले हुई एक नाकाम खुदकुशी की कोशिश के दौरान मिला था. एपस्टीन के साथी कैदी ने दावा किया है कि उसे यह पत्र एक ग्राफिक नोवेल (किताब) के बीच में दबा हुआ मिला था. जुलाई 2019 में जब एपस्टीन पहली बार अपने सेल में घायल मिला था, यह पत्र उसी समय का बताया जा रहा है.
अगस्त 2019 में एपस्टीन की मौत को आधिकारिक तौर पर आत्महत्या करार दिया गया था, लेकिन जेल की सुरक्षा में बड़ी चूक और सीसीटीवी फुटेज के गायब होने जैसी घटनाओं ने इस थ्योरी पर हमेशा सवालिया निशान लगाए रखे. यही वजह है कि सालों तक एक आपराधिक मामले की कार्यवाही के तहत दबा हुआ यह लेटर अब जांच की दिशा में अहम मोड़ साबित हो सकता है.
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