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इजरायली सेना सैनिकों की भारी कमी से कभी भी 'ढह' सकती है, खुद IDF चीफ ने सरकार के सामने रखे '10 रेड फ्लैग'

Israel Iran War: ईरान जंग के बीच इजरायल की राजनीति में भी फूट नजर आने लगी है. इजरायल के मुख्य विपक्षी नेता यायर लैपिड ने कहा है कि सरकार सेना को युद्ध के मैदान में घायल छोड़ रही है.

इजरायली सेना सैनिकों की भारी कमी से कभी भी 'ढह' सकती है, खुद IDF चीफ ने सरकार के सामने रखे '10 रेड फ्लैग'
इजरायली रक्षा बल (IDF) के प्रमुख लेफ्टिनेंट जनरल इयाल जमीर ने दी चेतावनी

Israel Iran War: गाजा में हमास से जंग, लेबनान में हिजबुल्लाह से जंग और अब एक महीने से ईरान से जंग... इजरायल एक साथ कई मोर्चे में लगातार युद्ध में उलझा हुआ है. आलम अब यह है कि खुद इजरायली रक्षा बल (IDF) के प्रमुख लेफ्टिनेंट जनरल इयाल जमीर ने चेतावनी दी है कि सैन्य दबाव और जवानों की भारी कमी के कारण इजरायली सेना "अंदरूनी तौर पर ढह" सकती है. सुरक्षा कैबिनेट की बैठक के दौरान जमीर ने मंत्रियों के सामने '10 रेड फ्लैग' (खतरे के संकेत) रखे. उन्होंने कहा कि सेना पर मिशन का बोझ बढ़ रहा है, जबकि सैनिकों की संख्या घट रही है. इतना ही नहीं अब इजरायल की राजनीति में भी फूट नजर आने लगी है. इजरायल के मुख्य विपक्षी नेता यायर लैपिड ने कहा है कि सरकार सेना को युद्ध के मैदान में घायल छोड़ रही है.

Q- IDF चीफ कौन से 10 रेड फ्लैग बताए हैं?

  1. जवानों की भारी कमी- युद्ध के लंबे समय तक खिंचने के कारण सक्रिय सैनिकों और रिजर्व बलों की संख्या में भारी गिरावट आई है.
  2. मिशन का बढ़ता बोझ- मौजूदा सैनिकों पर मिशन और ड्यूटी का दबाव उनकी क्षमता से अधिक हो रहा है.
  3. रिजर्व फोर्स की थकान- बार-बार बुलाए जाने के कारण रिजर्व सैनिकों में शारीरिक और मानसिक थकान देखी जा रही है.
  4. अर्थव्यवस्था पर प्रभाव- रिजर्व सैनिकों के लंबे समय तक मोर्चे पर रहने से देश की अर्थव्यवस्था और उनके निजी रोजगार पर बुरा असर पड़ रहा है.
  5. हथियारों की आपूर्ति- लगातार चल रहे युद्ध के कारण गोला-बारूद और सैन्य उपकरणों के स्टॉक में कमी आने का खतरा है.
  6. कमांडरों की कमी- अग्रिम मोर्चे पर अनुभवी फील्ड कमांडरों और अधिकारियों की संख्या घट रही है.
  7. भर्ती में असमानता: समाज के कुछ वर्गों (जैसे अल्ट्रा-ऑर्थोडॉक्स) का सेना में शामिल न होना बाकी सैनिकों में असंतोष पैदा कर रहा है.
  8. प्रशिक्षण में गिरावट: युद्ध में व्यस्तता के कारण नए रंगरूटों और मौजूदा इकाइयों के नियमित प्रशिक्षण के लिए समय नहीं मिल पा रहा है.
  9. मानसिक स्वास्थ्य संकट: युद्ध के लंबे अनुभव के कारण सैनिकों में पोस्ट-ट्रॉमेटिक स्ट्रेस डिसऑर्डर (PTSD) के मामले बढ़ रहे हैं.
  10. अंदरूनी ढांचागत पतन: यदि तुरंत नए सैनिकों की भर्ती और संसाधनों का प्रबंधन नहीं किया गया, तो सेना अंदरूनी तौर पर ढह सकती है.

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Q- इजरायल के मुख्य विपक्षी नेता ने क्या कहा?

पिछले लगभग एक महीने से जारी ईरान जंग के बीच पहली बार इजरायल के विपक्ष ने सरकार के खिलाफ आवाज उठाया है और बताया कि बार-बार की जंग में उलझी सेना कि कितनी हालत खराब है. देश के मुख्य विपक्षी नेता यायर लैपिड ने युद्ध के 27वें दिन TV पर कहा, "मैं इजरायल के नागरिकों को चेतावनी देना चाहता हूं. हम एक और सुरक्षा आपदा का सामना कर रहे हैं."

लैपिड ने कहा, "सरकार बिना किसी रणनीति, बिना आवश्यक साधनों और बहुत कम सैनिकों के साथ सेना को बहु-मोर्चे वाले युद्ध में भेज रही है."

लैपिड ने कहा कि IDF चीफ जमीर ने कैबिनेट को बताया कि जो रिसर्व के सैनिक हैं वो भी  छठे और सातवें रोटेशन पर हैं. लापिड ने कहा कि ये रिजर्व के सैनिक थक चुके हैं और अब हमारी सुरक्षा चुनौतियों का सामना नहीं कर सकते.

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