- संयुक्त राष्ट्र महासचिव ने इजरायल और हिजबुल्लाह के संघर्ष से लेबनान की स्थिति गाजा जैसी होने का खतरा जताया
- इजरायल ने लेबनान के दक्षिणी हिस्से में लितानी नदी तक नियंत्रण कर एक सुरक्षा जोन बनाने की रणनीति अपनाई है
- इजरायल रक्षा मंत्री ने स्पष्ट किया कि सेना दक्षिणी लेबनान के लगभग दसवें हिस्से पर कब्जा करना चाहती है
क्या ईरान जंग का फायदा उठाकर इजरायल लेबनान पर उसी तरह कब्जा कर रहा है जैसा कि उसने गाजा में किया है? संयुक्त राष्ट्र के महासचिव एंटोनियो गुटेरेस ने ठीक यही डर जताया है. उन्होंने कहा कि इजरायल और हिजबुल्लाह के बीच हो रही लड़ाई कहीं लेबनान को उसी हाल में नहीं पहुंचा दे जैसा हाल गाजा का हुआ है. गाजा फिलिस्तीनी क्षेत्र है और कई सालों के संघर्ष से बुरी तरह तबाह हो चुका है. चलिए आपको बताते हैं कि जंग के बीच इजरायल लेबनान में क्या कुछ कर रहा है?
ईरान जंग के बीच लेबनान में इजरायल का हमला
इजरायल ने लगभग दो दशकों तक दक्षिणी लेबनान पर कब्जा रखा था और वर्ष 2000 में वहां से निकला था. लेबनान इजरायल के उत्तर में मौजूद पड़ोसी देश है और वहां हिजबुल्लाह की मौजूदगी है जिसे इजरायल अपना दुश्मन मानता है. हिजबुल्लाह को ईरान का सपोर्ट है और जैसे ही ईरान के खिलाफ अमेरिका और इजरायल की जंग शुरू हुई, इजरायल ने लेबनान पर भी हमा शुरू कर दिया. इजरायल ने जमीन पर भी सैनिक भेजे हैं ताकि सीमा से लगभग 30 किलोमीटर (20 मील) दूर तक लितानी नदी तक के इलाके पर नियंत्रण लिया जा सके और एक बफर जोन बनाया जा सके.
इजरायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने कहा कि सेना पहले ही एक “वास्तविक सुरक्षा जोन” बना चुकी है और अब उसे और बढ़ाया जा रहा है, जिससे सेना लेबनान के अंदर और आगे तक जा रही है. नेतन्याहू ने अपने ऑफिस द्वारा शेयर किए गए एक वीडियो में कहा, "हम बस एक बड़ा बफर जोन (सुरक्षा क्षेत्र) बना रहे हैं, जिससे इजरायल पर जमीनी हमला और मिसाइल हमले रोके जा सकें.”
लेबनान में 1000 से ज्यादा लोगों की मौत
इजरायल के लेबनान पर हमलों से देश के दक्षिणी हिस्से और राजधानी बेरूत के कुछ भागों में भारी तबाही हुई है और 1,000 से ज्यादा लोगों की मौत हो चुकी है. 10 लाख से ज्यादा लोगों को अपने घर छोड़ने पर मजबूर होना पड़ा है. संयुक्त राष्ट्र के मानवाधिकार प्रमुख ने इजरायल की कार्रवाइयों की आलोचना की है, खासकर बड़े पैमाने पर जारी किए गए खाली करने के आदेशों को लेकर.
लेबनान के स्वास्थ्य मंत्रालय के अनुसार, मरने वालों में लगभग 120 बच्चे, 80 महिलाएं और 40 चिकित्सा कर्मी शामिल हैं. हालांकि मंत्रालय यह अलग-अलग नहीं बताता कि उनमें नागरिक कितने थे और लड़ाके कितने. इस लड़ाई में लेबनान में दो इजरायली सैनिक भी मारे गए हैं.
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