- ईरानी राष्ट्रपति मसूद पेजेश्कियन ने सऊदी क्राउन प्रिंस से युद्ध रोकने के प्रयासों का समर्थन किया है
- पेजेश्कियन ने अमेरिकी धमकियों को क्षेत्र की सुरक्षा के लिए खतरनाक और अस्थिरता बढ़ाने वाला बताया है
- अमेरिका का विमानवाहक पोत यूएसएस अब्राहम लिंकन और सहायक युद्धपोत मिडिल ईस्ट क्षेत्र में पहुंच गया है
ईरानी राष्ट्रपति मसूद पेजेश्कियन ने सऊदी क्राउन प्रिंस मोहम्मद बिन सलमान से फोन पर बातचीत में कहा कि तेहरान अंतरराष्ट्रीय कानून के दायरे में रहते हुए युद्ध को रोकने वाले किसी भी प्रयास का हमेशा स्वागत करता है. ईरानी मीडिया ने मंगलवार को यह जानकारी दी.
ईरान ने दिखाई नरमी
ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेजेश्कियन ने सऊदी अरब के क्राउन प्रिंस मोहम्मद बिन सलमान को बताया कि इस्लामी गणराज्य के खिलाफ अमेरिकी धमकियों से केवल अस्थिरता ही पैदा होगी. अमेरिकी विमानवाहक पोत के क्षेत्र में पहुंचने के बाद, पेजेश्कियन ने प्रिंस मोहम्मद से कहा, "अमेरिकी धमकियों और ऑपरेशंस का उद्देश्य क्षेत्र की सुरक्षा को भंग करना है और इससे उन्हें अस्थिरता के अलावा कुछ भी हासिल नहीं होगा." उनके कार्यालय के अनुसार, पेजेश्कियन ने प्रिंस मोहम्मद से कहा कि इस्लामी देशों की एकता और एकजुटता क्षेत्र में स्थायी सुरक्षा, स्थिरता और शांति की गारंटी दे सकती है.
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अमेरिकी जहाज पहुंच गया है ईरान के पास
आपको बता दें कि अमेरिका का जंगी जहाज यूएसएस अब्राहम लिंकन (USS Abraham Lincoln carrier) और उसके साथ तमाम सहायक युद्धपोत मिडिल ईस्ट क्षेत्र में आ गए हैं. अब अगर अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप आदेश देते हैं तो अमेरिकी सेना कभी भी ईरान के खिलाफ सैन्य कार्रवाई कर सकती है. इस बीच ईरान और सऊदी अरब के बीच बातचीत बड़ा मैसेज माना जा रहा है.
UAE ने ईरान को पहले ही दी थी राहत
इससे पहले, संयुक्त अरब अमीरात के विदेश मंत्रालय ने सोमवार को एक बयान में कहा कि वह अपनी धरती से ईरान पर हमले नहीं होने देगा. पिछले हफ्ते, राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा था कि अमेरिका का एक "विमान बेड़ा" खाड़ी की ओर बढ़ रहा है और प्रदर्शनकारियों पर हुई हिंसक कार्रवाई के बाद वाशिंगटन ईरान पर कड़ी नजर रख रहा है. UAE के विदेश मंत्रालय ने एक बयान में कहा कि उसने ईरान के खिलाफ किसी भी शत्रुतापूर्ण सैन्य कार्रवाई में अपने हवाई क्षेत्र, धरती या जलक्षेत्र का इस्तेमाल नहीं होने देने की अपनी प्रतिबद्धता की पुष्टि की है.
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